प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार दौरे पर पहुंच रहे हैं. इसके पहले बिहार में सीएम नीतीश कुमार की यू ‘टर्न वाली’ राजनीति को लेकर फिर चर्चा तब छिड़ गई जब आरजेडी के भाई वीरेद्र ने यह दावा किया कि नीतीश कुमार एनडीए छोड़ महागठबंधन में आने वाले हैं. उनके दावे से जहां सियासी खलबली मची वहीं, तेज प्रताप यादव के बयान ने आ में घी का काम किया. तेज प्रताप यादव ने कहा कि जल्दी ही तेजस्वी यादव बिहार के सीएम बनने जा रहे हैं. जाहिर तौर पर बिहार मं सियासी खलबली मचनी थी, सो मच गई. साफ है कि अगर यह फिर होगा तो एनडीए के लिए बहुत बड़ा झटका साबित हो सकता है. लेकिन, नीतीश कुमार ने खुद के पलट जाने की बात से आ लगी थी उस पर उन्होंने खुद ही पानी डाल दिया. दरअसल, कुछ दिनों से महागठबंधन की ओ से जो लगातार नीतीश कुमार के महागठबंधन में आने को लेकर बयान दे-देकर बिहार की सियासत को गर्माने की कोशिश कर रहे थे, नीतीश कुमार ने ऐसी तमाम अटकलों को खारिज करते हुए एनडीए में ही रहने की बात फिर दुहरा दी और आरजेडी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया.
दरअसल,प्रगति यात्रा के दौरान शुक्रवार को अपने आखिरी दौरे पर पटना में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और एनडीए के नेताओं के बीच नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के भागलपुर दौरे के ठीक पहले बड़ा बयान देते उन तमाम अटकलों को धता बताते हुए साफ शब्दों में बीजेपी से अपनी पुरानी गहरी दोस्ती का हवाला देकर आने वाले समय में भी बीजेपी के ही साथ रहने का वादा किया. नीतीश कुमार ने समीक्षा बैठक के दौरान संबोधित करते हुए एक बार फिर से दोहराया कि उन्हें स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बिहार का मुख्यमंत्री बनाया था और उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर लंबे समय से बिहार के विकास के लिए वह काम कर रहे हैं और आगे भी करेंगे.उन्होंने साफ कहा कि अब वह बीजेपी का साथ छोड़ कहीं नहीं जाने वाले हैं.
आरजेडी की उम्मीदों को सीएम नीतीश ने ध्वस्त किया
नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ आगे भी रहने की बात ही नहीं कही, बल्कि उन्होंने आरजेडी पर भी बड़ा निशाना साधकर लालू-राबड़ी के शासन काल को भी निशाना बनाया. नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 के पहले शाम के बाद कोई घर से बाहर नहीं निकलता था. लोग डर के मारे घर में ही रहते थे. यही नहीं हिंदू-मुस्लिम में भी दंगे होते रहते थे, लेकिन जब से उन्होंने सत्ता संभाली बिहार में ना सिर्फ विकास की गाड़ी तेज दौड़ने लगी, बल्कि लॉ एंड ऑर्डर में भी बड़ा सुधार आया. उन्होंने कहा कि उनके शासन में आने के बाद बिहार में खून खराबा, लूट मार से लेकर दंगे तक बंद हुए. इसकी वजह से बिहार आज यहां तक पहुंचा है.
नीतीश कुमार के इस बयान के मायने समझिये
बता दें कि नीतीश कुमार ने ‘फिर गलती नहीं करूंगा’वाला बयान पहले भी कई बार दिया है, लेकिन इस वक्त इस बयान का महत्व और इस वजह से भी बढ़ जाता है क्योंकि बीते 20 फरवरी को दिल्ली सीएम के शपथ ग्रहण में उनके नहीं जाने से जो सियासत गर्म हो उठी थी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के भागलपुर दौरे से पहले आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र बड़े दावे को पूरी तरह से नकार दिया है कि नीतीश कुमार एक बार फिर महागठबंधन के साथ आयेंगे. नीतीश कुमार के स्वयं स्थिति साफ कर देने के बाद बीजेपी सहित एनडीए काफी उत्साहित है. वहीं, महागठबंधन के लिए झटका हो सकता है, क्योंकि आज भी बिहार की सियासत में माना जाता है कि जिधर नीतीश कुमार गए जीत उसकी ही होती है.







