मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राजगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार किया हैं. दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह ने बीजेपी प्रत्याशी रोडमल नागर के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था, ‘दिग्गी राजा की राजनीति से विदाई का समय आ गया है, लेकिन आशिक का जनाजा जरा धूम से निकलना चाहिए.’
इस पर दिग्विजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर पलटवार करते हुए लिखा, ‘कल खिलचीपुर की सभा में अमित शाह ने अपने भाषण में 17 बार मेरा नाम लिया. यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है. मैं उनका आभारी हूं.’
कल खिलचीपुर की सभा में अमित शाह @AmitShah जी ने अपने भाषण में १७ बार मेरा नाम लिया। यह उनका मेरे प्रति जो अपार प्रेम है वह दर्शाता है। मैं उनका आभारी हूँ। लेकिन जो झूठ बोलने के संस्कार उनके गुरू @narendramodi ने उन्हें दिये हैं वह उनके भाषण में ८ बार नज़र आये।
अमित शाह जी के ८…— Digvijaya Singh (@digvijaya_28) April 27, 2024 [/tw]
दिग्विजय सिंह ने अमित शाह पर लगाए झूठ बोलने के आरोप’
दरअसल, गृहमंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह पर कई आरोप लगाए. उनके इन आरोपों को दिग्विजय सिंह ने सिरे से नकारते हुए सफाई पेश की. दिग्विजय सिंह ने लिखा कि अमित शाह ने उनपर राहुल गांधी को सलाह देकर घोषणा पत्र में मुस्लिम पर्सनल लोन डालने का आरोप लगाया है जबकि कांग्रेस के घोषणा पत्र में कोई मुस्लिम पर्सनल लोन नहीं है.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह ने उनपर भगवा आतंकवाद कहने का आरोप लगाया है जबकि उन्होंने कभी भगवा आतंकवाद शब्द का प्रयोग नहीं किया. दिग्विजय सिंह ने लिखा कि अमित शाह ने उनपर अफजल गुरु की फांसी का विरोध करने का आरोप लगाया है जबकि उन्होंने अफजल गुरु की फांसी को जल्द करवाने के लिए पत्र लिखा था.
दिग्विजय सिंह ने अमित शाह के आरोपों पर को नकारा
दिग्विजय सिंह ने चौथे आरोप पर कहा कि अमित शाह ने उनपर PFI पर बैन लगाने पर विरोध करने का आरोप लगाया है जबकि उन्होंने कभी इसका विरोध नहीं किया बल्कि सिमी पर सबसे पहले उन्होंने लगाया था. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने PFI की राजनीति की इकाई के साथ कर्नाटक में गठबंधन करके लोकल चुनाव लड़ा.
दिग्विजय सिंह ने पांचवें आरोप में कहा कि अमित शाह ने उनपर कोरोना के टिके का विरोध करने का आरोप लगाया है जबकि उन्होंने कभी भी कोरोना का टीका न लगाने की अपील नहीं की.
दिग्विजय सिंह ने आगे लिखा कि अमित शाह ने उनपर कोरोना महामारी में राजनीति करने का आरोप लगाया है. जबकि राजगढ़ जिले के लोग ऑक्सीजन और सिलेंडर के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे थे. तब उन्होंने ने ही ऑक्सीजन और सिलेंडरों की व्यवस्था की थी.
दिग्विजय सिंह ने कहा कि अमित शाह ने मेडिकल कॉलेज देने के बात कही हैं. जबकि राज्य में जब कांग्रेस की सरकार थी और जयवर्धन सिंह प्रभारी मंत्री थे, तब उन्होंने मुख्यमंत्री के माध्यम से राजगढ़ में जिला मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव केंद्र को भिजवाया था.
अमित शाह के भोपाल रामगंज मंडी रेलवे लाइन के लिए 2000 करोड़ प्रस्तावित करने के बयान पर दिग्विजय सिंह ने लिखा कि सन 2000- 2001 प्रस्ताव स्वीकृति वर्ष था, उस समय राज्य में कांग्रेस सरकार थी. लागत 2000 करोड़ नही 3032 करोड़ रुपए रखी गई थी.







