नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के 3 बयान
तारीख 29 मई: बिहार में न तो लोकतंत्र बचा है और न ही सरकार। यहां केवल नौकरशाही रह गई है। आज हालात ऐसे हैं कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नहीं सुनी जाती है।
तारीख 28 मई: चार जून के बाद नरेन्द्र मोदी की विदाई तय है। 4 जून के बाद हमारे चाचा नीतीश कुमार अपनी पार्टी को बचाने के लिए कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। जदयू वाले अपनी सीटों पर लगे हैं और भाजपा के लोग अपनी सीटों पर लगे हैं। ये चीजें दिखा रही हैं कि चार जून के बाद कुछ बड़ा होने जा रहा है।
तारीख 26 मई: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हार के डर से अब चुनावी सभाओं में मुझे जेल भेजने की तारीख बता रहे हैं। प्रधानमंत्री की यह स्वीकारोक्ति है कि वो जांच एजेंसियों को अपना खिलौना समझते हैं। वो जब चाहे जहां चाहे अपनी इच्छा अनुसार विपक्ष के किसी भी नेता को मनगढंत और काल्पनिक केस में जेल भेज सकते हैं?
लोकसभा चुनाव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को 12 सीटें आई हैं। आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी ने 16 सीटों पर जीत दर्ज की है। यानी ये दोनों नेता नई केन्द्र सरकार के गठन में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। नरेन्द्र मोदी को फिर से एनडीए संसदीय दल का नेता चुन लिया गया। उन्होंने समर्थन पत्र राष्ट्रपति को सौंप दिया है।
इस बीच जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सार्वजनिक तौर पर नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी आसक्ति पैर छूकर और बयान देकर दिखाई उससे साफ हो गया कि बिहार में हाल-फिलहाल कोई खेला नहीं होने वाला है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और चिराग पासवान ने साफ कह दिया है 2025 का चुनाव नीतीश जी के नेतृत्व में लड़ेंगे।
अब नीतीश कुमार का सेंट्रल हॉल में दिया बयान पढ़िए…
- नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमारी पार्टी JDU, भाजपा संसदीय दल के नेता नरेंद्र मोदी को भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए समर्थन देती है। यह बहुत खुशी की बात है कि 10 साल से ये पीएम हैं और फिर पीएम होने जा रहे हैं। इन्होंने पूरे देश की सेवा की है और उम्मीद है कि अगली बार सब पूरा कर देंगे।’
- ‘हम लोग पूरे तौर पर सब दिन इनके साथ रहेंगे। हमें लगता है कि इधर-उधर जो थोड़ा जीत गया है न, अगली बार जब आइएगा न ऊ सब हार जाएगा। उन लोगों ने कोई काम नहीं किया है।’
- ‘आप (मोदी) देश को आगे बढ़ाएंगे। खुशी की बात है। जल्दी से जल्दी से आपका शपथ ग्रहण हो जाए। हम तो आज ही चाहते हैं। पूरे देश को इससे फायदा होगा। इधर-उधर कोई करना चाहता है उसे कोई लाभ नहीं है। आपके नेतृत्व में सभी लोग चलेंगे।’
ये वही नीतीश कुमार हैं…
नीतीश कुमार ने अपने भाषण में कहा, ‘वे पूरी तरह से नरेन्द्र मोदी के साथ हैं। बिहार और देश बढ़ेगा। नरेंद्र मोदी जैसे चाहेंगे हम लोग साथ मिलकर करेंगे। यहां तक कहा कि वे रविवार की बजाय आज शनिवार को ही पीएम पद की शपथ ले लें तो अच्छा होता। हम लोग जल्द से जल्द काम शुरू करें।’
भूलना नहीं चाहिए कि ये वही नीतीश कुमार हैं, जिन्होंने नरेन्द्र मोदी को पीएम पद का चेहरा बनाने पर बीजेपी से रिश्ता तोड़ लिया था। बीजेपी के सारे मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था। बाढ़ राहत के लिए गुजरात से आया पैसा वापस कर दिया था। मिट्टी में मिल जाएंगे… वाला बयान दिया था।
राजनीति से अलग देखें तो नीतीश कुमार की सबसे बड़ी यूएसपी यह रही है कि जिस किसी के साथ भी वे रहे लॉ एंड ऑर्डर उनकी प्रायोरिटी में रहा। महिलाओं का काफी वोट मिलने की बड़ी वजह यही है। हालांकि, कई बड़ी घटनाएं हुईं। लेकिन, अपहरण, नक्सली हिंसा जैसी घटनाएं पहले जैसी नहीं रहीं।




तेजस्वी की भविष्यवाणी और इंडिया गठबंधन की आस टूट रही
हालांकि, इंडिया गठबंधन की बैठक के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि लोगों की इच्छा पूरी करने के लिए हम सही समय पर सही कदम उठाएंगे। लेकिन, विपक्ष की जैसे नीतीश कुमार ने बोलती बंद कर दी। तेजस्वी की राजनीतिक भविष्यवाणी भी दम तोड़ रही है। विपक्ष को अगर यह उम्मीद रही कि नीतीश और चंद्रबाबू नायडू बीजेपी का साथ छोड़ राजनीतिक लोभ में इंडिया के साथ आएंगे तो वह आस भी टूट रही है।

पीएम मोदी के प्रति सीएम नीतीश के मन में आदर का भाव
राजनीतिक विश्लेषक प्रवीण बागी कहते हैं कि कई मंचों से नीतीश कुमार ने कहा कि बीच में हम इधर-उधर चले गए थे, लेकिन अब कहीं नहीं जाएंगे, आपके साथ ही रहेंगे। शुक्रवार को सेंट्रल हॉल में नीतीश कुमार ने पीएम मोदी के पैर छूए, हालांकि पीएम ने पैर नहीं छूने दिया, रोक दिया।
यह दिखलाता है कि पीएम मोदी के प्रति उनके मन में आदर का भाव है। दूसरी बात यह कि नीतीश कुमार के मन में पश्चाताप का भाव है, नीतीश अपनी गलती का अहसास नरेन्द्र मोदी को करा रहे हैं।
2025 का विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा
प्रवीण बागी आगे कहते है, इंडिया गठबंधन चाहता था कि 150 से 200 तक भाजपा या एनडीए सिमट जाएगी। कांग्रेस की सीटें बढ़ी पर वह सौ पर भी नहीं पहुंच सकी। 99 पर ही अटक गई। आरजेडी 23 सीटों पर लड़ी, लेकिन सफलता सिर्फ 4 सीटों पर ही मिली।
महागठबंधन की जूनियर सहयोगी माले तीन सीट पर लड़कर दो पर जीती। यानी आरजेडी का जनाधार कम है। भले ही वे पिछली बार के शून्य से इतनी सीट ला पाए। जेडीयू 16 में से 12 सीटें जीत गई। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने भी कह दिया कि 2025 विधानसभा चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेंगे।
नीतीश सत्ता के लिए बेचैन- एजाज अहमद, आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता
तेजस्वी यादव ने जो बयान दिया था कि 4 जून के बाद नीतीश बड़े खेला करेंगे, उस पर आरजेडी अब कुछ नहीं कहती। आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद कहते हैं कि तेजस्वी यादव ने स्पष्ट रूप से कहा था कि ये मौका है, चुनाव के समय बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाए तो क्यों नहीं हित में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की बात करते हैं? हर साल दो करोड़ नौकरी-रोजगार के वादा का क्या हुआ, नरेन्द्र मोदी को इस पर बोलना चाहिए था।







