नरेंद्र मोदी 9 जून को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. सियासी गलियारों में मोदी 3.O कैबिनेट को लेकर तरह-तरह की अटकलें लग रही हैं. सबसे ज्यादा कयास तीन सबसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों- गृह, रक्षा और वित्त को लेकर है. शपथ से ठीक पहले नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास पर एक बैठक बुलाई. बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में उन्हीं नेताओं को बुलाया गया था, जो मंत्री बनने वाले हैं.
मोदी 3.0 कैबिनेट में किसको मिलेगा गृह, रक्षा और वित्त मंत्रालय?
पीएम आवास पर जो 63 नेता पहुंचे हैं, उनमें राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, मनोहर लाल खट्टर, सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेंद्र प्रधान, डॉ. एस जयशंकर, जयंत चौधरी, किरण रिजिजू, अनुप्रिया पटेल, रवनीत सिंह बिट्टू, जितिन प्रसाद, पंकज चौधरी, राजीव (ललन) सिंह, संजय सेठ, शोभा करंदलाजे, गिरिराज सिंह, रामदास अठावले, नित्यानंद राय, बीएल वर्मा, अन्नपूर्णा देवी, अर्जुन राम मेघवाल, पीयूष गोयल, राव इंद्रजीत सिंह, अजय टम्टा, जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, निर्मला सीतारमण, जी किशन रेड्डी, बंदी संजय आदि शामिम हैं। इनके अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद रहे।
अगली कतार में नए नेताओं को जगह
इस मीटिंग की जो तस्वीरें सामने आई हैं, उसमें कुछ वरिष्ठ नेता सबसे अगली कतार में बैठे नजर आए. पर दिलचस्प बात यह है कि कई नेता पहली दफा इस तरह की मीटिंग में सबसे आगे की कतार में बैठे दिखे.

मीटिंग में सबसे आगे की कतार में बैठे नेता.
कौन-कौन अगली कतार में बैठा था?
PM आवास पर आयोजित बैठक में सबसे अगली कतार में अमित शाह, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, एस. जयशंकर, निर्मला सीतारमण, धर्मेंद्र प्रधान, मनोहर लाल खट्टर, एचडी कुमारस्वामी, शिवराज सिंह चौहान, जीतन राम मांझी, ललन सिंह और पीयूष गोयल बैठे नजर आए. अमूमन शाह, गडकरी और राजनाथ सिंह बीजेपी या मोदी की मीटिंग में सबसे आगे बैठे दिखते हैं. इस बार मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान, हरियाणा के पूर्व सीएम खट्टर और धर्मेंद्र प्रधान जैसे नेता सबसे आगे दिखे.
क्या है इसका मतलब?
अगली कतार में नए नेताओं को शामिल करने का मतलब एक तरीके से इनके ‘प्रमोशन’ का संकेत है. मोदी की मीटिंग में अगली कतार को देखकर कयास लगाया जा रहा है कि गृह, रक्षा और वित्त जैसे सबसे भारी-भरकम और अहम पोर्टफोलियो इनमें से किसी के हिस्से जाएगा.







