सांसद पप्पू यादव को शनिवार सुबह बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) लाया गया। गिरफ्तारी के दौरान चोट लगने के कारण उनके सिर में दर्द है, साथ ही धड़कन बढ़ने से उन्हें तकलीफ हो रही है।
इससे पहले पटना पुलिस ने पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात 12 बजे गिरफ्तार किया। 31 साल पुराने केस में पटना की विशेष अदालत ने पप्पू यादव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।
पटना पुलिस की टीम शुक्रवार रात पप्पू यादव के मंदिरी स्थित आवास पर पहुंची। करीब 3 घंटे तक गिरफ्तारी का ड्रामा चला। गिरफ्तारी के दौरान वे बेहोश हो गए। जिसके बाद समर्थक भड़क गए। कुछ देर बाद पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
इस दौरान पप्पू यादव ने कहा, ‘मुझे नहीं पता मेरा क्या होगा।’ देर रात ही पप्पू यादव को हेल्थ चेकअप के लिए IGIMS (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) लाया गया। इसके बाद वे पुलिस कस्टडी में थे, जहां से उन्हें शनिवार सुबह स्ट्रेचर पर PMCH लाया गया है। जानकारी के मुताबिक, आज उनकी कोर्ट में पेशी भी हो सकती है।
पटना के SP सिटी भानु प्रताप सिंह ने बताया, ‘1995 का एक मामला है। इसमें ट्रायल चल रहा है, जिसमें सांसद को कोर्ट में उपस्थित होना था, लेकिन वे तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुए थे। इस कारण उनको गिरफ्तार किया गया। ‘
सांसद ने गिरफ्तारी के समय पुलिस अधिकारियों के सिविल ड्रेस में होने और अपनी खराब सेहत का हवाला देते हुए कड़ा विरोध जताया था। सोशल मीडिया पर उनके निजी सचिव ने आरोप लगाया है कि सांसद को रात भर स्ट्रेचर पर रखा गया और उन्हें उचित इलाज नहीं दिया जा रहा। पुलिस अब उन्हें अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है, जहां उनकी जमानत पर फैसला होगा।
IGIMS से PMCH शिफ्ट
पप्पू यादव के आधिकारिक फेसबुक पेज से दावा किया गया कि उन्हें रात भर IGIMS में बेड तक मुहैया नहीं कराया गया। उनके सचिव ने कहा, ‘रात भर IGIMS में स्ट्रेचर पर रखने के बाद पटना पुलिस अभी माननीय सांसद श्री पप्पू यादव जी को अभी PMCH Hospital ले जा रही है। नीट बेटी की लड़ाई लड़ने के लिए उनके साथ सत्ता और प्रशासन के लोग ऐसा साजिशन कर रहे हैं और उन्हें मारने की साजिश रच चुके हैं।”
पुलिस ने दबाई कानूनी नोटिसें’
सांसद के अधिवक्ता शिवनंदन भारती ने पुलिसिया कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा कि 1995 के इस केस में पप्पू यादव पहले ही जमानत ले चुके थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बेल टूटने के बाद पुलिस ने जानबूझकर नोटिसों को दबाया और बिना धारा 82 की प्रक्रिया पूरी किए सीधे धारा 83 के तहत गिरफ्तारी की। उनके अनुसार, सीधे कुर्की और गिरफ्तारी के लिए पहुंचना कानूनी रूप से चौंकाने वाला कदम है।
आज कोर्ट में पेशी, फिर जेल या बेल?
माना जा रहा है कि आज सांसद को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पप्पू यादव की लीगल टीम जमानत याचिका दायर करने की तैयारी में है। अगर अदालत उनकी याचिका स्वीकार करती है, तो उन्हें रिहाई मिल सकती है, अन्यथा उन्हें जेल जाना होगा। हालांकि, उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए उन्हें जेल के बजाय अस्पताल के कैदी वार्ड में रखने का विकल्प भी खुला है।
गिरफ्तारी से पहले हाईवोल्टेज ड्रामा
पप्पू यादव को गिरफ्तार करने उनके आवास पर शुक्रवार रात सिटी एसपी, पांच डीएसपी, छह थानेदार समेत 100 पुलिसकर्मी पहुंचे। उनके आवास और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में बदल गया। जब पुलिस पहुंची तो वे सबसे ऊपर के फ्लोर पर थे।पुलिस को देख वे भौचक रह गए। उन्होंने डीआईयू के इंस्पेक्टर दीपक से पूछा कि क्या बात है? इतनी रात में आए हैं? कुछ हुआ है क्या? वहां मौजूद पप्पू और उनके करीबी प्रेमचंद की इंस्पेक्टर दीपक और अन्य पुलिस अफसर से तीखी नोक-झोंक होने लगी। सूचना मिलने के बाद उनके समर्थकों की भीड़ उनके आवास और आसपास के इलाकों में पहुंच गई। पुलिस भी पूरी तैयारी के साथ पहुंची थी।
बेहोश होने पर भड़के समर्थक
गिरफ्तार करने आई पुलिस ने पप्पू यादव से कहा, ‘चलिए सर, आपको चलना होगा। कोर्ट का ऑर्डर है।’ इस पर पप्पू यादव ने कहा, ‘मैं रात में कहीं नहीं जाऊंगा। आप सुबह आइएगा फिर चलूंगा। मुझे पहले से ही पता था मैं ऐसे मामले को उठा रहा हूं तो यह सब होना ही था। आप जिसके कहने पर यहां आए हैं, उसे बोल दीजिए मैं रात में नहीं जाने वाला।’







