बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को पटना के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की. बैठक में चिकित्सा सुविधाओं, लंबित सर्जरी, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, इमरजेंसी व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई. स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्यभर में लंबित सर्जरी को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और जरूरत पड़ने पर आईजीआईएमएस, एम्स पटना और मेदांता जैसे संस्थानों की भी मदद ली जाए.
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अस्पताल अधीक्षकों को निर्देश दिया कि लंबित सर्जरी की पूरी सूची शुक्रवार तक स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए. उन्होंने कहा कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़े, इसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए.
AIIMS, IGIMS और मेदांता की भी ली जाएगी मदद
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यदि किसी मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन का अधिक दबाव है तो ऐसे मरीजों का इलाज आईजीआईएमएस, एम्स पटना और मेदांता जैसे संस्थानों में भी कराया जाए. उन्होंने राज्य के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर बाहरी विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं लेने की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया.
कैंसर स्क्रीनिंग के लिए चलेगा बड़ा अभियान
बैठक में नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) से ग्रसित लोगों की कैंसर स्क्रीनिंग पर विशेष जोर दिया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यव्यापी अभियान चलाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें एक लाख आशा कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान हो सके.
इमरजेंसी सेवाएं होंगी और मजबूत
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में बेड की संख्या बढ़ाई जाए ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिल सके. साथ ही अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए केंद्रीयकृत सॉफ्टवेयर विकसित करने और सभी अस्पतालों के बाहर बड़े एवं स्पष्ट डिस्प्ले बोर्ड लगाने का भी निर्देश दिया.
रिक्त पद जल्द भरने का भरोसा
बैठक में मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों और शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठा. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने भरोसा दिलाया कि मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा. उन्होंने कहा कि मानव संसाधनों की कमी दूर करना सरकार की प्राथमिकता है. स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को निर्देश दिया है कि शुक्रवार तक लंबित सर्जरी का पूरा डेटा उपलब्ध कराया जाए, ताकि राज्य स्तर पर इसकी समीक्षा कर समयबद्ध कार्रवाई की जा सके.







