दिल्ली में रविवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘बेहद खराब’ की श्रेणी में रही। दिन में तेज सतही हवाएं चलने से प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आने की संभावना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। राष्ट्रीय राजधानी में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 रहा, वहीं शनिवार को 24 घंटे का औसत एक्यूआई 374 रहा। फरीदाबाद में एक्यूआई (347),गाजियाबाद में (344), ग्रेटर नोएडा में (322), गुड़गांव में (345) और नोएडा में एक्यूआई (356) रहा जो,‘‘बेहद खराब’’ की श्रेणी में आता है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के वायु गुणवत्ता निगरानीकर्ता ‘सफर’ के अनुसार 21 नवंबर से 23 नवंबर के बीच सतही हवा के मजबूत होने की उम्मीद है जिससे प्रदूषक कण छितरा सकते हैं और वायु गुणवत्ता में सुधार आ सकता है। इसने कहा,‘‘ इस अवधि में पश्चिमोत्तर दिशा से आने वाली हवाओं के मजूबत होने की संभावना है,जिससे दिल्ली में स्थानीय स्तर पर उत्सर्जित प्रदूषण साफ हो जाएगा और यह हवा के साथ दक्षिणपूर्वी क्षेत्र में चला जाएगा और इससे वायु गुणवत्ता में सुधार के आसार हैं।’’
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शहर में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। अधिकतम तापमान के 27 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहने का अनुमान है।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए सोमवार को दस दिशा निर्देश जारी किए जिनमें ट्रक के प्रवेश पर रोक, स्कूल तथा कॉलेज बंद करने, निर्माण कार्यों पर रोक आदि कदम शामिल है।
राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को भी वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई. हालांकि, तेज हवाओं के कारण सोमवार तक इसमें उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है. रविवार की सुबह 9 बजे के करीब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 347 दर्ज किया गया, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है. शनिवार को यह आंकड़ा 377 था. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है.
इस बीच, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय अत्यधिक प्रदूषण को काबू करने के लिए शहर में लागू किए गए प्रतिबंधों की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक करेंगे.
वहीं दिल्ली में 21 नवंबर तक ही शहर में निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक और अपने कर्मचारियों को रविवार तक घर से काम करने का भी आदेश दिया है. फिलहाल 21 नवंबर तक प्रदूषण में सुधार नहीं होने से फिर से कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं. प्रदूषण की आपात स्थितियों के चलते 16 नवंबर की देर राज जिन पाबंदियों को CAQM (कमीशन फॉर एयर क्वालिटी) ने लागू किया था उनमें कई की समय सीमा आज खत्म हो रही है. हालांकि आज दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को लेकर एक बार से कोई फैसला ले सकती है.
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘बहुत खराब’ श्रेणी में
सफर-इंडिया के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक वर्तमान में ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है. हालांकि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शनिवार को दिल्ली मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन बसों में यात्रियों को खड़े होकर जाने की अनुमति दे दी है ताकि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों के स्थान पर सार्वजनिक परिवहन के साधनों का इस्तेमाल कर सकें. इस कदम का उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या की जांच करके वायु प्रदूषण को कम करना है. परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली के लोगों से सार्वजनिक परिवहन पर जाने और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करने का अनुरोध किया था.
प्रदूषण कम करने के लिए 21 नवंबर तक ही निर्देश
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 10 दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें शहर में गैर-जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों के प्रवेश पर रोक और अगले आदेश तक स्कूल-कॉलेज बंद करना शामिल है. दिल्ली सरकार ने 21 नवंबर तक शहर में निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगा चुकी है. उसने अपने कर्मचारियों को रविवार तक घर से काम करने का भी आदेश दिया है. हालांकि 21 नवंबर तक दिल्ली में प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है.
दिल्ली सरकार आज फिर ले सकती है फैसला
दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में कुछ भी सुधार नहीं देखते हुए सरकार वर्क फ्रॉर्म होम और निर्माण कार्य पर रोक के आदेश की तिथियों को आगे बढ़ाने का फैसला कर सकती है. हालांकि ट्रकों की एंट्री की रोक को आगे बढ़ाने पर फिलहाल संदेह अभी भी बनी हुई है. बॉर्डर पर अभी भी बड़ी संख्या में ट्रकों की लंबी लाइन लगी हुई है. दिल्ली की सप्लाई चेन प्रभावित होने से व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है.
दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में वायु गुणवत्ता
पीएम2.5 कण जिन्हें फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने के लिए जाना जाता है, राष्ट्रीय राजधानी के कई क्षेत्रों में प्रमुख प्रदूषक बने रहे. हालांकि, केंद्र द्वारा संचालित प्रदूषण निगरानी प्रणाली के अनुसार, शहर के PM2.5 स्तर पर पराली का योगदान नगण्य है. PM2.5 कणों की सांद्रता दिल्ली विश्वविद्यालय (उत्तर परिसर) क्षेत्र में 357, पूसा में 347, मथुरा रोड में 346, लोधी रोड में 342, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (टर्मिनल 3) में 346, IIT दिल्ली में 346, और आयानगर में 337 दर्ज किया गया.







