ऑस्ट्रेलिया, भारत में 50 करोड़ डॉलर का निवेश करेगा
- ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ऑस्ट्रेलियनसुपर ने गुरुवार को घोषणा की कि वे भारत के राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष में 50 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश करेंगे। पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियनसुपर की इस घोषणा का स्वागत किया। यह निवेश सात साल पहले एलान किए गए 24 करोड़ ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश से अलग होगा।
ऑस्ट्रेलिया से एआई, फिनटेक जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपील
- पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से भारत में स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, खनन, बुनियादी ढांचे के निर्माण, शहरी विकास, विमानन, रसद, उन्न प्रोद्योगिकी, एआई, फिनटेक, फूड प्रोसेसिंग और डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेश की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का विशाल आकार और ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
- पीएम मोदी ने कहा, आज दुनिया अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का प्राकृतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ना स्वाभाविक भी है और आवश्यक भी है।
- प्रधानमंत्री ने कहा, बीते वर्षों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं के साथ भविष्य की साझेदारी का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। साल 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए ईसीटीए समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हुआ है। इसके साथ ही दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार पहुंच का लाभ मिला है।
स्टेट टू स्टेट निवेश की संभावनाएं
- कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने सेल्फी भी ली। अल्बानीज के साथ औपचारिक मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच व्यापार समझौते पर भी चर्चा हो सकती है। प्रधानमंत्री आज मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 40 हजार भारतवंशियों को संबोधित भी करेंगे।
- पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई निवेशकों से कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ राजधानियों और कुछ शहरों तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि हर राज्य और छोटे-बड़े शहरों तक फैलनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में पोर्ट, बंदरगाह, सड़क, रेलवे, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर में सहयोग की असीम संभावनाएं हैं।
- पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते पर भी बातचीत हो सकती है।
भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया
- पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा 2022 में इकॉनोमिक कॉपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार का दायरा बहुत बढ़ा है। हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दिशा में लगातार सहयोग कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक अहम समझौता किया है, इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। यह हमारे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बल मिलेगा।
- पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा 2022 में इकॉनोमिक कॉपरेशन एंड ट्रेड एग्रीमेंट से व्यापार का दायरा बहुत बढ़ा है। हम इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की दिशा में लगातार सहयोग कर रहे हैं। परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आज हमने एक अहम समझौता किया है, इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम सप्लाई का रास्ता खुलेगा और हमारे क्लीन एनर्जी के संकल्प को नई दिशा मिलेगी। यह हमारे क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बल मिलेगा।
- पीएम मोदी ने कहा कि एआई पैक्ट की पहल की है। हम मिलकर क्रीटिकल मिनरल कॉरिडोर पर भी काम करेंगे। हिंद प्रशांत सिर्फ दो महासागरों का संपर्क नहीं है बल्कि ये हम दोनों देशों के साझा महत्वकांक्षाओं का भी प्रतीक है। सुरक्षा मुद्दे पर हमने एक अहम संयुक्त डिकलेरेशन जारी किया है। भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर से डिफेंस स्टार्टअप और इंडस्ट्री को जोड़ने पर काम करेंगे। इससे हिंद प्रशांत में हमारे साझा प्रयासों को बल मिलेगा। हम शिप बिल्डिंग और रिपेयर और मेंटिनेंस में भी मिलकर आगे बढ़ेंगे।
- पीएम मोदी ने कहा, भारत और ऑस्ट्रेलिया मानते हैं कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए चुनौती है। इसलिए आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई साझा है और अटूट है। हमारा ये भी मानना है कि विश्व में चल रहे युद्धों का समाधान बातचीत और कूटनीति से ही संबंध है। पूरे हिंद प्रशांत क्षेत्र में हम मिलकर शांति, स्थिरता, नौवहन की आजादी और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
- पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऑस्ट्रेलिया संबंधों की सबसे मजबूत पहलू लोगों का लोगों से जुड़ाव है। ऑस्ट्रेलिया, भारतीय छात्रों के लिए पसंदीदा डेस्टिनेशन है, हमारे नागरिक ऑस्ट्रेलिया के विकास में योगदान दे रहे हैं। हम छात्रों और कॉलेजों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाते रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच गुरुवार को मेलबर्न में हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की है। दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीकों और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इस मौके पर आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने का भी फैसला किया है।
PM मोदी ने जताया अल्बानीज का आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर अपने स्वागत के लिए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
‘मेलबर्न में मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के शानदार स्वागत के लिए मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। उनके व्यक्तिगत प्रयासों और प्रतिबद्धता ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई और व्यापकता दी है। उनके इस बहुमूल्य योगदान के लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं।’
भारत को ऑस्ट्रेलिया से मिलेगा यूरेनियम
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देते हुए दोनों देशों ने ऑस्ट्रेलियाई यूरेनियम के भारत को निर्यात का रास्ता साफ कर दिया है। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु सहयोग समझौते के तहत शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम निर्यात को मंजूरी देने वाली व्यवस्था पर हस्ताक्षर किए हैं। अल्बानीज ने कहा,
‘आज हम पुष्टि कर सकते हैं कि भारत को शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम निर्यात की अनुमति देने वाली व्यवस्था पर हस्ताक्षर हो गए हैं। यह 2015 के भारत-ऑस्ट्रेलिया परमाणु सहयोग समझौते के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।’
संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों देशों ने यूरेनियम निर्यात के लिए जरूरी प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। यह निर्यात केवल शांतिपूर्ण उपयोग के लिए होगा और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की निगरानी और सुरक्षा मानकों के तहत किया जाएगा।
ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ेगा सहयोग
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और ऊर्जा व्यापार को खुला रखने पर जोर दिया। दोनों देशों ने माना कि भविष्य में ऊर्जा प्रणालियों का अधिक विद्युतीकरण ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण होगा। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने क्षेत्रीय ऊर्जा बाजारों को मजबूत करने और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने की जरूरत पर सहमति जताई।
संयुक्त बयान में कहा गया कि प्रशांत द्वीपीय देशों की ऊर्जा जरूरतों और उनकी आर्थिक मजबूती के लिए स्थिर ऊर्जा आपूर्ति बेहद जरूरी है। भारत जहां ऑस्ट्रेलिया से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) का महत्वपूर्ण आयातक है, वहीं भारत से ऑस्ट्रेलिया को तरल ईंधन और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई होती है। दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और व्यापार को और मजबूत करने का फैसला किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कम कार्बन उत्सर्जन वाली ऊर्जा और जैव ईंधन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। ऑस्ट्रेलिया ने भारत की ग्लोबल बायोफ्यूल्स अलायंस (GBA) पहल की सराहना की।
साइबर सुरक्षा और तकनीक के लिए PACTS की शुरुआत
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण तकनीकों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक नई साझेदारी PACTS (Partnership on Cyber, Critical Technologies and Supply Chains) शुरू की है। यह पहल वर्ष 2020 के साइबर और महत्वपूर्ण तकनीकी सहयोग ढांचे की जगह लेगी। इसका उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में डिजिटल सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करना है। PACTS के तहत दोनों देश 5 प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग करेंगे:
- सप्लाई चेन को मजबूत बनाना: भारत और ऑस्ट्रेलिया भरोसेमंद विक्रेता व्यवस्था विकसित करेंगे। सेमीकंडक्टर अनुसंधान, सुरक्षित समुद्री केबल नेटवर्क, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और तकनीकी व्यापार को बढ़ावा दिया जाएगा।
- महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग: इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), अंतरिक्ष तकनीक, दूरसंचार, जैव प्रौद्योगिकी और उन्नत सामग्री जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। दोनों देश सुरक्षित और भरोसेमंद AI के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने पर काम करेंगे।
- साइबर सुरक्षा सहयोग: दोनों देश साइबर और सूचना तकनीक के क्षेत्र में नया द्विपक्षीय तंत्र बनाएंगे। डेटा सुरक्षा, साइबर प्रशिक्षण, निवेश और तकनीकी कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
- डिजिटल मजबूती: भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रणाली से जुड़े अनुभवों को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा किया जाएगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में डिजिटल समाधान विकसित किए जाएंगे।
- रक्षा अनुसंधान सहयोग: ऑस्ट्रेलिया की डिफेंस साइंस एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप और भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के बीच सहयोग बढ़ाया जाएगा। समुद्री निगरानी और रक्षा तकनीक से जुड़े संयुक्त शोध पर ध्यान दिया जाएगा।
PACTS की निगरानी के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मिलकर काम करेंगे और हर साल प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग होगा मजबूत
तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के संयुक्त बयान में दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को साझेदारी का महत्वपूर्ण आधार बताया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए संयुक्त रक्षा और सुरक्षा सहयोग घोषणा का स्वागत किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए समुद्री सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को आगे बढ़ाया जाएगा।
दोनों नेताओं ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र स्वतंत्र, खुला और नियम आधारित होना चाहिए। उन्होंने समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन की जरूरत पर जोर दिया। दोनों देशों ने किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई या क्षेत्रीय स्थिति बदलने के प्रयासों का विरोध किया और कहा कि सभी विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए।
आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे भारत-ऑस्ट्रेलिया
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा की। दोनों नेताओं ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए सभी देशों को मिलकर लगातार प्रयास करने होंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध सूची में शामिल आतंकवादी संगठनों, उनके सहयोगियों, समर्थकों और वित्त पोषण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दोनों देशों ने आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने और ऑनलाइन कट्टरपंथ, नई तकनीकों के दुरुपयोग, आतंकवादी वित्त पोषण तथा महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। संयुक्त बयान में भारत के पहलगाम और ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हुए आतंकी हमलों की भी निंदा की गई।







