केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को पत्र लिखकर ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमलों के मद्देनजर भारत में संभावित हिंसा के प्रति आगाह किया है। यह पत्र 28 फरवरी को प्रसारित किया गया था, जिसमें राज्यों से “भड़काऊ उपदेश देने वाले ईरान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशकों” की पहचान करने को कहा गया था।
CCS ने क्या दिए निर्देश?
श्रीनगर में जमकर प्रदर्शन, डायवर्जन
रान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच कश्मीर घाटी में सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी सोमवार से दो दिन के लिए बंद रहेंगे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लोगों से शांति और सुकून बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने 3 मार्च तक के लिए स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी समेत सभी एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन बंद करने का आदेश दिया। शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए श्रीनगर के सिटी सेंटर, लाल चौक समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। जम्मू-कश्मीर सर्विसेज सिलेक्शन बोर्ड (जेकेएसएसबी) ने कहा कि गृह विभाग में लैबोरेटरी अटेंडेंट के पद के लिए ओएमआर आधारित लिखित परीक्षा स्थगित कर दी गई है।
बारामूला पुलिस ने जारी की अडवाइजरी
बारामूला पुलिस ने मौजूदा हालात को देखते हुए सभी मीडिया हाउस, पत्रकारों, सोशल मीडिया यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करते समय पूरी जिम्मेदारी बरती जाए। पुलिस ने सभी से आग्रह किया है कि कोई भी खबर प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले इसे ऑफिशियल और भरोसेमंद स्रोत से वेरिफाई कर लिया जाए। अफवाहें या बिना सत्यापित जानकारी फैलाने से बेवजह पैनिक और सार्वजनिक अस्थिरता पैदा हो सकती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जो लोग गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति और भाईचारे को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रिपोर्टिंग और सूचनाओं का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस दिशा में सकारात्मक योगदान दें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी के बहकावे में न आएं, लोग शहर में शांति बनाए रखें, पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार लोगों पर नजर रख रही हैं। कानून का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
मीरवाइज ने किया MMU के हड़ताल का ऐलान
कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई की क्रूर हत्या किए जाने से मैं बेहद दुखी और आक्रोशित हूं। इस घटना ने मुस्लिम जगत को झकझोर दिया है। जम्मू कश्मीर के लोग सामूहिक रूप से इस क्रूरता और ईरान के खिलाफ जारी आक्रामकता के साथ-साथ मीनाब में निर्दोष छात्राओं के कत्लेआम की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग ईरान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। अल्लाह पीड़ितों को शक्ति प्रदान करे, शहीदों को ऊंचा दर्जा मिले और इस अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों को शीघ्र सजा मिले। उन्होंने कहा कि यह मुसलमानों के लिए बंटने की प्रवृति से ऊपर उठकर एकजुट होने और इस हत्या तथा क्षेत्र में जारी आक्रमण के खिलाफ अपना विरोध और एकजुटता दर्ज करने का समय है। उन्होंने कहा कि धार्मिक संगठनों के समूह मुताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (एमएमयू) ने सोमवार को पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया है। जमीयत अहली हदीस के नेता मोहम्मद मकबूल ने भी इस हत्या की निंदा की।
महबूबा मुफ्ती बरसीं
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि आज इतिहास में एक बहुत ही दुखद और शर्मनाक मोड़ आया है, जब इजरायल और अमेरिका-ईरान के प्यारे नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर शेखी बघार रहे हैं। इससे भी ज्यादा शर्मनाक और चौंकाने वाली बात यह है कि मुस्लिम देशों ने साफ और छिपे हुए तौर पर समर्थन दिया, जिन्होंने जमीर के बजाय सुविधा और मौज-मस्ती को चुना। इतिहास इस बात का सबूत रहेगा कि किसने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी और किसने जुल्म करने वालों की मदद की। ईरान के लोगों के साथ दुआएं। अल्लाह उन्हें ताकत दे और ज़ुल्म और नाइंसाफी करने वाली ताकतों पर जीत दिलाए।
उमर अब्दुल्ला ने की शांति की अपील
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष पर चिंताएं जताते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने ईरान में हो रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिनमें ईरान के सुप्रीम लीडर, आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर है। उन्होंने सभी समुदायों से शांति बनाए रखने, संयम रखने और ऐसे किसी भी कार्य से बचने की अपील की है, जो तनाव या अशांति का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार भारतीय विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि ईरान में वर्तमान में रह रहे जम्मू-कश्मीर के नागरिकों, जिनमें छात्र भी शामिल हैं, की सुरक्षा सुनिश्चित किया जा सके।
मनोज सिन्हा ने की बैठकें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करते हुए एक बैठक की। सभी समुदायों से शांति बनाये रखने का आग्रह किया। अधिकारियों ने बताया कि इस बैठक में मुख्य सचिव अटल दुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सभी उपायुक्त एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद थे। उन्होंने कहा कि शांति का माहौल बनाये रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी समुदायों को इसे बनाये रखना चाहिए।







