दिल्ली MCD उपचुनाव 2025 के नतीजे आ गए हैं। सभी 12 वार्डों पर मतगणना खत्म हो गई है। 12 वार्डों में से सात पर बीजेपी की जीत हुई है जबकि तीन सीटों पर आम आदमी पार्टी चुनाव जीती। वहीं, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने कांग्रेस ने एक-एक सीट जीती।
मुंडका में AAP उम्मीदवार अनिल ने 1,577 वोटों के अंतर से वार्ड जीता, जिससे इलाके में पार्टी की मौजूदगी बनी रही। शालीमार बाग-B में BJP की अनीता जैन ने बड़ी जीत हासिल की, जिन्होंने 10,101 वोटों की बड़ी बढ़त के साथ सीट पक्की की। अशोक विहार में कांटे की टक्कर हुई, जिसमें बीजेपी की वीना असीजा सिर्फ 405 वोटों से जीतीं, जबकि बीजेपी के सुमन कुमार गुप्ता ने चांदनी चौक में 1182 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
चांदनी महल में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक के उम्मीदवार मोहम्मद इमरान ने 4,692 वोटों से सीट जीती। बीजेपी ने द्वारका-B में अपनी जीत का सिलसिला जारी रखा, जहां मनीषा देवी 9,100 वोटों के अंतर से जीतीं। दिचाओं कलां में बीजेपी की रेखा रानी ने जीत दर्ज की।
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी राजन अरोड़ा ने नारायणा सीट से 148 वोटों के बहुत कम वोटों से यह सीट जीती और पार्टी का कब्जा बरकरार रखा। कांग्रेस ने संगम विहार-A में शानदार वापसी की, जहां सुरेश चौधरी 3,628 वोटों से जीते। दक्षिणपुरी में AAP उम्मीदवार राम स्वरूप कनौजिया 226 वोटों के मामूली अंतर से जीते। ग्रेटर कैलाश में भाजपा की अंजुम मंडल ने 4,065 वोटों से जीत हासिल की, जबकि विनोद नगर में भाजपा की सरला चौधरी ने 1,769 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।
30 नवंबर को वोटिंग हुई थी
दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों पर उपचुनाव के लिए 30 नवंबर को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक वोटिंग हुई थी। इस चुनाव में 51 उम्मीदवार मैदान में थे। इस बार मतदान प्रतिशत 38.51% रहा।
इन 12 सीटों से 11 सीटें पार्षदों के विधायक बनने के बाद खाली हुई थीं। जबकि द्वारका बी सीट 2024 में खाली हुई थी, जब यहां की पूर्व पार्षद कमलजीत सहरावत ने पश्चिमी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव जीता था।
इसी साल फरवरी में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत हासिल हुई थी। भाजपा ने 70 में से 48 सीटें जीतकर 26 साल बाद सत्ता में वापसी की। आम आदमी पार्टी (AAP) को 40 सीटों का नुकसान हुआ और वह 22 सीटों पर सिमट गई।
इस बार भाजपा ने 68 सीटों पर चुनाव लड़ा, 48 सीटें जीतीं। यानी 71% स्ट्राइक रेट के साथ उसकी 40 सीटें बढ़ीं। वहीं AAP स्ट्राइक रेट 31% रहा और उसे 40 सीटों का नुकसान हुआ।
भाजपा+ को AAP से 3.6% ज्यादा वोट मिले, जबकि उसे AAP के मुकाबले 26 सीटें ज्यादा मिलीं। इधर कांग्रेस को दिल्ली में लगातार तीसरे विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली।
पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले भाजपा का वोट शेयर 9% से ज्यादा बढ़ा। AAP को करीब 10% का नुकसान हुआ। कांग्रेस को भले ही एक भी सीट नहीं मिली, लेकिन वोट शेयर 2% बढ़ाने में कामयाब रही।







