राज्य के स्कूलों में शारीरिक और संगीत (म्यूजिक) शिक्षकों की बहाली टीआरई-4 के बाद होगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधानपरिषद की पहली पाली में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी पठन-पाठन के विषयों के शिक्षकों की बहाली चल रही है। इसके बाद इन विषयों के शिक्षकों की बहाली होगी।
राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह के सवाल पर कहा कि गणित, भौतिकी सहित कई अन्य विषयों में अब भी शिक्षकों की कमी है। योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इसलिए सरकार की प्राथमिकता पहले पठन-पाठन वाले विषयों के शिक्षकों की कमी पूरी करने की है। विषयवार शिक्षकों पर ध्यान दिया जा रहा है। जब इन विषयों के शिक्षकों की आवश्यकता पूरी हो जाएगी, तब शारीरिक और संगीत शिक्षकों की भर्ती शुरू होगी। हरेक स्कूल में 500 विद्यार्थियों पर एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह ने शारीरिक शिक्षक को भी महत्वपूर्ण मानते हुए इनकी बहाली जल्द करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा 12 तक के स्कूलों के लिए शारीरिक शिक्षक अनिवार्य किए गए हैं।
विधानपरिषद में भाजपा एमएलसी जीवन कुमार ने दस वर्ष से ज्यादा अनुभव वाले विशिष्ट शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आठ वर्ष पुराने शिक्षकों की प्रोन्नति का प्रावधान है। हालांकि रिक्ति उपलब्ध होने पर ही प्रोन्नति दी जानी है। इसलिए कालबद्ध प्रोन्नति का कोई प्रस्ताव नहीं है। विभाग की मंशा है कि ऐसे शिक्षकों को वित्तीय लाभ देय होगा, वह दिया जाएगा।
राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पास कितनी जमीन है, इसका ब्योरा तैयार होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इसके लिए विभाग की ओर से हर जिले में अधिकारी की तैनाती की जा रही है। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी को बहाल किया जा रहा है। जल्द सभी स्कूल-कॉलेजों का रिकॉर्ड विभाग के पास रहेगा। कांग्रेस एमएलसी मदन मोहन झा ने चहारदीवारी नहीं होने से असमाजिक तत्वों के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था।
शिक्षा मंत्री ए गए हैं।विधान परिषद में जीवन कुमार ने प्रधानाध्यपकों के अपने जिले से 100-500 किमी दूर स्कूलों में पदस्थापित करने और इसके काने विधानपरिषद में कहा कि राज्य के उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जहां अभी कोई कॉलेज नहीं है। ऐसे 213 प्रखंड चिह्नित किरण आ रही दिक्कतों को लेकर ध्यानाकर्षण लाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की तुलना में प्रधानाध्यापकों की संख्या कम है।
फिर भी यथासंभव कोशिश की जाएगी। पहले भी प्रधानाध्यापकों का तबादला हुआ है। सौ प्रतिशत संतुष्टि हो जाए, यह मुश्किल है, 70 प्रतिशत संतुष्टि का स्तर है। नीरज कुमार ने पटना विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति कोष का लाभ छात्रों को न मिल पाने का मामला उठाया, इस पर मंत्री ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति से जवाब मांगा गया है। समय पर जवाब न देने पर संबंधित पर कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा गया है।
राज्य के स्कूलों में शारीरिक और संगीत (म्यूजिक) शिक्षकों की बहाली टीआरई-4 के बाद होगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने शुक्रवार को विधानपरिषद की पहली पाली में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभी पठन-पाठन के विषयों के शिक्षकों की बहाली चल रही है। इसके बाद इन विषयों के शिक्षकों की बहाली होगी।
राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह के सवाल पर कहा कि गणित, भौतिकी सहित कई अन्य विषयों में अब भी शिक्षकों की कमी है। योग्य शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इसलिए सरकार की प्राथमिकता पहले पठन-पाठन वाले विषयों के शिक्षकों की कमी पूरी करने की है। विषयवार शिक्षकों पर ध्यान दिया जा रहा है। जब इन विषयों के शिक्षकों की आवश्यकता पूरी हो जाएगी, तब शारीरिक और संगीत शिक्षकों की भर्ती शुरू होगी। हरेक स्कूल में 500 विद्यार्थियों पर एक शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी। राजद एमएलसी अजय कुमार सिंह ने शारीरिक शिक्षक को भी महत्वपूर्ण मानते हुए इनकी बहाली जल्द करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा 12 तक के स्कूलों के लिए शारीरिक शिक्षक अनिवार्य किए गए हैं।
विधानपरिषद में भाजपा एमएलसी जीवन कुमार ने दस वर्ष से ज्यादा अनुभव वाले विशिष्ट शिक्षकों की प्रोन्नति का मामला उठाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि आठ वर्ष पुराने शिक्षकों की प्रोन्नति का प्रावधान है। हालांकि रिक्ति उपलब्ध होने पर ही प्रोन्नति दी जानी है। इसलिए कालबद्ध प्रोन्नति का कोई प्रस्ताव नहीं है। विभाग की मंशा है कि ऐसे शिक्षकों को वित्तीय लाभ देय होगा, वह दिया जाएगा।
राज्य के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के पास कितनी जमीन है, इसका ब्योरा तैयार होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इसके लिए विभाग की ओर से हर जिले में अधिकारी की तैनाती की जा रही है। राजस्व विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी को बहाल किया जा रहा है। जल्द सभी स्कूल-कॉलेजों का रिकॉर्ड विभाग के पास रहेगा। कांग्रेस एमएलसी मदन मोहन झा ने चहारदीवारी नहीं होने से असमाजिक तत्वों के अतिक्रमण का मुद्दा उठाया था।
शिक्षा मंत्री ए गए हैं।विधान परिषद में जीवन कुमार ने प्रधानाध्यपकों के अपने जिले से 100-500 किमी दूर स्कूलों में पदस्थापित करने और इसके काने विधानपरिषद में कहा कि राज्य के उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जहां अभी कोई कॉलेज नहीं है। ऐसे 213 प्रखंड चिह्नित किरण आ रही दिक्कतों को लेकर ध्यानाकर्षण लाया। इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की तुलना में प्रधानाध्यापकों की संख्या कम है।
फिर भी यथासंभव कोशिश की जाएगी। पहले भी प्रधानाध्यापकों का तबादला हुआ है। सौ प्रतिशत संतुष्टि हो जाए, यह मुश्किल है, 70 प्रतिशत संतुष्टि का स्तर है। नीरज कुमार ने पटना विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति कोष का लाभ छात्रों को न मिल पाने का मामला उठाया, इस पर मंत्री ने कहा कि पटना विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति से जवाब मांगा गया है। समय पर जवाब न देने पर संबंधित पर कार्रवाई के लिए भी पत्र लिखा गया है।





