ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी बनी रहती है. ताइवान पर चीन अपनी ताकत लगातार दिखाता है और दावा करता है कि वह उसका क्षेत्र है. एक बार फिर चीन, ताइवान को मिली अमेरिकी मदद को लेकर आग बबूला हो गया है. शनिवार को ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (MND) ने एक बयान जारी कर चीन के नए घुसपैठ के बारे में जाकारी दी है. इससे पहले चीन ने अमेरिका को चेतावनी भी दी थी. चीन ने अमेरिका को सख्त लहजे में कहा था कि वह आग से खेल रहा है. अब यह देखना होगा कि चीन के नए घुसपैठ पर ताइवान क्या जवाब देता है और अमेरिका की इसपर क्या प्रतिक्रिया होगी. सवाल यह भी है कि आखिर चीन क्या करना चाहता है.
TOI की रिपोर्ट के अनुसार MND ने अपने बयान में कहा है कि शनिवार की सुबह ताइवान के क्षेत्र के पास सात चीनी सैन्य विमानों और पांच नौसैनिक जहाजों के संचालन की सूचना आई. ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव जारी है. MND ने X पर अपने पोस्ट में कहा, ”ताइवान के आसपास सात PLA विमान और पांच PLAN जहाज़ों को आज सुबह 6 बजे (UTC+8) तक संचालित होते हुए देखा गया. इनमें से एक विमान मध्य रेखा को पार करके ताइवान के उत्तरी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गया. हमने स्थिति पर नज़र रखी है और स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया की है.”
हाल के दिनों में चीन-ताइवान के बीच बढ़ा तनाव
यह पिछले दिनों में इसी तरह के अभियानों की रिपोर्ट के बाद क्षेत्र में बढ़ती चीनी सैन्य गतिविधि का संकेत है. शुक्रवार को, ताइवान के MND ने पांच चीनी विमानों और पांच नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी के बारे में बताया था. और गुरुवार को, द्वीप के पास पांच PLAN जहाज़ों को संचालित होते हुए भी देखा गया. मालूम हो कि ताइवान जलडमरूमध्य भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र बिंदु बना हुआ है.
जापान, जो ताइवान का करीबी पड़ोसी और प्रमुख सहयोगी है, ने इस क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है. जापानी विदेश मंत्री इवाया ताकेशी ने बुधवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ बैठक में ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता के महत्व को दोहराया, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया.
चीन ताइवान पर करता रहा है दावा
ताइवान में फिलहाल लोकतंत्र बहाल है, शांति से चल रहे इस देश पर चीन लंबे समय अपना दावा करता रहा है. जबकि चीन के इस दावे को ताइवान सरकार खारिज करती आ रही है. चीन ताइवान को अपने अधीन लाना चाहता है और उसपर राज करना चाहता है. वहीं ताइवान खुद को मजबूत करने के लिए अमेरिका से मदद के रूप में हथियार लेता है. ताइवान का मकसद चीन के आक्रमण से खुद को बचाना है.







