चुनाव आयोग ने कल यानी 16 मार्च को लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान कर दिया. इसके मुताबिक आम चुनाव पूरे भारत में सात फेज में कराए जाएंगे. चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही देश में आचार संहिता लागू हो गया है. वहीं, चुनाव को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए इलेक्शन कमीशन भी तैयारी में जुट गया है. इसके लिए आयोग सिक्योरिटी को लेकर काफी सख्त हो गया है. चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान के टाइम सुरक्षा का पुरा ध्यान रखा जाएगा. वहीं नियमों को सख्ती से लागू किया जाएगा. आपको बता दें कि सिक्योरिटी को देखते हुए 3.4 लाख सीएपीएफ कर्मियों को तैनात किया जा सकता है.
पश्चिम बंगाल में विशेष पुलिस बल तैनात किया जाएगा
मीडिया रिपोर्ट की माने तो वेस्ट बंगाल में केंद्रीय बलों की सबसे अधिक तैनाती की जाएगी. इसके मुताबिक यहां 92,000 कर्मियों को पोस्ट करने का काम किया जा सकता है. आपको बता दे कि यहां सात चरणों में इलेक्शन संपन्न होंगे. वहीं, जम्मू-कश्मीर में 63,500 जवानों को तैनात किया जा सकता है. चुनाव आयोग के मुताबिक यहां पांच चरणों में वोटिंग होंगे. छत्तीसगढ़ जो नक्सल प्रभावित है यहां 36,000 जवान तैनात किए जाएंगे. तीन फेज में वोटिंग होगा. केंद्रीय शासित प्रदेशों में सीएआरपीएफ की अधिकतम 3,400 कंपनियों को अनबोर्ड किया जाएगा. बता दें कि एक कंपनी में लगभग 100 जवान शामिल होते हैं.
इन इलाकों में होगी इतनी तैनाती
आंध्र प्रदेश, अरुणा प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम में विधानसभा चुनाव भी लोकसभा चुनाव के साथ कराए जाएंगे. वहीं, अधिकारियों ने जानकारी दी कि पश्चिम बंगाल में सीपीएफ की अधिकतम 920 कंपनियों की तैनाती की जाएगी. वहीं, जम्मू-कश्मीर में 635 कंपनियां, बिहार में 295, उत्तर प्रदेश में 252 कंपनियां और आंध्र प्रदेश में 250 कंपनियों को तैनात किए जाएंगे. वहीं, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीएम सुरक्षा बल, केंद्रीय सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत, सशस्त्र सीमा बल और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड शामिल होंगे. सीएपीएफ की संयुक्त ताकत लगभग 10 लाख कर्मियों की है.
लोकसभा चुनाव: नेता हों या कार्यकर्ता, चुनाव आयोग की 10 बातें कान खोलकर सुन लें
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे, जब कभी हम दोस्त हो जाएं तो शर्मिंदा न हों… मशहूर शायर बशीर बद्र के इस शेर के जरिए चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों और उसके कार्यकर्ताओं को नसीहतें जारी की है.
16 मार्च को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने चुनाव की घोषणा करते हुए कहा है कि इस बार धनबल और जनबल मुक्त चुनाव कराना हमारा लक्ष्य है, इसके लिए हम दो साल से तैयारी कर रहे हैं. हम इस बार काफी सख्ती बरतेंगे और हम यह नहीं चाहेंगे कि कुछ लोगों की वजह से पूरा चुनाव खराब हो.
इसी संदर्भ में चुनाव आयोग की ओर से 10 दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं. इस स्टोरी में इसे विस्तार से समझते हैं.
1. हेट स्पीच की जगह नहीं- मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही दिशा-निर्देश दे चुका है. ऐसे में चुनाव में हेट स्पीच की कोई जगह नहीं है. नेता या कार्यकर्ता हेट स्पीच का उपयोग करते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे.
2. धनबल पर एक्शन- चुनाव आयोग ने कहा है कि धनबल को लेकर हम इस बार सख्त हैं. हमने जांच एजेंसियों से इसको लेकर संपर्क साधा है. चोरी-छिपे अगर कोई नेता या उसके कार्यकर्ता धनबल का उपयोग करते हैं, तो उसकी खैर नहीं.
3. फर्जी खबर फैलाने वालों की खैर नहीं- निर्वाचन आयोग ने कहा है कि चुनाव के दौरान अगर सोशल मीडिया या मीडिया में कोई भी फर्जी खबर फैलाते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. हमने फेक खबरों की पहचान के लिए एक सेटअप तैयार किया है.
4. क्रिमिनल रिकॉर्ड वालों को टिकट क्यों, बताना होगा – चुनाव आयोग का कहना है कि राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि उसने क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले नेताओं को टिकट क्यों दिया? इसके लिए राजनीतिक दलों को अखबारों और टीवी चैनलों पर विज्ञापन देना होगा.
5. पर्सनल अटैंक नहीं करेंगे स्टार कैंपेनर- चुनाव आयोग ने कहा है कि सभी दलों के स्टार कैंपेनर पर्सनल अटैक करने से बचेंगे. अगर वो ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ आयोग कार्रवाई कर सकती है. आयोग का कहना है कि चुनाव मुद्दों पर आधारित हो.
6. बच्चों की तस्वीर का उपयोग नहीं करेंगे- चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को कहा है कि वे अपने कैंपेन में किसी भी तरह से छोटे बच्चों का उपयोग न करें. आयोग का कहना है कि इस तरह के काम करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी.
7. गलत विज्ञापन देने पर कार्रवाई- चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर कोई राजनीतिक दल गलत विज्ञापन देने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. आयोग ने कहा है कि सभी लोग इस बात का खास ध्यान रखेंगे.
8. जाति और धर्म की बात न करें- चुनाव आयोग ने कहा है कि राजनीतिक दलों को कैंपेन के वक्त जाति और धर्म की बात नहीं करनी चाहिए. आयोग ने कहा है कि कैंपेन सबको जोड़ने वाला हो, ना कि तोड़ने वाला. सभी लोग इसका ध्यान रखें.
9. सोशल मीडिया पर प्रतिद्वंदियों को बदनाम न करें- आयोग ने सभी दलों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर किसी भी नेता और उसके उम्मीदवारों को बदनाम करने वाला पोस्ट न करें. ऐसे करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
10. संगठन को सही सलाह दें- चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा है कि सभी दल अपने संगठनों को सही सलाह दें. आयोग ने कहा है कि सभी दल संगठन के कामकाज को पारदर्शी भी रखें.
7 चरणों में चुनाव, 4 जून को गिनती
चुनाव आयोग के मुताबिक लोकसभा चुनाव 7 चरणों में कराया जाएगा. मतों की गिनती 4 जून को होगी. आयोग ने चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है. बिहार, बंगाल और यूपी की लोकसभा सीटों पर सभी 7 चरणों में मतदान कराए जाएंगे.
आयोग की ओर से कहा गया है कि पहले चरण में 102, दूसरे चरण में 89, तीसरे चरण में 94, चौथे चरण में 96, पांचवे चरण में 49, छठे चरण में 57 और सातवें चरण में 57 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा







