मेलबर्न में जारी बॉक्सिंग डे टेस्ट में नीतीश रेड्डी ने अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट करियर का पहला अर्धशतक लगाया। उन्होंने 81 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। नीतीश इस ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारत की खोज रहे हैं और उन्होंने क्या शानदार बल्लेबाजी की है। सिर्फ बल्ले से ही नहीं, गेंद से भी उनका प्रदर्शन ठीक ठाक रहा है। उन्होंने तीन विकेट भी लिए हैं। मेलबर्न टेस्ट से पहले भी नीतीश ने अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन अर्धशतक से चूक गए थे, लेकिन यहां न सिर्फ उन्होंने अर्धशतक लगाया, बल्कि भारत को मुश्किल स्थिति से भी निकाला और फॉलोऑन से बचाया।
पेसर्स और स्पिनर्स, दोनों को खेलने में माहिर नीतीश
इसी सीरीज से अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया नीतीश ने
वहीं, नीतीश रेड्डी को इसी सीरीज में भारत के लिए लाल गेंद प्रारूप में डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने इस मौके का भरपूर फायदा उठाया और अपने प्रदर्शन से अलग पहचान स्थापित की। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में इस 21 वर्षीय बल्लेबाज ने 41 और 38* रन बनाए। वहीं, एडिलेड में खेले गए दूसरे मुकाबले में उन्होंने दोनों पारियों में 42-42 रन बनाए। गाबा में तीसरे टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 16 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी मे उनकी बल्लेबाजी नहीं आई थी। अब मेलबर्न में अर्धशतक लगाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वह बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आने को भी तैयार हैं।
नीतीश कई रिकॉर्ड बना चुके
नीतीश रेड्डी अपना नाम इतिहास के पन्नों में पहले ही दर्ज करा चुके हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में आठ छक्के लगाने वाले पहले खिलाड़ी बन गए। किसी भी अन्य भारतीय खिलाड़ी ने ऑस्ट्रेलिया में किसी तेज गेंदबाज के खिलाफ इससे से ज्यादा छक्के नहीं लगाए हैं। इतना ही नहीं, वह नंबर सात या इससे नीचे क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले भारतीय खिलाड़ियों में ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष तीन खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। इस लिस्ट में ऋषभ पंत 350 रन के साथ शीर्ष पर हैं। फिर 276 रन के साथ सैयद किरमानी और तीसरे स्थान पर नीतीश हैं।
नीतीश की कहानी
नीतीश शुरुआती दिनों में इस खेल के प्रति गंभीर नहीं थे, लेकिन एक दिन उन्होंने आर्थिक तंगी से जूझ रहे अपने पिता की आंखों में आंसू देखे। बस इसके बाद उन्होंने कुछ करने की ठानते हुए इस खेल को अपना लिया। उन्होंने क्रिकेटर बनने के लिए खूब मेहनत की। उनकी यह मेहनत आईपीएल में रंग लाई और उन्हें पर्थ में भारत के लिए पहला टेस्ट खेलने का मौका मिला।







