धमकी के बाद गुजरात और बिहार पुलिस आरोपी को लगातार ट्रैस कर रही थी। उसकी लोकेशन गुजरात के सानंद में मिली। इसके बाद पुलिस ने उसे वहां से अरेस्ट किया।
आरोपी गुजरात में प्राइवेट नौकरी करता है। गुजरात पुलिस ने आरोपी को बिहार पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस आरोपी को बिहार ला रही है। यहां उससे पूछताछ की जाएगी। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
आरोपी शेखर यादव ने CM हाउस में अपने मोबाइल से फोन कर धमकी दी थी। इसके बाद पुलिस एक्टिव हो गई। मुंगेर के संग्रामपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया।
पुलिस को पता चला कि शेखर गुजरात में है। पुलिस की टीम ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया और शेखर यादव को अरेस्ट करने के लिए कहा। गुजरात पुलिस ने शेखर को अरेस्ट कर लिया है। अब मुंगेर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर उसे बिहार ला रही है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद से लगातार एक्टिव हैं सम्राट
सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को राजभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के पद की शपथ ली। इसके बाद से वे लगातार एक्टिव हैं। CM लोगों के बीच जा रहे हैं। उनसे मुलाकात कर रहे हैं। विभागों की ताबड़तोड़ मीटिंग चल रही है।
16 अप्रैल को मुख्यमंत्री पटना साहिब गुरुद्वारे भी गए थे। आज उन्होंने अपने आवासा पर जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं भी सुनीं।

मुख्यमंत्री की सुरक्षा को समझिए
विशेष सुरक्षा समूह (SSG): बिहार विशेष सुरक्षा बल, 2000 के तहत CM की सुरक्षा की जाती है, जो काफी हद तक प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए बने SPG एक्ट जैसा है। SSG में लगभग 200 से अधिक ट्रेंड कमांडो शामिल होते हैं, जो पुलिस, ITBP, CRPF, NSG और SPG से ट्रेंड होते हैं।
Z+ श्रेणी की सुरक्षा: यह भारत में VVIP लोगों के लिए उच्चतम सुरक्षा श्रेणियों में से एक है। इसमें 36 से अधिक सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जिसमें सबसे भीतरी घेरे में NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो होते हैं, जो MP5 राइफल और आधुनिक हथियारों से लैस रहते हैं।







