अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया है। दोनों देश होर्मुज में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। शांति समझौता के दौरान ईरान ने होर्मुज खोलने तो अमेरिका नाकाबंदी हटाने पर सहमत हुआ था। लेकिन अब दोनों देश अपनी शर्तों से पीछे हटते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका ने एक फिर होर्मुज में नाकाबंदी करने का फैसला कर लिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समय) को घोषणा की है कि अमेरिकी सेना ईरान को निशाना बनाते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लागू करेगी, जबकि अन्य देशों के जहाजों को रणनीतिक जलमार्ग से गुजरना जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।
आज से नाकाबंदी शुरू
संयुक्त राज्य अमेरिका ने घोषणा की है कि वह मंगलवार शाम से ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर से शुरू कर देगा। एक औपचारिक बयान में, सेंटकॉम ने कहा कि उसकी सेनाएं ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी को लागू करेंगी, जबकि आदेश का उल्लंघन न करने वाले जहाजों के लिए समुद्री यातायात के सुरक्षित प्रवाह का समर्थन करना जारी रखेंगी।
किसलिए अमेरिका ने लिया फैसला?
कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह नाकाबंदी केवल ईरान और तेहरान के साथ व्यापार करने वालों पर लागू होगी। बयान में कहा गया है कि कमांडर इन चीफ के निर्देश पर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेनाएं 14 जुलाई को शाम 4 बजे पूर्वी समय के अनुसार ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले समुद्री यातायात की नाकाबंदी फिर से शुरू कर देंगी।
आज होगा और बड़ा हमला
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि आज रात हम ईरान पर भारी हमला कर रहे हैं। हमारे पास भारी मात्रा में गोला-बारूद है। हम उन पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं, और यह जारी रहेगा, और हम देखेंगे कि क्या होता है। कहा कि हम उनकी सभी आक्रमण क्षमता को नष्ट कर रहे हैं, और हम जलडमरूमध्य (होर्मुज जलडमरूमध्य) को नियंत्रित कर रहे हैं। हम नाकाबंदी फिर से लागू कर रहे हैं। यह नाकाबंदी केवल ईरान के लिए है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी व्यक्ति यहां से नहीं गुजर सकता। बाकी सभी लोग यहाँ से गुजर सकेंगे। नाकाबंदी शायद उन पर हमले से भी अधिक प्रभावी है। लेकिन मुझे लगता है कि दोनों का संयोजन ही असली कमाल करेगा।
ईरानी सेना को खत्म करने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य अभियानों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है, जिसमें उसकी नौसेना, वायु सेना, मिसाइल और ड्रोन उत्पादन शामिल हैं। ट्रंप ने कहा कि हम यहां चार महीने से हैं। मुझे लगता है हमने बहुत कुछ किया है। हमने एक महीने में उनकी नौसेना को नष्ट कर दिया। हमने उनकी वायुसेना को भी नष्ट कर दिया, जो अब अस्तित्वहीन है। हमने उनके अधिकांश मिसाइलों और ड्रोनों को नष्ट कर दिया। हमने उनकी ड्रोन निर्माण क्षमता को लगभग 92 प्रतिशत तक कम कर दिया। उनकी मिसाइल निर्माण क्षमता को हमने 89 प्रतिशत तक कम कर दिया। उनके पास थोड़ी बहुत क्षमता बची है, लेकिन हमारे खिलाफ उनकी कोई क्षमता नहीं है। यह लगभग एक सैन्य झड़प है।
विफल हो गया शांति समझौता
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश के बाद तेहरान के साथ संभावित समझौता विफल हो गया। कहा कि दो दिन पहले हमारा उनसे समझौता हुआ था, और फिर उन्होंने कहा, ‘अरे, हम यह समझौता नहीं कर सकते। हमें इस पर और बातचीत करनी होगी। और यही वे 47 सालों से करते आ रहे हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि मेरे जैसा समझौता कोई नहीं करता।






