भारत ने अपनी इंपोर्ट पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है. भारत ने जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगा दी है। भारत ने यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) भारत सहित 60 देशों के खिलाफ सेक्शन 301 के तहत जांच कर रहे हैं। बता दें कि अमेरिका ने आरोप था कि भारत समेत 60 देश जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने में नाकाम रहे हैं। इसके बाद 3 जून को अमेरिका ने भारत समेत 54 देशों पर 12.5% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव भी रखा था। इससे अब भारत ने इस पर फैसला लिया है। विदेश व्यापार महानिदेशक और भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने इस विषय में नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन में बताया कि अब जबरन मजदूरी का इस्तेमाल करके पूरी तरह या आंशिक रूप से बनाए या तैयार किए गए सामान का आयात प्रतिबंधित है।
समय-समय पर होगी जांच
अतिरिक्त सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार समय-समय पर अधिसूचना के जरिए उन सामानों की पहचान कर सकती है जिनका आयात इस पैरा के तहत प्रतिबंधित होगा। इसके लिए सरकार ऐसी जांच के नतीजों या अन्य जानकारी को ध्यान में रख सकती है जिसे वह उचित समझे। ऐसे सामान के उत्पादन में जबरन मजदूरी के इस्तेमाल की जांच करने के लिए विदेश व्यापार महानिदेशक (Director General of Foreign Trade) की प्रक्रिया ‘प्रक्रिया पुस्तिका (Handbook of Procedures), 2023’ में बताई गई प्रक्रिया के अनुसार होगी।
कब से लागू होगा नया नियम
अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि S.O. (E) विदेश व्यापार (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1992 की धारा 3 और धारा 5, और समय-समय पर संशोधित विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 के पैरा 1.02 और 2.01 से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार विदेश व्यापार नीति, 2023 में एक नया पैरा 2.20B जोड़ रही है। यह नियम सरकारी राजपत्र (Official Gazette) में इस अधिसूचना के प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिन बाद लागू होगा।
नोटिफिकेशन का असर
नया नोटिफिकेशन का असर होगा कि केंद्र सरकार को यह अधिकार मिल सके कि वह नोटिफिकेशन के जरिए ऐसे सामान के आयात पर रोक लगा सके जो पूरी तरह या आंशिक रूप से जबरन मजदूरी का इस्तेमाल करके बनाए या तैयार किए गए हों। इसे वाणिज्य और उद्योग मंत्री की मंजूरी से जारी किया गया है।
किन सामानों पर असर पड़ सकता है?
सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि किन-किन उत्पादों पर नए नियम लागू होंगे। हालांकि, दुनिया भर में जिन सेक्टरों की सबसे ज्यादा जांच होती है, उनमें कपास और टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरियां, सोलर पैनल, सी-फूड, धातु और दूसरे औद्योगिक उत्पाद शामिल हैं। अगर भविष्य में जांच में किसी सामान को जबरन मजदूरी से जुड़ा पाया जाता है, तो ऐसे उत्पादों के आयात पर असर पड़ सकता है।
क्यों लिया गया फैसला?
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका भारत समेत 60 देशों की व्यापार नीतियों की जांच कर रहा है। उसका कहना है कि ये देश जबरन मजदूरी से बने सामानों के आयात को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहे हैं। इसी बीच, 3 जून को अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों से आने वाले कुछ सामानों पर 12.5% टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने का भी प्रस्ताव रखा था।







