भारत के साथ मई में तनाव बढ़ने के बाद से पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर रणनीतिक यात्रा पर अमेरिका में हैं. इससे पहले, रिपोर्टों में बताया गया था कि मुनीर को शनिवार को वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी सैन्य परेड में न्योता दिया गया था. हालांकि, बाद में व्हाइट हाउस ने इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि समारोह में किसी भी विदेशी सैन्य नेता को नहीं बुलाया गया था.
हालांकि, अमेरिका ने इजरायली हमलों को मंजूरी देने से इनकार किया है, लेकिन ईरान के साथ संघर्ष में वह तेल अवीव का सबसे करीबी सहयोगी बना हुआ है. 15 जून को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संघर्ष में अमेरिका इजरायल के साथ खड़ा है. उन्होंने पहले तेहरान को धमकी दी थी कि अगर अमेरिका पर किसी भी तरह से हमला किया गया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
इस प्रकार, ईरान के लिए पाकिस्तान का भाईचारा दायित्व मुनीर के वॉशिंगटन दौरे के दौरान उनके लिए परेशानी खड़ी कर रहा है. अमेरिका स्थित दक्षिण एशिया विश्लेषक माइकल कुगेलमैन ने डॉन को बताया कि मध्य पूर्व में जो तनाव है वह पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका की भागीदारी को सीमित कर सकता है. पाकिस्तान अमेरिका का समर्थन हासिल करना चाहता है, लेकिन उसने इजरायली हमलों की निंदा की है और तेहरान के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है. जनरल मुनीर का इजरायल के सबसे करीबी सहयोगी और ईरान के मुख्य विरोधी की राजधानी में ऐसे तनावपूर्ण क्षण में होना कुछ दिक्कतें पेश कर सकता है.
कुगेलमैन ने कहा कि अमेरिका के साथ अपने सुरक्षा संबंधों को फिर से शुरू करने के लिए पाकिस्तान की तरफ से की जा रही कोशिश कहीं से आसान नहीं होने वाली. मुनीर की यात्रा पर एक और मुद्दा हावी होने की संभावना है, वह है अमेरिका में इमरान खान के समर्थकों की ओर से बड़ी प्रतिक्रिया, जो उनकी यात्रा से पहले के दिनों में पाकिस्तानी सेना प्रमुख पर चौतरफा हमला कर रहे हैं. इमरान की पार्टी पीटीआई के सदस्यों ने वॉशिंगटन में डिजिटल वैन तैनात की हैं, जिन पर मुनीर को निशाना बनाते हुए विज्ञापन लगाए गए हैं, जिसमें उन्हें “इस्लामाबाद का कसाई” और “धोखाधड़ी करने वाला मार्शल” कहा गया है.







