संसद के शीतकालीन सत्र में आज 7वां कार्यदिवस है। लोकसभा में आज चुनाव सुधारों को लेकर चर्चा होगी, जबकि राज्यसभा में भारत के राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के विषय पर चर्चा कराई जाएगी। बताया जा रहा है कि राज्यसभा में भाजपा की ओर से चर्चा की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। अमित शाह ‘वंदे मातरम्’ की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर अपने विचार रखेंगे। चर्चा का समापन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। इसके अलावा, भाजपा के वरिष्ठ नेता राधामोहन दास अग्रवाल, के लक्ष्मण, घनश्याम तिवारी और सतपाल शर्मा भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे। जानकारी के अनुसार, राज्यसभा में मंगलवार को दोपहर 1 बजे से ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा होगी।
दरअसल राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने के मौके पर भारत सरकार की ओर से सालभर का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 2 दिसंबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई थी। इसमें तय किया गया था कि वंदे मातरम को लेकर 8 दिसंबर को लोकसभा और 9 दिसंबर को राज्यसभा में चर्चा होगी।
NDA संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को जीत के उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी का भी स्पष्ट संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि जनता ने जितना बड़ा जनादेश दिया है, उतनी ही बड़ी अपेक्षाएं भी अब सरकार और जनप्रतिनिधियों से जुड़ गई हैं. ऐसे में अब सभी सांसदों को पहले से कहीं अधिक मेहनत, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ जनता के बीच काम करना होगा.
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. इसके लिए सिर्फ नीतियां बनाना ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर उनके प्रभावी क्रियान्वयन की भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की है.
पीएम मोदी ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां विकास की गति तेज हुई है, आधारभूत ढांचे का विस्तार हुआ है और आम जनता तक योजनाएं पहुंची हैं, उसी मॉडल को अब पूर्वोत्तर राज्यों में भी तेजी से लागू करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि नॉर्थ ईस्ट भारत की प्रगति का नया इंजन बन सकता है और वहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं.
प्रधानमंत्री ने सांसदों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में विकास के कार्यों की लगातार निगरानी करें, जनता से सीधा संवाद बनाए रखें और सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने में सेतु की भूमिका निभाएं.
एनडीए संसदीय दल की बैठक में मौजूद सांसदों ने बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान किया. संसद परिसर में हुई इस बैठक के दौरान सांसदों ने पीएम मोदी को जीत की बधाई दी और इसे उनके नेतृत्व की बड़ी सफलता बताया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में होने वाली स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर होने वाली अहम चर्चा से पहले एनडीए सांसदों को रणनीति को लेकर ब्रीफ भी किया. बताया जा रहा है कि पीएम ने विपक्ष के आरोपों का जवाब किस तरह दिया जाए, इस पर भी सांसदों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.
जनता के लिए और मेहनत करने की जरूरत: पीएम
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि जीत के बाद आत्मसंतोष नहीं बल्कि और अधिक परिश्रम की आवश्यकता है. उन्होंने सांसदों से कहा कि वे निरंतर लोगों से जुड़े रहें और योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं.
बिहार मॉडल का जिक्र, नॉर्थ ईस्ट में तेज होगी विकास रफ्तार
पीएम मोदी ने बिहार में तेजी से हो रहे विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि उसी मॉडल को नॉर्थ ईस्ट तक ले जाना है. उन्होंने कहा कि देश का समग्र विकास तभी संभव है जब हर क्षेत्र को समान अवसर और गति मिले.
किरेन रिजिजू ने दी जानकारी
NDA संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बैठक की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी जीत के लिए शुभकामनाओं और अभिनंदन से हुई. बैठक में सांसदों को उनके क्षेत्र में किए जाने वाले कार्यों और प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए गए. रिजिजू ने बताया कि बैठक में सबसे ज़्यादा ज़ोर इस बात पर दिया गया कि देश के हर क्षेत्र में सुधार कैसे आगे बढ़ाए जाएं.
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कहा कि ऐसा कोई कानून या नियम नहीं होना चाहिए जो आम जनता को परेशान करे. हर नीति और कानून जनता के हित में बनना चाहिए. बैठक में प्रधानमंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से युवाओं को खेल और फिटनेस से जोड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य के लिए युवा शक्ति को सही दिशा देना जरूरी है.
‘तीसरे कार्यकाल में काम की रफ्तार होगी तीन गुना’
किरेन रिजिजू ने बताया कि पीएम ने कहा ‘पहले दो कार्यकाल में जनता ने हमारा काम देखा है, अब तीसरे कार्यकाल में हमें तीन गुना रफ्तार से काम करना है.’ बैठक में NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री को भरोसा जताया और उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए धन्यवाद दिया.







