अमेरिका और इज़रायल ने ईरान के परमाणु संवर्धन केंद्र नतान्ज पर फिर बड़ा हमला किया है। शनिवार को दोनों देशों ने ईरान के नतान्ज परमाणु संवर्धन सुविधा केंद्र को हवाई हमले में निशाना बनाया। ईरान की राज्य मीडिया ने यह रिपोर्ट दी है। हमले के बाद दूर तक धमाके की आवाज को सुना गया। धमाका बहुत जोरदार बताया जा रहा है। अलजजीरा की रिपोर्ट में इस हमले की पुष्टि की गई है। साथ ही दावा है कि इस हमले से नतान्ज परमाणु केंद्र पर “रेडियोएक्टिव विकिरण का कोई रिसाव नहीं” हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन बात की है. पीएम मोदी ने बताया उन्हें नवरोज और ईद की मुबारकबाद दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम उम्मीद जताते हैं कि ये त्योहारी मौसम पश्चिमी एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाए. पीएम ने बताया कि इस दौरान क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं. इस दौरान उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने और वहां से सुरक्षित जहाजों की आवाजाही का मुद्दा भी उठाया.
पीएम मोदी ने नेविगेशन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। ईरान में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की।
आसपास के निवासियों के लिए कोई खतरा नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की नतांज़ परमाणु संवर्धन सुविधा पर अमेरिका और इज़रायल ने दोबारा यह हमला किा है। हालांकि इससे आसपास के निवासियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि अमेरिका-इज़रायल ने शनिवार की सुबह सुबह नतांज़ परमाणु संवर्धन सुविधा को केंद्र पर यह हमला किया। “इस परिसर में रेडियोएक्टिव सामग्री का कोई रिसाव रिपोर्ट नहीं किया गया है और इस साइट के आसपास के क्षेत्रों के निवासियों के लिए कोई खतरा नहीं है
अमेरिका और इजरायल ईरान को नहीं बनने देना चाहते परमाणु शक्ति
अमेरिका और इजरायल किसी भी कीमत पर ईरान की मुख्य यूरेनियम संवर्धन साइट नतान्ज को परमाणु संपन्न नहीं होने देना चाहते। इसलिए दोनों देशों ने फिर इस केंद्र पर हमला किया है। युद्ध के पहले सप्ताह में भी इजरायल-अमेरिका ने इस केंद्र को निशाना बनाया था। उस समय सैटेलाइट इमेज में कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दी थीं। ईरान की एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि नतांज़ में शहीद अहमदी रोशन संवर्धन सुविधा को अमेरिका और इज़रायल द्वारा “अपराधपूर्ण हमलों” के हिस्से के रूप में निशाना बनाया गया।
इजरायल-अमेरिका ने किया अंतरराष्ट्रीय संधि का उल्लंघन
ईरान ने कहा कि शनिवार को हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है, जिसमें परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि (NPT) और अन्य परमाणु सुरक्षा नियम शामिल हैं। यह केंद्र तेहरान से 220 किमी (135 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित है। इस परमाणु सुविधा को जून 2025 में ईरान और इज़रायल के बीच 12-दिवसीय युद्ध में भी निशाना बनाया गया था। बाद में संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा भी उसी दौरान इस केंद्र पर हमला किया गया। अब इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध के 3 हफ्ते हो चुके हैं। यह युद्ध किसी भी तरह से कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इज़रायल ने कहा कि ईरान ने शनिवार सुबह भी उस पर मिसाइलें दागना जारी रखा, जबकि सऊदी अरब ने कहा कि उसके प्रमुख तेल प्रतिष्ठान वाले पूर्वी क्षेत्रों में कुछ ही घंटों में 20 ड्रोन मार गिराए गए।
पहले भी किया जा चुका अटैक
इससे पहले, युद्ध के पहले सप्ताह में भी अमेरिका-इजरायल की ओर से ईरान के मुख्य परमाणु केंद्र नतांज पर हमला किया गया था. सैटेलाइट तस्वीरों में यहां कई इमारतें छतिग्रस्त नजर आई थीं. बता दें कि तेहारान से इस परमाणु संयंत्र की दूरी करीब 220 किलोमीटर है. जून 2025 में भी 12 दिनों के संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका ने इसको निशाना बनाया था.
3 और वॉरशिप तैनात कर रहा अमेरिका
अमेरिका-इजरायल की ओर से यह बड़ा हमला ऐसे समय में किया गया, जब एक दिन पहले ही यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप यह कह चुके हैं कि मिडिल ईस्ट में वह मिलिट्री ऑपरेशन को कम करने पर विचार कर रहा है, जबकि अमेरिका पश्चिम एशिया में तीन अतिरक्त युद्धपोतों और लगभग 2500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती कर रहा है.
नवरोज के बीच हवाई हमले
इससे पहले शुक्रवार (20 मार्च) को इजरायल ने ईरान में नवरोज यानी फारसी नववर्ष मनाए जाने के बीच हवाई हमले किए, जबकि इजराइल ने एक दिन पहले ही ईरान के एक प्रमुख गैस क्षेत्र पर और हमले नहीं करने का वादा किया था. इस बीच, ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में तेल और प्राकृतिक गैस प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं. दुबई में शुक्रवार तड़के उस समय विस्फोट की जोरदार आवाज सुनाई दी जब शहर के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम ने हमलों के दौरान गोलाबारी को नाकाम किया.
ईरान के ‘साउथ पार्स’ गैस क्षेत्र पर इजराइल के हमले के जवाब में ईरान ने भी कार्रवाई की. जिसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजराइल अपतटीय गैस क्षेत्र पर फिलहाल कोई हमला नहीं करेगा. अमेरिका और इजराइल के 28 फरवरी को युद्ध शुरू किए जाने के बाद, ईरान के कई शीर्ष नेता हवाई हमलों में मारे गए हैं और कहा जा रहा है कि देश की सैन्य क्षमताएं कमजोर हुई हैं.





