प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को भी याद किया। राष्ट्रपित महात्मा गांधी को भी पीएम मोदी ने स्मरण किया। संबोधन से पहले राजघाट जाकर उन्हें श्रद्धांजलि किया। लाल किले से इस बार करीब 76 मिनट के संबोधन में पीएम मोदी ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 साल में भारत ने नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं और अब 140 देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है। पीएम मोदी ने संबोधन में खादी का भी जिक्र किया।
पीएम मोदी ने गांधी-नेहरू को किया याद
प्रधानमंत्री ने कहा, मैंने लाल किले से पंच प्राण की बात की थी। इसने हमारे संकल्पों को बड़ा बल दिया। जिस भारत का सपना, महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सुभाष चंद्र बोस, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बिरसा मुंडा, ज्योतिबा फुले ने देखा था। आइये इन संकल्पों को हम दोहराएं। मैं सभी देशवासियों से कहूंगा कि समय हमारा है, अवसर हमारा है, संकल्प हमारा है। पीएम मोदी ने कहा कि आइये सपनों को संकल्प बनाएं, संकल्प को सामर्थ्य बनाएं और सामर्थ्य को सफलता में बदल कर रहें। आइये हर कदम को विकास का कदम बनाएं, कदम से कदम मिलाएं, मन से मन मिलाएं, लक्ष्य से जुड़े रहें, एक दीप से जलें दीप हजारों, आओ मिलकर विकसित भारत बनाएं।
खादी को लेकर कह दी बड़ी बात
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा। खादी और ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इतना ही नहीं, आधुनिक युग को लेकर भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया। इंटरनेट यूजर्स और कंज्यूमर्स करीब-करीब 4 गुना बढ़े। पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े। सामान्य मानवी की सुविधा की ओर भी हमने उतनी ही गंभीरता से काम किया।
गवर्नेंस में बहुत बदलाव आया है: PM
पीएम मोदी ने कहा कि गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। सैकड़ों की तादाद में पुराने कानून खत्म किए गए। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती। हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने ‘नल से जल’ कनेक्शन दिए। हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए। हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचालय बनाने का काम किया। हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया।
‘2047 में ‘विकसित भारत’ बनने का संकल्प अधूरा नहीं रह सकता’
प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन करीब 76 मिनट का रहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया। हमने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ताकत दी। जिस स्पीड से और जिस स्केल पर काम किया, ये सब, ये रफ्तार, ये विस्तार, ये उपलब्धि आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक ने देखा है। जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने है, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है तब तो 2047 में ‘विकसित भारत’ बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है।
आत्मविश्वास और आत्म-गौरव की जरूरत: मोदी
उन्होंने कहा कि ये सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं, लेकिन उसके लिए आत्मविश्वास और आत्म-गौरव की जरूरत होती है। साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत होना भी बहुत जरूरी होता है। इसलिए बीते वर्षों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, जल्दी मिलता है लेकिन उससे हमारा सामर्थ्य तैयार नहीं होता। और न हमारे सामर्थ्य की कसौटी होती है। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है, इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बहुत दृढ़ता के साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।







