दिवाली की तैय्यारियां शुरू हो गई हैं. में रौनक नजर आ रही है। घर सजाने के सामान से लेकर दिवाली पूजन सामग्री से बाजार अटे पड़े है। इस बार भी वोकल फॉर लोकल का नारा है। सबसे ज्यादा अट्रैक्टिव दीये, कैंडल, लाइट, सजावट सामग्री लोकल ही डिमांड में हैं। ऐसे में भारतीय बहुभाषीय ऐप पर भी लोग वोकल फॉर लोकल को इतना सपोर्ट कर रहे हैं कि ट्रेंड होने लगा. अनगिनत लोग Koo कर ना केवल मिट्टी के दिए बनाने धन्यवाद कर रहे हैं बल्कि साथ ही लोगो से अपील भी कर रहे हैं कि वो देशी सामान अपनाएं और देश को मजबूत करें.
हलांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी हाल ही में लोगों को ‘वोकल फॉर लोकल’ की याद दिलाई। वाराणसी में प्रधानमंत्री कहा था कि हमें इस दिवाली में भी अपने स्थानीय कामगारों का ख्याल रखना है। हम जितना अधिक ‘वोकल फॉर लोकल’ होंगे, उतना ही हमारे परिवारों में खुशहाली आएगी। उन्होंने लोगों से धनतेरस से दीवाली तक स्थानीय उत्पादों की खरीदारी का आह्वान किया था। इसके साथ यह भी कहा कि लोकल का मतलब सिर्फ मिट्टी के दीये नहीं हैं।
पीएम मोदी की इस अपील के बाद लोगों लोगो में और भी ज़्यादा उत्साह बढ़ गया.
आईए दिखाते है आपको इससे जुड़ी एक झलक सोशल मीडिया पर मौजूद पोस्ट की
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