प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुवैत की दो दिवसीय यात्रा के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी की इस दो दिनों की यात्रा के दौरान भारत और खाड़ी देश के बीच रक्षा और व्यापार समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किये जाने की उम्मीद है।
कुवैत की यात्रा के लिए प्रस्थान से पहले प्रधानमंत्री का वक्तव्य
आज, मैं कुवैत के अमीर महामहिम शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के निमंत्रण पर कुवैत की दो दिवसीय यात्रा पर जा रहा हूं।
हम कुवैत के साथ पीढ़ियों से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंध को गहराई से महत्व देते हैं। हम न केवल मजबूत व्यापार और ऊर्जा भागीदार हैं, बल्कि पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि में भी हमारे साझा हित हैं।
मैं महामहिम अमीर, क्राउन प्रिंस और कुवैत के प्रधानमंत्री के साथ बैठकों के लिए उत्सुक हूं। यह हमारे लोगों और क्षेत्र के लाभ के लिए भविष्य की साझेदारी के लिए रूपरेखा तैयार करने का अवसर होगा।
मैं कुवैत में भारतीय प्रवासियों से मिलने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं जिन्होंने दोनों देशों के बीच दोस्ती के बंधन को मजबूत करने में बहुत योगदान दिया है।
मैं खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख खेल आयोजन, अरेबियन गल्फ कप के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित करने के विशेष संकेत के लिए कुवैत के नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। मैं एथलेटिक उत्कृष्टता और क्षेत्रीय एकता के इस उत्सव का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हूं।
मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत और कुवैत के लोगों के बीच विशेष संबंधों और दोस्ती के बंधन को और मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से किए गए एक अनुरोध के जवाब में, प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह आज कुवैत में प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ बातचीत के दौरान 101 वर्षीय पूर्व-आईएफएस अधिकारी श्री मंगल सैन हांडा जी से मिलने के लिए उत्सुक हैं।
मोदी कुवैत के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे, भारतीय श्रमिक शिविर का दौरा करेंगे, भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे और गल्फ कप फुटबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की 43 वर्षों में इस खाड़ी देश की पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री की यात्रा से एक दिन पहले विदेश मंत्रालय ने कहा कि कुवैत के साथ द्विपक्षीय निवेश संधि और रक्षा सहयोग समझौते पर चर्चा जारी है।
विदेश मंत्रालय में सचिव (प्रवासी भारतीय मामले) अरुण कुमार चटर्जी ने प्रेस वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान कुछ द्विपक्षीय दस्तावेजों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक यात्रा से भारत-कुवैत द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह न केवल मौजूदा क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि भविष्य में सहयोग के लिए नए रास्ते भी खोलेगा, हमारे साझा मूल्यों को सुदृढ़ करेगा और भविष्य के लिए अधिक मजबूत साझेदारी का निर्माण करेगा।’’
चटर्जी ने कहा कि इस यात्रा से भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के बीच संबंधों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। चटर्जी ने कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौते के लिए जीसीसी के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि दोनों पक्ष इसे पूरा करने में सफल होंगे।’’ कुवैत में श्रमिक शिविर में मोदी की योजनाबद्ध यात्रा के बारे में चटर्जी ने कहा कि भारत सरकार विदेशों में सभी भारतीय श्रमिकों के कल्याण को काफी महत्व देती है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री द्वारा श्रमिक शिविर का दौरा करने का उद्देश्य यह दर्शाना है कि भारत सरकार हमारे श्रमिकों को कितना महत्व देती है। यही मुख्य उद्देश्य है।’’
पीएम मोदी कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के आमंत्रण पर इस यात्रा पर जा रहे हैं। अमीर से मुलाकात के अलावा मोदी कुवैत के युवराज और प्रधानमंत्री से भी बातचीत करेंगे। चटर्जी ने कहा, ‘‘इस यात्रा से दोनों देशों के बीच अधिक मजबूत साझेदारी विकसित करने में मदद मिलेगी।’’ उन्होंने कहा कि मोदी कुवैत नेतृत्व के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों समेत द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1981 में कुवैत का दौरा किया था। भारत, कुवैत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है और भारतीय समुदाय कुवैत में सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। कुवैत, भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है, जिसका द्विपक्षीय व्यापार वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10. 47 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। कुवैत, भारत का छठा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, जो देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को तीन प्रतिशत तक पूरा करता है। अमीर शेख सबाह अल अहमद अल जाबर अल सबाह जुलाई, 2017 में निजी यात्रा पर भारत आए थे। इससे पहले 2013 में कुवैत के प्रधानमंत्री ने भारत की उच्च स्तरीय यात्रा की थी।







