पाकिस्तान में आज शुक्रवार जुमे की नमाज के दौरान दो जगहों पर बड़े धमाके हुए हैं. पहला धमाका पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुआ जहां एक डीएसपी समेत 52 लोग मारे गए हैं जबकि 50 से ज्यादा घायल हैं. दूसरा धमाका खैबर पख्तूनख्वा के हंगू में हुआ है.
पाकिस्तान में शुक्रवार को 2 जगहों पर 2 ब्लास्ट हुए। पहला धमाका बलूचिस्तान के मस्तुंग शहर में एक मस्जिद के पास हुआ। ये आत्मघाती हमला था। इसमें एक DSP समेत 52 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 लोग घायल हुए हैं। हमले के वक्त लोग ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के लिए इकट्ठा हो रहे थे।
दूसरा धमाका खैबर पख्तूनख्वा के हंगू शहर की मस्जिद में हुआ। ये भी फिदायीन हमला था। यहां एक पुलिस अफसर समेत 4 लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मस्जिद में नमाज पढ़ी जा रही थी तभी धमाका हुआ। इसके बाद मस्जिद की छत गिर गई। यहां 30-40 लोग मलबे में दबे हुए हैं। 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है।
पहले खबर थी कि हंगू शहर में दो धमाके हुए। एक पुलिस स्टेशन के बाहर और एक मस्जिद के अंदर। अब पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि पुलिस स्टेशन के बाहर धमाका नहीं हुआ। वहां पुलिस अफसरों ने धमाके से पहले ही स्टेशन के अंदर घुस रहे एक आतंकी को मार गिराया।
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस अधिकारियों ने कहा- दो आतंकी पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश कर रहे थे। एक को हमने मार गिराया और दूसरा फरार हो गया। भागने वाला ये आतंकी सुसाइड बॉम्बर था, जिसने पास की मस्जिद में हमला कर दिया।
अब बलूचिस्तान में हुए धमाके की तस्वीरें देखें…




बलूचिस्तान धमाके में घायल लोगों का इलाज करवाएगी सरकार
पहला धमाका बलूचिस्तान के मस्तुंग शहर में हुआ। यहां के असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया कि ब्लास्ट DSP नवाज गिशकोरी की कार के पास हुआ। जियो न्यूज के मुताबिक, हमले में जिस पुलिस ऑफिसर की मौत हुई है वो DSP नवाज ही हैं।
बलूचिस्तान के कार्यवाहक सूचना मंत्री जन अचकजई ने बताया कि सभी घायलों को अस्पताल भेजा गया है। जरूरत पड़ी तो उन्हें कराची शिफ्ट किया जाएगा। घायलों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
बलूचिस्तान में 3 दिन का शोक
बलूचिस्तान के चीफ मिनिस्टर ने पूरे प्रांत में 3 दिन के शोक का ऐलान किया है। बलूचिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP ने कहा है कि इस विस्फोट के पीछे उनका हाथ नहीं है। उन्होंने इस हमले की निंदा की है। हमारा मकसद साफ है कि हम मस्जिद और पब्लिक गैदरिंग को निशाना नहीं बनाते हैं।







