इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना के डॉक्टरों ने इतिहास रच दिया है। चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक एक 10 वर्षीय बच्चे का ओपेन हार्ट सर्जरी किया है। डॉक्टरों ने सफलता पूर्वक सफल तरीके से वॉल्व का रिप्लेसमेंट कर दिया है। मीडिया से बातचीत में डॉक्टरों ने बताया कि ये पहली बार हुआ है।
10 साल के बच्चे की सफल सर्जरी
डॉ. कुमार आदित्य ने बताया कि बच्चे की उम्र 10 साल है। 18 किलो का ये बच्चा है। इसके दिल में वॉल्व लीकेज हो रहा था। सिकुड़न भी थी। उसे चेंज करके रिप्लेस किया गया है। हम लोगों को आशा है कि बच्चे की रिकवरी अच्छी रहेगी। ये बीमारी पेशेंट बीस से तीस साल की उम्र में प्रजेंट करते हैं। लेकिन इस बच्चे को 10 साल में ही आ गया। इसके सांस फूलने के लक्ष्ण थे। उसकी वजह से इसका हार्ट फैला हुआ था। अगर समय से वॉल्व को रिप्लेस नहीं किया जाता, तो इसका लाइफ ज्यादा दिन का नहीं रहता।
डॉक्टरों ने सफलता पर जताई खुशी
डॉक्टर ने कहा कि अब हमलोग आशा कर रहे हैं कि आगे की इसकी जितनी लाइफ है। एडल्ट से लेकर आगे तक ये जितनी उम्र भगवान ने दी है। उतना ये करेगा। ये छोटा बच्चा था। इसे लेकर हम लोगों के मन में काफी चीजें थीं। इतने कम उम्र में इस तरह का होना काफी असंभव सा है। पांच घंटे में इस सर्जरी को अंजाम दिया गया।
अब हमलोग आशा कर रहे हैं कि आगे की इसकी जितनी लाइफ है। एडल्ट से लेकर आगे तक ये जितनी उम्र भगवान ने दी है। उतना ये करेगा। ये छोटा बच्चा था।
डॉ. आदित्य, हृदय रोग सर्जन, आईजीआईसी, पटना
बच्चे को आगे कोई समस्या नहीं होगी- डॉक्टर
एक अन्य चिकित्सक डॉ. मधुकांत ने बताया कि बच्चों में ये बीमारी हो ये हमारे लिए चैलेजिंग होता है। एडल्ट के कंपेरिजन में काफी डिफिकल्ट होता है। बहुत तरह की सेटिंग देखनी पड़ती है। देखिए यहां सभी प्रकार के सर्जरी मौजूद हैं। लोगों को महानगरों में मूव करने की जरूरत नहीं है। पूर्व में भी बच्चों के सर्जरी कर चुके हैं। एक अन्य चिकित्सक ने बताया कि हम लोग तैयारी करते हैं। बच्चा अभी पूरी तरह नॉर्मल है। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को आगे किसी तरह की समस्या नहीं होगी।







