अमेरिका ने मंगलवार रात लगातार चौथे दिन ईरान पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, नौसैनिक संसाधनों और कोस्टल डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।
उधर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जवाबी अभियान शुरू करते हुए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। IRGC ने बहरीन के अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस और जॉर्डन के अजराक एयरबेस को निशाना बनाने का भी दावा किया।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आया, तो अगले हफ्ते बिजलीघरों और पुलों को भी निशाना बनाया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी रणनीति जारी रखेगा।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स
IRGC का व्यापारिक जहाजों पर हमला: ईरानी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इसमें 1 भारतीय शख्स की मौत हो गई जबकि 10 लोग घायल हुए। जहाज पर कुल 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे।
भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया: भारत ने होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ मिशन) को तलब कर भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया।
समंदर में भारत से जुड़े 11 जहाज फंसे: विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ये सभी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं।
ट्रम्प ने होर्मुज में 20% टैक्स का फैसला वापस लिया: ट्रम्प ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर 20% टैक्स लगाने का अपना फैसला वापस ले लिया। उन्होंने मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ बातचीत के बाद यह फैसला लिया।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सबसे कम: होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार को सिर्फ 4 जहाज गुजरे। 17 जून को अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के बाद यह सबसे कम शिपिंग ट्रैफिक है।
ट्रंप ने पुलों-बिजली संयंत्रों पर हमले की चेतावनी
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर नहीं लगेगी फीस
चीन ने दिया अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब- खतरनाक स्थिति के जिम्मेदार आप
संयुक्त राष्ट्र में चीन के राजदूत सुन लेई ने अमेरिका पर ईरान पर बड़े सैन्य हमले करके पूरे क्षेत्र को एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंचाने का आरोप लगाया है. सुन लेई ने यह बयान तब दिया, जब संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने आरोप लगाया कि चीन ईरान और यमन तक सामान की आपूर्ति रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है. चीन ने इस आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. सुन लेई ने कहा कि चीन ऐसे निर्यात पर सख्त नियंत्रण रखता है. उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी है कि अमेरिका मध्य पूर्व में नए संघर्ष और अस्थिरता पैदा करना बंद करे.
अमेरिकी नाकेबंदी से पहले बढ़ी थी होर्मुज में जहाजों की संख्या
जहाजों की निगरानी करने वाली कंपनी कप्लर (Kpler) के अनुसार, अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी लागू होने से पहले मंगलवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या बढ़ गई. आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान गुजरने वाले 11 जहाजों में से 9 ईरान से जुड़े व्यापारिक मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे. इनमें एक बहुत बड़ा तेल टैंकर लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल, एक टैंकर रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पाद और दो जहाज एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) लेकर निकले. वहीं, मंगलवार को अन्य खाड़ी देशों से तेल या गैस लोड करने वाले टैंकरों की आवाजाही नहीं देखी गई.
ईरान का दावा, अमेरिका ने गेहूं भडारण साइलो को बनाया निशाना
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के मुताबिक अमेरिका के हमले में ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत के होवेज़ेह काउंटी स्थित एक गेहूं भंडारण साइलो को निशाना बनाया गया. प्रांत के उप-गवर्नर ने बताया कि रात में हुए इस हमले में साइलो को नुकसान पहुंचा है, लेकिन राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है.
जॉर्डन, बहरीन पर हमले कर बोला ईरान- अमेरिका का विरोध करो
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन के अजराक एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला किया. आईआरजीसी का कहना है कि इस हमले में अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोन के शेल्टरों को निशाना बनाया गया. संगठन ने जॉर्डन के लोगों से अपील की कि वे अपने देश में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी का विरोध करें और अपनी जमीन का इस्तेमाल अन्य इस्लामी देशों पर हमलों के लिए न होने दें. साथ ही आईआरजीसी ने कुवैत के लोगों से भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों का विरोध करने और अमेरिकी सैन्य अड्डों को हटाने की अपील की.







