पटना के बंटी यादव अपहरण-मर्डर केस का मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी रवीश उर्फ बसिया गुरुवार को पटना में पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में एलएनटी से पूरब बांस घाट जाने वाले कच्चे रास्ते पर सुबह करीब 3 बजे ये मुठभेड़ हुई। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। गोली पुलिस की कार की बोनट पर लगी। जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें गोली रवीश के दाहिने पैर में लगी। उसे इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया है। कुल 2 राउंड फायरिंग हुई है। एक राउंड पुलिस ने की। एक राउंड रवीश ने की। मौके से एक खोखा, एक कारतूस, एक देसी कट्टा और मोबाइल फोन मिला है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि रवीश नेपाल भागने की तैयारी में था। उसके और मारे गए बंटी के बीच वर्चस्व की लड़ाई थी।
पुलिस पर फायरिंग, बोनट पर लगी गोली
बंटी यादव की किडनैपिंग और मर्डर केस में पटना पुलिस रवीश को खोज रही थी। सूचना मिली थी कि रवीश एलएनटी घाट से होते हुए पटना लौट रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम जैसे ही उस इलाके में पहुंची, तभी आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।फायरिंग के दौरान एक गोली कोतवाली थाना की सरकारी गाड़ी की बोनट पर लगी। हालांकि गाड़ी में मौजूद थाना प्रभारी (SHO) समेत अन्य पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
बाल-बाल बचे थाना प्रभारी, जवाबी कार्रवाई में लगी गोली
रवीश की तरफ से की गई फायरिंग के दौरान एक गोली कोतवाली थाना की सरकारी गाड़ी के बोनट पर जा लगी. गनीमत यह रही कि गाड़ी में मौजूद कोतवाली थाना प्रभारी (SHO) और अन्य पुलिसकर्मी इस हमले में बाल-बाल बच गए. इसके बाद पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलियां चलाईं. पुलिस की एक गोली सीधे रवीश के दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा. पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और इलाज के लिए PMCH अस्पताल में भर्ती कराया है.
कई संगीन मामलों में फरार था अपराधी
बंटी यादव की हत्या के बाद से रवीश लगातार फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस कई दिनों से अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी. रवीश पटना पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बना हुआ था. उस पर पटना के कई अलग-अलग थानों में लूट, रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं. इस मुठभेड़ के खत्म होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल की तलाशी ली. मौके से पुलिस ने आरोपी की चप्पल और एक देसी कट्टा बरामद किया है. पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
पटना SSP कार्तिके के शर्मा ने बताया कि बंटी और रवीश शराब के काले कारोबार में शामिल थे. इस दौरान रवीश गिरफ्तार हो गया. जिससे रवीश और बंटी के बीच कहा सुनी हो गई. कुछ दिन पहले ही रवीश जेल से छूटकर बाहर आया था. जेल से आते ही बंटी की हत्या की पटकथा लिखी और उसे पटना जंक्शन के पास से पहले अपने साथियों के साथ मिलकर अगवा किया और फिर हत्या कर डाला.
उन्होंने बताया कि हत्याकांड के बाद से रवीश फरार चल रहा था. वह वैशाली जिले से नाव के सहारे पैसा लेने पटना आया था. पैसा लेकर नेपाल भागने के फिराक में था. इसबीच पुलिस उसे गिरफ्तार करना चाही पुलिस को देखते हो गोलीबारी की दी. जिसके बाद पुलिस को भी गोली चलानी पड़ी. पुलिस की गोली रवीश के दाहिने पैर में लगी और वह घायल हो गया. जिसके बाद उसे इलाज के लिए PMCH में भर्ती करवाया गया है.







