भारत आज अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूमधाम और गर्व के साथ मना रहा है। पीएम मोदी मुख्य समारोह की अगुवाई की लाल किले की प्राचीर से कर रहें हैं, जहां वे लगातार 13वीं बार ध्वजारोहण किए। सुरक्षा के लिहाज से पूरी राजधानी को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। 25,000 से अधिक जवानों की तैनाती, 1,000 से ज्यादा एआई (AI) आधारित सीसीटीवी कैमरों और एंटी-टेरर रिस्पॉन्स मैकेनिज्म के साथ लाल किले पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सप्त शक्ति मंत्र दिया है. उन्होंने भारत की स्वतंत्रता की 80वीं वर्षगांठ पर कहा कि भारत सप्त सिंधु की सभ्यता का देश है. इस मौके पर हम सप्त धाराओं की बात करेंगे. हमें सप्त शक्ति की ओर बढ़ना होगा. प्रधानमंत्री ने इसी के आधार पर भविष्य के भारत के लिए 7 लक्ष्य भी तय किए. इसके तहत पहला टारगेट उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को विकसित करने का रखा. पीएम मोदी ने कहा कि हमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ाना है. छोटे-छोटे पुर्जों से लेकर बड़ी चीजों तक को तैयार करना है. डिजाइन से मैन्युफैक्चरिंग तक भारत को दुनिया का केंद्र बनना होगा.
दूसरा टारगेट पीएम मोदी ने फूड प्रोसेसिंग का रखा. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास क्या कुछ नहीं है. फल, फूल, मसाले और खेती के तमाम उत्पादों को हम दुनिया में पहुंचा सकते हैं. इनके जरिए हम आसानी से दुनिया में पहुंच सकेंगे.
तीसरा टारगेट पीएम मोदी ने तकनीक और इनोवेशन को बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने यूपीआई समेत कई चीजों में अपना लोहा मनवा लिया है. अब हमें डिजिटल क्रांति में तेजी लानी है. उन्होंने कहा कि अब यह दुनिया की इकॉनमी का भी बड़ा हिस्सा है.
गति शक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथा टारगेट बताया. उन्होंने कहा कि हमें अपनी स्पीड बढ़ानी होगी. इसके लिए एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, पोर्ट्स समेत तमाम चीजें चाहिए. जिससे हमारे काम की स्पीड बढ़े.
रक्षा शक्ति को पीएम मोदी ने पांचवा लक्ष्य बताया. उन्होंने कहा कि इसका महत्व सबसे अधिक है. उन्होंने कहा कि डिफेंस में आत्मनिर्भर होना जरूरी है. दुनिया और भारत ने अनुभव कर लिया है कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है. जब दुनिया में सब अपनी-अपनी सोच रहे हैं तो हम सिर्फ बाजार बनकर नहीं रह सकते. हमें ग्लोबल सप्लायर बनने की ओर बढ़ना होगा. हमें ड्रोन और एंट्री ड्रोन की दिशा में खुद को मजबूत करना होगा. इसके अलावा साइबर सिक्योरिटी पर भी काम करना होगी.
ग्रीन और ब्लू इकॉनमी के विकास को पीएम मोदी ने छठा लक्ष्य बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन मोबिलिटी की बात करनी होगी. जब दुनिया ग्लोबल वार्मिंग की चिंता कर रही है तो हम समाधान दे रहे हैं. भारत के पास ब्लू इकॉनमी के लिए भी बड़ा अवसर है. कोस्टल टूरिज्म, मत्स्य पालन समेत कई चीजे हैं.
अंत में उन्होंने सातवीं शक्ति की बात की और सॉफ्ट पावर का जिक्र किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सॉफ्ट पावर हमारी बड़ी ताकत है. आज योग ने पूरी दुनिया को भारत के साथ जोड़कर रखा है. इससे दुनिया में भारत के प्रति विश्वास बढ़ा है. जिस भारत के पास योग, आयुर्वेद जैसी चीजें हैं. वह किसी को भी दिशा दे सकता है. हमारी फिल्में, डिजिटल कॉन्टेंट, गाने समेत कई चीजें ऐसी हैं, जिससे हम दुनिया में अपनी ताकत दिखा सकते हैं.
पीएम मोदी के भाषण के बड़े अपडेट————–
पीएम मोदी ने रखा अगले पांच साल का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भारत के विकास और आत्मनिर्भरता को गति देने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ (ऊर्जा की सात धाराओं) का आह्वान किया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, गति-शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी, और भारत की सॉफ्ट पावर को इन सात शक्तियों के रूप में रेखांकित किया।
जब सोच ठहर जाती है तो हम क्षमता को नहीं पहचान पाते
देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ” किसी देश की तरक्की अक्सर संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि उसकी सोच की सीमाओं से रुकती है। जब सोच ठहर जाती है और दायरे में सिमट जाती है, तो हम अपनी असली क्षमता को नहीं पहचान पाते। आज भी देश कच्चे तेल के लिए दूसरों पर निर्भर है और यह स्थिति एक गलत सोच का नतीजा है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि इसी सोच की वजह से हमारे समुद्र तट का 99% हिस्सा ‘नो-गो एरिया’ (जहाँ जाने की मनाही हो) घोषित कर दिया गया था। हमने समुद्र की गहराइयों को खंगालने का विचार ही छोड़ दिया था। यह सोच की गरीबी थी। हमने तय किया कि ऐसा नहीं चल सकता। हमने उस 99% हिस्से को—जो कभी ‘नो-गो ज़ोन’ हुआ करता था—अब ‘गो-अहेड जोन’ (जहाँ जाने की इजाज़त हो) बना दिया है। अब हम समुद्र की गहराई में खोज करने और नए भंडार ढूंढने के काम में तेजी से जुटे हैं। पिछले साल हमने इस दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए ‘समुद्र मंथन’ पहल की घोषणा की थी, और हाल ही में हमने इस काम को और तेज़ करने के लिए ₹85,000 करोड़ आवंटित करने का फैसला किया है।”
आत्मनिर्भर भारत बनना बहुत जरूरी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनना बहुत जरूरी है। इसीलिए, पिछले कुछ सालों से हमारा यह पक्का इरादा रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, हमें आत्मनिर्भर बनना होगा… हमें अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। इसी संकल्प के साथ, हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। हर भारतीय ‘मेक इन इंडिया’, ‘स्वदेशी’ और ‘लोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों से जुड़ रहा है।”
देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सभी ने किया प्रयास
लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…पिछले 12 वर्षों में, अनगिनत नागरिकों—चाहे वे दलित हों, शोषित हों, हाशिए पर रहने वाले हों या आदिवासी, ग्रामीण हों या शहरी, गरीब हों या मध्यम वर्ग के, युवा हों या बुजुर्ग, महिलाएं हों या पुरुष, उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम से हों, सभी ने देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए अटूट संकल्प और समर्पण के साथ हर संभव प्रयास किया है। मैं इन प्रयासों का सम्मानपूर्वक सम्मान करता हूं।”
दुनिया हमें अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर- पीएम मोदी
स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “आज भारत का एक बड़ा सपना है कि 2047 तक वह एक विकसित देश बने। जब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश विकसित देश बनने का संकल्प लेता है, तो यह हमारे साहस की पहचान बन जाता है और दुनिया हमें एक अलग नजरिए से देखने के लिए मजबूर हो जाती है।”







