बिहार में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार कई जिलों में फैलता जा रहा है। अब तक राज्य के18 जिलों में छात्रों की ओर से उग्र प्रदर्शन किया गया। इसे देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। 24 जुलाई से सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं ताकि राज्य में शांति व्यवस्था कायम रहे।
छात्रों केआंदोलन को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने का आदेश दिया गया है। विधि-व्यवस्था प्रभाग ने सभी क्षेत्रीय आईजी-डीआईजी और एसपी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आंदोलन, धरना-प्रदर्शन आदि की संभावना को देखते हुए पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। शहरों के प्रमुख चौक-चौराहों पर एहतियातन फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखने का निर्देश दिया हया है। फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, वाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल माध्यमों की लगातार मानीटरिंग की सलाह दी गई है, ताकि भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित करने से रोका जा सके। गलत सूचना फैलाने वालो लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद जिलों में छात्र संगठनों की गतिविधियों और कार्यक्रमों की पूर्व सूचना संकलित करने का काम शुरू हो गया है। वज्र वाहन और वाटर कैनन को 24 घंटे तैयार हालत में रखा जा रहा है।
पटना में 22 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई
पटना में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। बुधवार को हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में राजधानी के तीन थानों में लगभग 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुल 21 प्राथमिकी शहर के अलग- अलग थानों में दर्ज है, जिसमें 57 उपद्रवियों को पकड़ा है, सरकारी काम में बाधा, हिंसा, उपद्रव, जानलेवा हमला और सरकारी संपतियों को नुकसान पहुंचाने के मामले में दर्ज किया गया।वहीं, अराजकता और उपद्रव फैलाने वाले 117 प्रदर्शनकारियों को पटना पुलिस चिन्हित किया है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इनकी तस्वीरें भी जारी हुई है। ये लोग पुलिस पर ईंट पत्थर फेंकते, बैरिकेड, तोड़ते और उपद्रव मचाते दिख रहे हैं। पुलिस का दावा है कि संख्या और भी बढ़ सकती है, हालांकि उपद्रवियों की पहचान के लिए बिहार पुलिस की साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU), Dail 100 अन्य वीडियो फुटेज के माध्यम से पहचान करने में जुटी है। इधर, लॉ एंड ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने कल से सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टी अगले आदेश तक रद्द कर दी है।
यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स पर पैनी नजर
पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी साजिश की आशंका की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, पोस्ट और मैसेज की पड़ताल कर रही हैं। साथ ही, कुछ यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
पुलिस को संदेह है कि कुछ लोगों ने प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने या भीड़ को उकसाने का प्रयास किया हो। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी की भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।
पटना में 55 गिरफ्तार
पटना में 22 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है. अब तक 55 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि आम लोगों की ओर से 12 अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गई हैं. सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं. उनकी पहचान कर गिरफ्तारी की जा रही है.
कैसे बिगड़े प्रदर्शन के हालात?
NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के विरोध में बुधवार को AISA के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्र और अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरे थे। शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस के अनुसार कुछ लोग प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने लगे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़ गए और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।
हिंसा के पीछे साजिश की भी जांच
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो गए थे, जिन्होंने जानबूझकर माहौल खराब करने और हिंसा भड़काने की कोशिश की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या हिंसा पहले से सुनियोजित थी या मौके पर हालात बिगड़े। इसके लिए घटनास्थल की वीडियोग्राफी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया और YouTubers भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच अब सोशल मीडिया तक भी पहुंच गई है। जांच एजेंसियां उन पोस्ट, वीडियो और संदेशों की पड़ताल कर रही हैं, जो प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान वायरल हुए थे। इसके अलावा कुछ YouTubers और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पटना पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हिंसा, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन को लेकर कुल 21 प्राथमिकी दर्ज की गई है। विभिन्न थानों में मामले दर्ज किए गए हैं।







