स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य के साथ स्वास्थ्य विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। वे बुधवार को जदयू दफ्तर में जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके पहले जदयू के प्रदेश कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, परिवहन मंत्री दामोदर रावत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने उनके निदान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पटना। जिला व प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पतालों में भीड़ प्रबंधन एवं त्वरित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के इंतजाम किए जाएंगे। अस्पतालों में हेल्प डेस्क ‘मे आई हेल्प यू’ के साथ ही मरीजों के इलाज के लिए अलग-अलग ओपीडी कमरों को विकसित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी सदर अस्पतालों और पीएचसी को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।
मंत्री के हस्तक्षेप और सचिव से वार्ता के बाद हड़ताल वापस ली
मरीजों की परेशानी को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री निशांत और सचिव कुमार रवि ने सचिवालय स्थित स्वास्थ्य विभाग में पीएमसीएच प्रशासन और जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक बुलाई।
सचिव ने जूनियर डॉक्टरों की मांगें सुनीं और उनका लिखित मांगपत्र भी प्राप्त किया। आश्वासन के बाद जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। जूनियर डॉक्टर्स एसो. (जेडीए) के अध्यक्ष डॉ. सत्यम कुमार ने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी सेवाएं ठप कर दी गई थीं। दोपहर बाद करीब चार बजे से जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए।







