दुनियाभर की नजर इन दिनों अमेरिका, रूस और यूक्रेन पर है। कारण है कि रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के उद्देश्य से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इसके बाद सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से व्हाइट हाउस में बैठक की। इस बैठक के बाद ट्रंप ने दोनों देशों को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के बीच शांति वार्ता कराने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रंप ने यह जानकारी व्हाइट हाउस में यूरोपीय नेताओं और जेलेंस्की के साथ बैठक के बाद दी।
बैठक में ये यूरोपीय नेता रहे मौजूद
जेलेंस्की के साथ यूरोपीय नेताओं, जैसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कियर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब, नाटो महासचिव मार्क रूट और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी मौजूद रहे।
पुतिन और जेलेंस्की से एक साथ बैठक करेंगे ट्रंप
ट्रंप ने इस बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ में कहा, ‘रूस और यूक्रेन में शांति की संभावना को लेकर सभी बहुत खुश हैं। बैठकों के समापन पर मैंने राष्ट्रपति पुतिन को फोन किया। राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच एक निश्चित स्थान पर बैठक की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं। जल्द ही हम दोनों राष्ट्रपति से भी मिलेंगे।’
यूक्रेन को सुरक्षा की पूरी गांरटी
व्हाइट हाउस में बैठक खत्म होने के बाद ट्रंप ने ये भी कहा कि ओवल ऑफिस में हुई बैठक के दौरान हमने यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर चर्चा की है, जो अमेरिका के साथ समन्वय में विभिन्न यूरोपीय देशों द्वारा प्रदान की जाएगी। रूस-यूक्रेन के लिए शांति की संभावना को लेकर सभी बहुत ज्यादा खुश हैं।
15 अगस्त को ट्रंप ने पुतिन के साथ की थी बैठक
यह बैठक ट्रंप और पुतिन की 15 अगस्त 2025 को अलास्का में हुई मुलाकात के बाद हुई, जो बिना किसी ठोस समझौते के समाप्त हुई थी। अमेरिका ने अब तक यूक्रेन को 130.6 अरब डॉलर की सहायता दी है, जिसमें 73.6 अरब डॉलर सैन्य सहायता शामिल है।
बैठक से पहले ट्रंप ने क्या कहा था?
गौरतलब है कि बैठक से ठीक पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जेलेंस्की युद्ध तुरंत खत्म कर सकते हैं अगर वह समझौते के लिए तैयार हों। ट्रंप ने साफ संकेत दिया कि यूक्रेन क्रीमिया वापस नहीं पा सकता और न ही नाटो में शामिल हो सकता। उन्होंने दावा किया कि कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं। इस पर जेलेंस्की ने जवाब दिया कि युद्ध को जल्दी और स्थायी रूप से खत्म करने की सभी की इच्छा है, लेकिन शांति अस्थायी नहीं बल्कि टिकाऊ होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रीमिया और डोनबास की तरह रूस को फिर से हमला करने का मौका नहीं मिलना चाहिए।







