अमेरिका ने चीन के साथ ट्रेड वार शुरू कर रखी है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को संकेत दिया कि अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वार खत्म हो सकता है. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब इस सप्ताह चीन से आयात पर टैरिफ 245% तक बढ़ा दिया गया था. ट्रंप ने कहा कि वह टैरिफ में और वृद्धि नहीं चाहते, क्योंकि इससे उपभोक्ता खरीदारी बंद कर सकते हैं. उन्होंने टिकटॉक के भविष्य पर भी समझौते की संभावना जताई. उनके इस बयान से ऐसा लग रहा है कि अब वह यह समझ चुके हैं कि आखिर ट्रेड वार से अमेरिका को ही नुकसान होने वाला है.
अमेरिका कहता रहा है कि टैरिफ युद्ध खत्म हो सकता है, लेकिन पहले चीन को पहल करनी पड़ेगी. हालांकि चीन से पहले ट्रंप ने ही टैरिफ वार खत्म करने को लेकर बयान दे दिया है. वाइट हाउस में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘तो, मैं नहीं चाहता कि टैरिफ और बढ़े, या मैं उस स्तर तक भी नहीं जाना चाहता. मैं कम टैरिफ रखना चाहता हूं क्योंकि आप चाहते हैं कि लोग खरीदें, और एक निश्चित बिंदु पर लोग खरीदना बंद कर देंगे. क्योंकि एक स्तर के बाद लोग खरीदना बंद कर देंगे. मैं कम टैरिफ चाहता हूं ताकि लोग खरीदारी जारी रखें.’
चीन पर 245 परसेंट का टैरिफ
ट्रंप ने अपने बयान से यह भी संकेत दिया कि वह अन्य देशों पर हाई टैरिफ लगाने में कम रुचि रखते हैं. 2 अप्रैल को उन्होंने भारत समेत दुनिया के लगभग हर देश पर रेसिप्रोकल टैरिफ की घोषणा की थी, जिससे वैश्विक शेयर बाजार गिर गए थे. हालांकि, कुछ दिनों के भीतर ही उन्होंने टैरिफ को 90 दिनों के लिए रोक दिया और अमेरिका में आयात होने वाली ज्यादातर चीजों पर 10 परसेंट का आधार टैरिफ लगाया. हालांकि चीन ने अमेरिका पर भी पलटवार करते हुए टैरिफ लगाया. इस ट्रेड वार का नतीजा ये हुआ कि अमेरिका ने 245 परसेंट तक टैरिफ बढ़ा दिया है.
बातचीत के लिए तैयार है चीन
वाइट हाउस की फैक्ट शीट के अनुसार, ’75 से ज्यादा देशों ने नए व्यापार समझौतों पर चर्चा शुरू की है. इसी कारण हर देश पर लगने वाले अलग-अलग टैरिफ बातचीत के कारण रुके हुए हैं, सिवाय चीन के, जो अपने प्रतिशोधी कदमों के कारण 245% टैरिफ का सामना कर रहा है.’ चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह वाशिंगटन के साथ टकराव नहीं चाहता, लेकिन चुप भी नहीं रहेगा. साथ ही, यदि ट्रंप सम्मान दिखाते हैं तो चीन बातचीत के लिए तैयार है.
ट्रंप ने कहा कि टैरिफ लागू होने के बाद से चीन संपर्क में है और दोनों देश व्यापार समझौता कर सकते हैं. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संपर्क बना हुआ है, लेकिन तुरंत समझौते के लिए उच्च-स्तरीय वार्ताएं फिलहाल नहीं हो रही हैं. ट्रंप ने वाशिंगटन-बीजिंग चर्चाओं या चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भागीदारी के बारे में स्पष्ट जानकारी देने से इनकार किया.







