बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिलहाल राज्यसभा के सांसद हैं। उससे पूर्व वे बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बीच में एक बार उन्होंने जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया था। बाद में वो खुद इस पद पर बैठे और उसके बाद वे लगातार बिहार के मुख्यमंत्री के पद की शोभा बढ़ाते रहे। इस दौरान 15 अगस्त के मौके पर गांधी मैदान में वहीं झंडोतोलन करते थे। पूर्व सीएम नीतीश कुमार झंडोतोलन के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित करते थे। पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने अपने कार्यकाल में 18 बार झंडोतोलन किया है। जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
नीतीश कुमार के नाम कायम है रिकॉर्ड
अभी तक बिहार के किसी भी मुख्यमंत्री के नाम ये रिकॉर्ड नहीं है। बिहार का मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने सबसे ज्यादा बार गांधी मैदान में झंडा फहराया। उनका ये रिकॉर्ड जानकर आज भी जेडीयू के कार्यकर्ता खुशी से फूले नहीं समाते। इतना ही नहीं, उनका ये रिकॉर्ड उनके बेटे और बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के लिए भी गर्व करने का विषय है। उनके पिता वर्तमान राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री के नाम सबसे ज्यादा बार गांधी मैदान में झंडा फहराने का रिकॉर्ड है।
बिहार के पूर्व CM नीतीश कुमार के बारे में जानिए
1 मार्च, 1951 को जन्मे नीतीश कुमार को सुशासन बाबू के नाम से जाना जाता है। उनके पिता स्व. राम लखन सिंह जी स्वत्रंता सेनानी और विख्यात गांधीवादी नेता थे।
नीतीश कुमार ने बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पटना से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। राजनीतिक परवरिश देश के महान समाजवादी राजनेताओं के इर्द-गिर्द हुई।
नीतीश कुमार ने राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण, वी.पी सिंह जैसे राजनीतिक दिग्गजों की देख-रेख में सभी दृष्टिकोणों समझा और परखा।
नीतीश कुमार ने साल 1974 से 1977 तक चले जयप्रकाश नारायण के आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर के लिए समाजवाद का रास्ता चुना।
वे लगातार वर्ष 1989 से लेकर 2004 तक बाढ़ निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव जीतते रहे। वर्ष 2001 से 2004 के बीच कैबिनेट मंत्री के तौर पर रेल मंत्रालय जैसी जिम्मेदारी को भी बखूबी संभाला।
नीतीश कुमार को कई पुरुस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। जिनमें फ़ोर्ब्स इंडियन पर्सन ऑफ दि इयर अवॉर्ड, जेपी स्मारक पुरस्कार, इकोनॉमिक टाइम्स बिजनेस रिफार्मर ऑफ दि इयर, पोलियो उन्मूलन चैम्पियनशिप अवार्ड,सफल शराबबंदी के लिए अणुव्रत सम्मान, एनडीटीवी इंडियन ऑफ दि इयर अवॉर्ड आदि हैं।
पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी
ध्यान रहे कि नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च, 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन उनका ये कार्यकाल महज सात दिनों का रहा। यानी 10 मार्च को बहुमत साबित नहीं करने की वजह से उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। उसके बाद नीतीश कुमार दोबारा नवंबर 2005 में दोबारा मुख्यमंत्री बने और उसके बाद लगातार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। बीच में जीतन राम मांझी का कार्यकाल छोड़कर। इस दौरान उन्होंने हर साल गांधी मैदान में झंडोतोलन किया। इस मौके पर प्रदेशवासियों को संबोधित किया।
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2023 में गांधी मैदान में टूटा था सुरक्षा घेरा
पटना के गांधी मैदान में 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के झंडोतोलन करते वक्त एक 26 वर्षीय युवक ने सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया था। संयोग से उसका भी नाम नीतीश कुमार ही था। 26 वर्षीय युवक सुरक्षा घेरा तोड़कर मंच के पास पहुंचने का प्रयास कर रहा था। मुंगेर जिले का रहने वाला युवक मृत पिता की जगह अनुकंपा पर अपनी नौकरी पाना चाहता था। बाद में सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। उसके अलावा 15 अगस्त के मौके पर ही नीतीश कुमार ने 20 लाख नौकरी देने का वादा किया था।







