संसद के शीतकालीन सत्र का आज दूसरा दिन है. विपक्ष SIR के मुद्दे पर सरकार को घेर रहा है. वहीं सत्ता पक्ष की कोशिश है कि अहम बिलों पर चर्चा हो. आज की शुरुआत हंगामे के साथ ही हुई. लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में हंगामा जारी है.
राज्यसभा में सोमवार का दिन खास रहा. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा के सभापति के रूप में कार्यभार संभाला. यह उनका बतौर राज्यसभा सभापति पहला दिन था. सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभापति सीपी राधाकृष्णन का जोरदार स्वागत किया और उनके अनुभव तथा मार्गदर्शन की सराहना करते हुए लंबा संबोधन दिया.
ये बिहार में हार का विलाप’
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने SIR पर विपक्ष के विरोध पर कहा, ‘ये SIR पर विरोध प्रदर्शन नहीं है ये बिहार में हार का विलाप दर्शन है। ये कांग्रेस का विलाप है और राजद तथा टीएमसी का विलाप है क्योंकि पहले बिहार को जीता है और अब बंगाल की बारी है तो बंगाल की जो बारी है उससे टीएमसी विचलित हैं। तमिलनाडु में डीएमके अपनी वास्तविकता और लोकप्रियता खो रहा है कांग्रेस पूरे देश में क्षेत्रीय पार्टियों से भी नीचे आ गई है। तो ये हताश लोगों का समूह बन गया है जो बहस नहीं नाटक करना चाहता है।’
14 बिल पास कराने पर सरकार का फोकस
सरकार 14 बिल कराएगी पास संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 15 बैठकें होंगी. इस दौरान सरकार का फोकस 14 विधेयक पास कराने पर है. सरकार दिवाला कानून, बीमा कानून, सिक्योरिटीज मार्केट, कॉर्पोरेट कानून, राष्ट्रीय राजमार्ग, उच्च शिक्षा आयोग, एटॉमिक एनर्जी, जीएसटी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सेस बिल संसद में पेश करेगी.
वंदे मातरम् पर 10 घंटे चर्चा संभव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर सरकार सदन में वंदे मातरम् पर 10 घंटे चर्चा करा सकती है। यह बहस गुरुवार-शुक्रवार को हो सकती है। पीएम मोदी खुद इसमें हिस्सा ले सकते हैं।
30 सितंबर को राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में सत्तारूढ़ दल के कई सदस्यों ने इस चर्चा का प्रस्ताव रखा था। अब तक ऑफिशियल बयान नहीं आया है।
SIR की खामिया हटाकर सुधार करवाना चाहिए… विपक्ष के हंगामे बोले बीजेपी के गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने SIR पर कहा, ‘ SIR कोई पहली बार नहीं हो रहा है. SIR पर पता नहीं क्यों लोग इतना बवाल मचा दिए हैं ये व्यावहारिक संवैधानिक व्यवस्था में होते रहा है. शुद्धिकरण ही SIR है क्या शुद्धिकरण नहीं होना चाहिए… इसे सकारात्मक रूप में लेना चाहिए और जो खामिया हो उसे हटाकर सुधार करवाना चाहिए न कि SIR का विरोध करना चाहिए.’
कांग्रेस सांसद ने संचार साथी एप को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने संचार साथी एप को लेकर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा, “गोपनीयता का अधिकार, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल अधिकार है। दूरसंचार विभाग का यह आदेश कि मोबाइल कंपनियां और आयातक ‘संचार साथी’ एप को फोन में पहले से इंस्टॉल करें और उसे हटाया भी न जा सके। यह लोगों की गोपनीयता पर सीधा हमला है।”
रेणुका चौधरी ने आरोप लगाया कि ऐसा कदम निगरानी बढ़ाने का रास्ता खोलता है और इससे लोगों की हर गतिविधि, बातचीत और फैसले लगातार निगरानी में रहने का खतरा पैदा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए न पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम हैं और न ही कोई संसदीय निगरानी।
शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे
संसद के शीतकालीन सत्र में 10 नए बिल पेश होंगे। लोकसभा बुलेटिन में शनिवार (22 नवंबर) को इसकी जानकारी दी गई थी। इनमें सबसे अहम एटॉमिक एनर्जी बिल है, जिसके तहत पहली बार निजी कंपनियों (भारतीय और विदेशी) को न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
फिलहाल देश में सभी परमाणु संयंत्र सरकार के नियंत्रण वाली कंपनियां जैसे NPCIL ही बनाती और चलाती हैं। बिल पास होने पर निजी क्षेत्र को भी न्यूक्लियर पावर प्रोडक्शन में प्रवेश मिलेगा।
सत्र में आने वाला दूसरा बड़ा बिल ‘हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया’ बिल होगा। इसमें UGC, AICTE और NCTE जैसे अलग-अलग रेगुलेटरी संस्थानों को खत्म करके एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुगम और प्रभावी होगी।
चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए तैयार हुई सरकार- सूत्र
संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच अहम सहमति बनने की खबर है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार चुनाव सुधार पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है.
सूत्रों का कहना है कि आज दोपहर 3 बजे होने वाली BAC (Business Advisory Committee) की बैठक में इस चर्चा का समय तय किया जाएगा. विपक्ष लगातार चुनाव सुधार और Special Intensive Revision (SIR) मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा था.
इससे पहले विपक्ष ने चुनावी रोल्स में गड़बड़ी और BLOs की मौतों पर सरकार से जवाब मांगा था.







