आलोक राज बिहार के नए डीजीपी बनाए गए हैं. आलोक राज 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. गृह विभाग की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. आलोक राज विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के डीजी पद पर तैनात थे. डीजीपी की रेस में शोभा आहोतकर और विनय कुमार का नाम चल रहा था. इसी बीच, आरएस भट्टी का विदाई समारोह आयोजित किया गया. वह केंद्र में सीआईएसएफ के डीजी होंगे. भारत सरकार की ओर से आरएस भट्टी को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है. तेजतर्रार आईपीएस आरएस भट्टी दिसंबर 2022 में बिहार के डीजीपी का कार्यभार संभाले थे.
नए डीजीपी को लेकर दिखी सियासी हलचल
डीजीपी की नियुक्ति को लेकर बिहार में सियासत उफान पर थी. राजविंदर सिंह भट्टी की बिहार से विदाई को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर था. विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में कोई अच्छा अधिकारी रहना नहीं चाहता. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाते हुये कहा था ‘अभी तो डीजीपी राजविंदर सिंह भट्टी का कार्यकाल बाकी था. किसी राज्य का डीजीपी सीआईएसएफ के डीजी से कई गुणा ताकतवर होता है. हर किसी का सपना होता है कि वो स्टेट का डीजीपी बने. राजविंदर सिंह भट्टी पहले भी केंद्र में थे.
उनको काम करना था इसलिए बिहार आए लेकिन प्रदेश में जो माहौल उनको देखने को मिला, विवश होकर उन्हें फैसला लेना पड़ गया.’ तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाया, ‘कुछ आईएएस है जो आईपीएस को दबाकर रखना चाहते हैं. नीतीश कुमार के राज्य में आईएएस और आईपीएस की ट्रांसफर-पोस्टिंग जो होती है उसे पूरी तरीके से नीलाम किया जाता है. जो सबसे ज्यादा नीलामी में भागीदार होता है, उसी को अच्छी पोस्टिंग नीतीश के राज में मिलती है.’
DGP बनते ही आलोक राज का आया पहला बयान, 4 शब्दों में जगा दी न्याय की उम्मीद
बिहार के नवनियुक्त डीजीपी आलोक राज ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है. पूर्व DGP आरएस भट्टी से उन्होंने पदभार लिया है. पदभार ग्रहण करने के बाद सबसे पहले न्यूज18 से एक्सक्लूसिव बातचीत की है. इस बातचीत में आलोक राज ने कहा कि ‘मैं सरकार का आभारी हूं कि सरकार ने मुझे इस कार्य के लिए चुना है. मैं पूरे बिहार का DGP हूं.
मैं आपके चैनेल के माध्यम से संपूर्ण बिहारवासियों को यह कहना चाहता हूं कि पुलिस मुख्यालय के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहेंगे. मेरा मुख्य उद्देश्य होगा कि आम जनता का विश्वास जीतना है.’ DGP आलोक राज ने News18 के संवाददाता अमित कुमार से बातचीत में 4 शब्दों से ही न्याय की उम्मीद जगा दी है. आलोक राज ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनके दरवाजे लोगों के लिए हमेशा खुले रहेंगे.
कौन हैं नए डीजीपी आलोक राज?
1989 बैच के आईपीएस ऑफिसर आलोक राज को बिहार के नए डीजीपी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इससे पहले आलोक राज के पास निगरानी अन्वेषन विभाग का प्रभार था. गृह विभाग की तरफ से उनकी नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया गया था. अब उन्हें इस पदभार को सौंप दिया गया है. 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज वरीयता की सूची में सबसे ऊपर थे.
डीजीपी पद की दौड़ में 1990 बैच की आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर और 1991 बैच के विनय कुमार का नाम भी शामिल था. आरएस भट्टी की प्रतनियुक्ति सीआईएसएफ़ डीजीपी के तौर पर होने के बाद बिहार में कयासों का बाजार गरम था. लेकिन नितीश कुमार की सरकार ने आलोक राज को प्राथमिकता दी है. आलोक राज के लिए अपराध नियंत्रण करना एक बड़ी चुनौती होगी. हालिया अपराध की घटनाओं के बाद बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं. आलोक राज की छवि एक सौम्य पुलिस अफसर की रही है. उन्होंने अपने शैड्यूल में से समय निकालकर शास्त्रीय संगीत की भी शिक्षा ली है.







