मौसम विभाग ने आज बिहार के 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया। वहीं, पटना में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं,आज बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी तेज बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में भी बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ इस समय श्रीगंगानगर से होते हुए हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर और दक्षिण असम तक फैली हुई है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और बिहार-बांग्लादेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन मानसून को अतिरिक्त ताकत दे रहे हैं. यही वजह है कि अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी बारिश वाले साबित हो सकते हैं.
बिहार के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा. लगातार बरसात के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों के उफान और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. ओडिशा और झारखंड में भी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी ताकत से बरसेगा. असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है.
उत्तर भारत में भी मेहरबान रहेगा मानसून
उत्तर भारत में उत्तराखंड सबसे संवेदनशील राज्य बना हुआ है. मौसम विभाग ने यहां लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है. पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसून जमकर बरसेगा. गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, वाराणसी और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
बिहार के 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 27 जिलों में सोमवार से आगामी 15 जुलाई तक भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही मानसून ट्रफ और उत्तर पूर्व बिहार के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को राजधानी पटना समेत कई इलाकों में उमस के बाद हुई हल्की बूंदाबांदी ने इस बदलाव के संकेत दे दिए हैं, जिससे अब तापमान में गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के 27 जिलों में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान प्रभावित इलाकों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- उत्तर और दक्षिण बिहार के प्रभावित क्षेत्र: पटना, नवादा, गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय और बक्सर।
- मध्य और पूर्वी बिहार के जिले: मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर।
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम…
रविवार को सीवान, सूपौल, समस्तीपुर और रक्सौल में तेज बारिश हुई। उत्तर बिहार के कई जिलों में बादल छाए हैं। सीवान में देर रात तेज बारिश के बाद मॉडल सदर अस्पताल परिसर झील में तब्दील हो गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अस्पताल में घुटनों तक पानी भर गया है। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मॉडल सदर अस्पताल परिसर में बने पुलिस टीओपी में भी बारिश का पानी घुस गया। वहीं, पटना, नालंदा, बक्सर समेत कई जिलों में धूप निकलने से उमस भरी गर्मी बढ़ गई। 37 डिग्री तापमान के साथ कैमूर सबसे गर्म रहा।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश होती रहेगी, जबकि कोंकण और गोवा में 15 जुलाई से बारिश और तेज होने के संकेत हैं.
दक्षिण भारत में बारिश के साथ लू की मार
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश होगी. लेकिन तटीय आंध्र प्रदेश में मानसून के बावजूद हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का भी सामना करना पड़ेगा. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है.
समुद्र में भी खतरा, मछुआरों को चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों में मौसम उग्र बना हुआ है. अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र अशांत रहेगा. मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.
मौसम पूर्वानुमान की खास बातें…
आज सबसे ज्यादा बारिश किन राज्यों में होगी?
बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.
किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है?
उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है.
किन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है?
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और अंडमान-निकोबार में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
क्या कहीं हीटवेव का भी खतरा है?
हां. तटीय आंध्र प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं ओडिशा और तटीय तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम परेशान कर सकता है.
आखिर इतनी तेज बारिश की वजह क्या है?
मानसून ट्रफ उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक सक्रिय है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और बिहार-बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसून को अतिरिक्त मजबूती मिली है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है.
मौसम विभाग की ओर से जारी जरूरी दिशानिर्देश
तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि 70 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मौसम विभाग ने आज बिहार के 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया। वहीं, पटना में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं,आज बारिश का सबसे ज्यादा असर उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में देखने को मिल सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी तेज बारिश लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है. दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में भी बादलों की आवाजाही के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं.
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ इस समय श्रीगंगानगर से होते हुए हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर और दक्षिण असम तक फैली हुई है. इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ और बिहार-बांग्लादेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन मानसून को अतिरिक्त ताकत दे रहे हैं. यही वजह है कि अगले 24 घंटे कई राज्यों के लिए भारी बारिश वाले साबित हो सकते हैं.
बिहार के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भी तेज बारिश का दौर जारी रहेगा. लगातार बरसात के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों के उफान और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है. ओडिशा और झारखंड में भी बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून पूरी ताकत से बरसेगा. असम और मेघालय में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की गई है.
उत्तर भारत में भी मेहरबान रहेगा मानसून
उत्तर भारत में उत्तराखंड सबसे संवेदनशील राज्य बना हुआ है. मौसम विभाग ने यहां लगातार भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है. पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसून जमकर बरसेगा. गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, वाराणसी और आसपास के जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
बिहार के 27 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 27 जिलों में सोमवार से आगामी 15 जुलाई तक भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही मानसून ट्रफ और उत्तर पूर्व बिहार के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को राजधानी पटना समेत कई इलाकों में उमस के बाद हुई हल्की बूंदाबांदी ने इस बदलाव के संकेत दे दिए हैं, जिससे अब तापमान में गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के 27 जिलों में 13 से 15 जुलाई के दौरान भारी बारिश और भीषण आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी। इस दौरान प्रभावित इलाकों में 65 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
- उत्तर और दक्षिण बिहार के प्रभावित क्षेत्र: पटना, नवादा, गया, औरंगाबाद, सिवान, भोजपुर, शेखपुरा, लखीसराय और बक्सर।
- मध्य और पूर्वी बिहार के जिले: मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, अररिया और मुंगेर।
बीते 24 घंटे में कैसा रहा मौसम…
रविवार को सीवान, सूपौल, समस्तीपुर और रक्सौल में तेज बारिश हुई। उत्तर बिहार के कई जिलों में बादल छाए हैं। सीवान में देर रात तेज बारिश के बाद मॉडल सदर अस्पताल परिसर झील में तब्दील हो गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण अस्पताल में घुटनों तक पानी भर गया है। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मॉडल सदर अस्पताल परिसर में बने पुलिस टीओपी में भी बारिश का पानी घुस गया। वहीं, पटना, नालंदा, बक्सर समेत कई जिलों में धूप निकलने से उमस भरी गर्मी बढ़ गई। 37 डिग्री तापमान के साथ कैमूर सबसे गर्म रहा।
मध्य और पश्चिम भारत में भी बरसेंगे बादल
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा. कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में भी बारिश होती रहेगी, जबकि कोंकण और गोवा में 15 जुलाई से बारिश और तेज होने के संकेत हैं.
दक्षिण भारत में बारिश के साथ लू की मार
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश होगी. लेकिन तटीय आंध्र प्रदेश में मानसून के बावजूद हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लोगों को गर्म और उमस भरे मौसम का भी सामना करना पड़ेगा. तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की भी चेतावनी जारी की गई है.
समुद्र में भी खतरा, मछुआरों को चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों में मौसम उग्र बना हुआ है. अरब सागर में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बंगाल की खाड़ी में भी समुद्र अशांत रहेगा. मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है.
मौसम पूर्वानुमान की खास बातें…
आज सबसे ज्यादा बारिश किन राज्यों में होगी?
बिहार, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल और असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है.
किन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी हुई है?
उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है.
किन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है?
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और अंडमान-निकोबार में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है.
क्या कहीं हीटवेव का भी खतरा है?
हां. तटीय आंध्र प्रदेश में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं ओडिशा और तटीय तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम परेशान कर सकता है.
आखिर इतनी तेज बारिश की वजह क्या है?
मानसून ट्रफ उत्तर भारत से पूर्वोत्तर तक सक्रिय है. इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ और बिहार-बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसून को अतिरिक्त मजबूती मिली है, जिससे कई राज्यों में भारी बारिश हो रही है.
मौसम विभाग की ओर से जारी जरूरी दिशानिर्देश
तेज आंधी और वज्रपात की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेषकर किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है क्योंकि 70 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाएं कच्चे मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।