केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार आठवीं बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला। ऐसे ही सूरत को दूसरा स्थान मिला। इससे पहले मध्य प्रदेश का इंदौर लगातार सात बार देश के सबसे स्वच्छ शहर बनने का खिताब हासिल कर चुका है। इस बार इंदौर को स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 की सुपर लीग में शामिल किया गया। सुपर लीग में सिर्फ उन्हीं 23 शहरों को शामिल किया गया, जो अब तक हुए सर्वेक्षणों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे हैं। इंदौर ने सुपर लीग 2024-25 में भी बाजी मार ली है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए
सर्वेक्षण के नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की ओर से आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
4,500 से अधिक शहरों को कवर किया गया
सरकार के मुताबिक, ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ मिशन का मकसद बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही इससे समाज के सभी वर्गों के बीच कस्बों और शहरों को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करने के लिए जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। नौवें वर्ष में प्रवेश करते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण ने स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सेवा वितरण का मूल्यांकन किया। इसमें 10 मापदंडों और 54 संकेतकों का इस्तेमाल करते हुए 4,500 से अधिक शहरों को कवर किया गया।
2017 से इंदौर पहले नंबर पर आ रहा
स्वच्छ सर्वेक्षण में वर्ष 2017 से इंदौर पहले नंबर पर आ रहा है। इंदौर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कह चुके हैं कि दूसरे शहर जब कुछ करने का सोचते हैं, तब तक इंदौर वह काम कर चुका होता है। यह बात स्वच्छता को लेकर भी सही साबित हुई है। इंदौर के जनभागीदारी मॉडल की देशभर में तारीफ होती है। नवाचारों की सीरीज, आपसी समन्वय और कुछ नया करने का जज्बा हमें दूसरे शहरों से आगे रखता है। आज जब दूसरे शहर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए जिद्दोजहद में लगे हैं। इंदौर लगातार सात वर्ष अव्वल रहकर खास पायदान पर पहुंच चुका है।







