अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कांग्रेस को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की नीतियों का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि एक साल में अमेरिका ने ऐसा बदलाव देखा है, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने इसे अमेरिका का स्वर्ण काल बताया और कहा कि देश अब पीछे नहीं लौटेगा।
करीब एक घंटे 50 मिनट लंबे भाषण में ट्रंप ने अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा, टैक्स कटौती, दवा कीमतों, टैरिफ नीति और विदेश नीति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन अमेरिका को पहले स्थान पर रख रहा है और आने वाले तीन साल में भी यही नीति जारी रहेगी। भाषण के दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने विरोध किया, जबकि रिपब्लिकन खेमे ने समर्थन में नारे लगाए। आइए इस भाषण में ट्रंप की बड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं।
भारत-पाक तनाव पर बड़ा दावा… ट्रंप ने कहा कि हालात इतने गंभीर थे कि परमाणु टकराव की आशंका थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि अगर वो दखल न देते तो 3.5 करोड़ लोगों की जान जा सकती थी। उन्होंने इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बताया।
इस्राइल-ईरान और मध्य पूर्व… राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने इस्राइल-हमास संघर्ष में शांति वार्ता को आगे बढ़ाया। ईरान के परमाणु ठिकानों पर मिडनाइट हैमर के तहत हमले का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे युद्ध नहीं, कूटनीति चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ी तो सख्ती होगी।
अर्थव्यवस्था और निवेश पर जोर… ट्रंप ने दावा किया कि बीते एक साल में अमेरिका में 18 खरब डॉलर का निवेश आया। निर्माण क्षेत्र में 70 हजार नई नौकरियां बनीं। निजी क्षेत्र में 100 फीसदी नई नौकरियां पैदा हुईं। उन्होंने कहा कि महंगाई पांच साल में सबसे कम स्तर पर है और गैसोलीन की कीमत कई राज्यों में 2.30 डॉलर से नीचे है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ… राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले नौ महीनों में एक भी अवैध घुसपैठ नहीं हुई। उन्होंने डेमोक्रेट्स पर होमलैंड सिक्योरिटी की फंडिंग रोकने का आरोप लगाया और तुरंत बहाली की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सीमाएं इतिहास में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं।
टैक्स, टैरिफ और व्यापार नीति… ट्रंप ने अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स कटौती का दावा किया। उन्होंने कहा कि टैरिफ के जरिए अरबों डॉलर जुटाए गए और कई देशों के साथ नई ट्रेड डील हुई। उनका कहना था कि टैरिफ से इतनी आमदनी हो सकती है कि आयकर व्यवस्था पर बोझ कम किया जा सके।
स्वास्थ्य, हाउसिंग और सामाजिक योजनाएं… उन्होंने दवाओं की कीमत कम करने का दावा किया। ओबामा केयर की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी नई हेल्थकेयर नीति सीधे लोगों को फायदा पहुंचाएगी। बड़े निवेश फर्मों को हजारों घर खरीदने से रोकने के आदेश का भी जिक्र किया।
विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा… ट्रंप ने कहा कि जहां संभव होगा, शांति बनाएंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। उन्होंने पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिकी दबदबा मजबूत करने की बात कही। साथ ही 2028 ओलंपिक लॉस एंजिलिस में होने और अमेरिका की सैन्य ताकत बढ़ने का जिक्र किया।
डोनाल्ड ट्रंप बड़बोले हैं. यह पूरी दुनिया जानती है. कभी वह भारत-पाकिस्तान सीजफायर का क्रेडिट लेते हैं तो कभी राफेल वाला गलत दावा करते हैं. कभी वो सात युद्ध खत्म कराने का दावा करते हैं तो कभी आठ. अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा दावा किया है, जिससे पूरे पाकिस्तान में एक झटके में ही हड़कंप मच गया.डोनाल्ड ट्रंप के सनसनीखेज दावे से शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नींद उड़ गई. पाकिस्तान में चर्चा होने लगी कि आखिर ट्रंप ने ऐसा कैसे कह दिया. यह तो पाकिस्तान की एक और इंटरनेशनल बेइज्जती हो गई. मगर जब डोनाल्ड ट्रंप के बयान की हकीकत सामने आई तब जाकर शहबाज शरीफ से लेकर पाकिस्तानी हुकीमत को चैन की सांस आई. यहां बता दें कि यह दावा था ऑपरशन सिंदूर से जुड़ा, जिसमें कहा गया कि उस दौरान पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ की मौत हो सकती थी.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने दूसरे कार्यकाल में पहले स्टेट ऑफ द यूनियन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर मई 2025 में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष का जिक्र किया है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी मध्यस्थता के दावे को दोहराया है. उनके बयान से सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया. डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया, ‘अगर मैं शामिल नहीं होता तो पाकिस्तान के PM मर जाते.’ मगर जब उनके भाषण को अच्छे से देखा और समझा गया तो यह दावा कुछ और निकला.
पाकिस्तान तक मच गई हलचल
ट्रंप के भारत और पाकिस्तान का जिक्र करते ही सोशल मीडिया पर हलचल मच गई. कई लोगों को लगा कि ट्रंप दावा कर रहे हैं कि उन्होंने मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को भारतीय हमलों से बचाया है. वहीं, कुछ लोगों ने उनके बयान को अलग तरह से समझा. उनका मानना था कि ट्रंप कह रहे हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें बताया था कि अमेरिका की दखल के बिना 3.5 करोड़ लोग मारे जाते. हालांकि, हकीत यह है कि ट्रंप डोनाल्ड ने असल में कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि अगर वह भारत-पाक युद्ध में दखल नहीं देते तो 35 मिलियन यानी 3.5 करोड़ लोग भारतीय हमलों में मारे जाते. सोशल मीडिया पर भी हड़कंप मच गया.







