दीपावली तथा छठ खत्म होने के साथ ही अब परदेशी अब वापस लौटने लगे हैं। पर्व–त्योहार को लेकर राज्य से बाहर रहने वाले लोग अपने घर पहुंचे थे तथा अब वे वापस लौट रहे हैं। ट्रेनों के परिचालन तथा नियमों में आये बदलाव से परदेशवासियों को भारी परेशानी हो रही है। पहले से जिन लोगों का आरक्षण था‚ उन्हें तो कोई खास परेशानी नहीं हो रही‚ लेकिन जो वेटिंग लिस्ट में थे या जेनरल बोगी के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है। ॥ हालांकि इस भीड़़ से निपटने के लिए रेलवे की ओर से बड़़ी संख्या में पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है‚ बावजूद इस भीड़़ से निपटना रेलवे के लिए बड़़ी चुनौती बनी हुई है। वहीं‚ बाहर जानेवाली बसों में भी भारी भीड़़ है‚ दूसरी ओर बहुत सारे लोग टैक्सी रिजर्व कर लंबी–लंबी दूरी सफर कर रहे हैं। ॥ यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से कई विशेष ट्रेनों का परिचालन भी किया जा रहा है‚ लेकिन भीड़़ के मद्ेनजर यह व्यवस्था अपर्याप्त नजर आ रही है। दूसरी तरफ‚ कम दूरी के लिए सफर करने वाले यात्रियों की भी इन दिनों काफी भीड़़ है। सभी पैसेंजर गाडि़़यों में खचाखच भीड़़ है‚ जिससे महिला यात्रियों व बच्चों को यात्रा के दौरान भारी परेशानी का सामना करना पड़़ रहा है।
दरअसल‚ छठ के बाद लोग अपने कार्य स्थल पर लौटने लगते हैं तथा यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। यही वजह है कि इन दिनों बस स्टैंड़ एवं स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़़ अचानक बढ़ गई है। एक यात्री ने बताया कि भीड़़ के साथ ही साथ सबसे बड़़ी समस्या यात्रा में सामान की है। ठंड़ भी शुरू हो रही है तथा सभी लोग अपने–अपने घर से कार्यस्थल की ओर लौट रहे हैं। ऐसे में‚ सभी अपने घर से छठ के परसाद के अलावा ठंड़ के कपड़े़‚ अनाज एवं अन्य तरह का सामान भी लेते जा रहे हैं। नतीजा यह है कि बस एवं ट्रेनों में भारी भीड़़ के साथ ही साथ हर तरफ सामान ही सामान दिख रहा है तथा कहीं भी पैर रखने की जगह नहीं है। बहरहाल‚ कार्तिक पूर्णिमा तक यात्रियों की आवाजाही इसी तरह जारी रहेगी।







