बिहार विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा सियासी मुद्दा बन गई है. बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच अब तक उनके प्रचार में नहीं उतरने और मानसून सत्र में शामिल होने को लेकर बने संशय पर बीजेपी और जेडीयू ने तीखा हमला बोला है. सत्ता पक्ष इसे विपक्ष की जिम्मेदारी से जोड़कर सवाल उठा रहा है. बता दें कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र की अवधि केवल 5 दिनों की है और ऐसे में तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. एनडीए नेताओं का आरोप है कि तेजस्वी यादव ‘बिहार में राजनीति और विदेश में छुट्टी’ का एक नया मॉडल लेकर आए हैं, जो न सिर्फ सदन का बल्कि बिहार की जनता का भी सीधा अपमान है.
बांकीपुर उपचुनाव को भी बनाया मुद्दा
बता दें कि तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर हैं. ऐसे में उनके मानसून सत्र में शामिल होने को लेकर भी संशय बना हुआ है. इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और जेडीयू लगातार हमलावर हैं. सत्ता पक्ष का कहना है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजद की उम्मीदवार प्रचार कर रही हैं, लेकिन पार्टी के सबसे बड़े नेता अब तक चुनाव प्रचार में नहीं पहुंचे हैं. बीजेपी और जेडीयू का आरोप है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण समय में नेता प्रतिपक्ष का विदेश में होना राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है. हालांकि, यह भी स्पष्ट नहीं है कि तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा निजी है या पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा. राजद की ओर से इस पर विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है.
बीजेपी का तेजस्वी यादव पर निशाना
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने तेजस्वी यादव की विदेश यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह राहुल गांधी को अपना आदर्श मानते हैं. उनके मुताबिक राहुल गांधी विदेश यात्रा से लौट आए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव अभी भी विदेश में हैं. शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बांकीपुर में उनकी पार्टी की उम्मीदवार अकेले प्रचार कर रही हैं, जबकि तेजस्वी यूरोप में हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जितना समय तेजस्वी यूरोप में बिताते हैं, उतना यदि बिहार में बिताते तो उनकी पार्टी की राजनीतिक स्थिति अलग होती. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव की बिहार की राजनीति में रुचि कम दिखाई देती है.
जेडीयू ने भी तेजस्वी पर उठाए सवाल
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने भी नेता प्रतिपक्ष की गैरमौजूदगी को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया. उन्होंने कहा कि बिहार के लोग पूछ रहे हैं कि तेजस्वी यादव कहां हैं. उनके अनुसार परसों से विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और बांकीपुर में उपचुनाव भी चल रहा है. ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष का राज्य से बाहर होना उचित संदेश नहीं देता. राजीव रंजन ने यह भी कहा कि राजद के घटते जनाधार और उसकी विश्वसनीयता के लिए खुद तेजस्वी यादव जिम्मेदार हैं.
बिहार के लिए राजनीतिक संदेश भी अहम
बिहार की राजनीति में विधानसभा सत्र और उपचुनाव, दोनों को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे समय में किसी बड़े नेता की मौजूदगी या गैरमौजूदगी भी राजनीतिक संदेश देती है. सत्ता पक्ष इसी आधार पर तेजस्वी यादव को घेरने की कोशिश कर रहा है. दूसरी ओर, यह भी देखना होगा कि मानसून सत्र शुरू होने तक तेजस्वी यादव लौटते हैं या नहीं. यदि वे सत्र में शामिल होते हैं तो विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा. यदि वे अनुपस्थित रहते हैं तो सत्ता पक्ष को राजनीतिक हमले का एक और अवसर मिल सकता है.
राजद की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मुद्दे पर राजद की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. ऐसे में आने वाले एक-दो दिनों में पार्टी की सफाई और तेजस्वी यादव की वापसी पर सबकी नजर रहेगी. सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद भी यदि तेजस्वी यादव सीट पर नजर नहीं आते हैं, तो विपक्ष के लिए सदन के भीतर सरकार को घेरने की नैतिक शक्ति बेहद कमजोर पड़ जाएगी. इसी से यह भी तय होगा कि यह विवाद केवल कुछ दिनों की राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहता है या मानसून सत्र और बांकीपुर उपचुनाव के दौरान बड़ा चुनावी मुद्दा बनता है.







