अमेरिका दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अमेरिकी संसद में इतिहास रच दिया। पीएम मोदी ने दूसरी बार अमेरिकी संसद को संबोधित किया। इसके साथ ही पीएम मोदी अमेरिकी संसद को संबोधित करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हो गए हैं। अमेरिकी संसद में पीएम मोदी के करीब 58 मिनट के भाषण के दौरान उन्हें 15 बार स्टेंडिग ओवैशन मिला। 79 बार उनके भाषण के दौरान तालियां बजीं। अपने भाषण में पीएम मोदी ने बताया कि कैसे भारत अमेरिका की दोस्ती नई ऊंचाईयों को छू रही है।
प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाने वाले तीसरे भारतीय नेता हैं। पीएम मोदी के पहले मनमोहन सिंह नवंबर 2009 में और राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जून 1963 में अमेरिका की राजकीय यात्रा पर गए थे। हालांकि अभी तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने दो बार अमेरिकी संसद को संबोधित नहीं किया था। वहीं, दुनिया के सिर्फ कुछ गिने चुने नेताओं ने ही अमेरिकी संसद में दो बार संबोधन दिया है।
बेंजामिन नेतन्याहू के बाद दूसरे स्थान पर
अमेरिकी संसद को दो बार संबोधित करने वाले पीएम मोदी पहले भारती पीएम बन गए हैं। इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बाद दूसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने इसे तीन बार संबोधन किया है। वहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में शुमार हैं, जिन्होंने दो बार अमेरिकी संसद को संबोधित किया है।
2016 में देश के 5वें भारतीय प्रधानमंत्री थे
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून 2016 में अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान यूएस कांग्रेस यानी अमेरिकी संसद को संबोधित किया था। 7 साल पहले पीएम मोदी अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करने वाले देश के 5वें भारतीय प्रधानमंत्री थे। उनसे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 19 जुलाई 2005 को, अटल बिहारी वाजपेयी ने 14 सितंबर 2000 को, पी वी नरसिम्हा राव ने 18 मई 1994 को और राजीव गांधी ने 13 जुलाई 1985 को अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था।
US कांग्रेस में पीएम मोदी के भाषण की खास बातें:-
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- मोदी ने कहा, “सात सालों में बहुत कुछ बदला, लेकिन भारत-US की दोस्ती को गहरा करने की प्रतिबद्धता जस की तस रही. पीएम ने भारत के साथ अमेरिका के रिश्तों की तुलना AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से की. उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के बीच अब भरोसे की मित्रता है. दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ा है.’
- मोदी ने कहा, ‘भारत और अमेरिका दोनों महान लोकतांत्रिक देश हैं. लोकतंत्र से दोनों देशों के गहरे संबंध हैं. अमेरिकी सपनों के लिए भारत बराबर का साझीदार है. अमेरिकी सपनों में भारतीयों का भी योगदान है. उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि यूएस स्पीकर के लिए काम आसान नहीं होगा.
- पीएम मोदी ने कहा, “200 सालों से हमने आपसी भरोसे को बढ़ाया है. भारत-अमेरिका के संबंधों पर महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर का प्रभाव है. दो सदी तक हमने एक-दूसरे को प्रभावित किया है. भारत और अमेरिका के लिए लोकतांत्रिक मूल्य मायने रखते हैं. लोकतंत्र समानता और सम्मान का प्रतीक है.”
- पीएम ने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी है. लोकतंत्र ही चर्चा और विमर्श का जरिया है. अमेरिका अगर सबसे पुराना देश है तो भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है. हम मिलकर दुनिया को नया भविष्य दे सकते हैं. हमने आजादी के 75 साल का जश्न मनाया है.
- पीएम ने कहा- ‘लोकतंत्र हमारे पवित्र और साझा मूल्यों में से एक है. पूरे इतिहास में एक बात स्पष्ट रही है कि लोकतंत्र वह भावना है जो समानता और सम्मान का समर्थन करती है. लोकतंत्र वह विचार है जो बहस और चर्चा का स्वागत करता है. लोकतंत्र वह संस्कृति है जो विचार और अभिव्यक्ति को पंख देती है.’
- मोदी ने कहा कि पहले भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी. लेकिन अब भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. साल 2025 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. भारत न सिर्फ विकास कर रहा है बल्कि तेजी से आगे बढ़ रहा है.
- मोदी ने कहा, “भारत में 2500 राजनीतिक दल हैं. एक हजार से ज्यादा भाषाएं हैं. हर 100 मील पर खानपान बदल जाते हैं. दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा भारत में रहता है. भारत का विकास दूसरे देशों को प्रेरित करता है. भारत विकास करता है तो दुनिया विकास करती है. हमारा एक ही विजन है- सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास. हम इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर फोकस कर रहे हैं.”
- उन्होंने कहा कि हम दुनिया की आबादी का छठा हिस्सा हैं. पिछली शताब्दी में जब भारत ने अपनी स्वतंत्रता हासिल की, तो इसने कई अन्य देशों को औपनिवेशिक शासन से खुद को मुक्त करने के लिए प्रेरित किया. इस सदी में जब भारत बेंचमार्क स्थापित करेगा और विकास करेगा तो यह कई अन्य देशों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा. हमारा विजन है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास.
- मोदी ने कहा, “अमेरिका की स्थापना एक समान दृष्टिकोण वाले लोगों से प्रेरित थी. अपने पूरे इतिहास में आप दुनिया भर के लोगों को गले लगाते हैं और आपने उन्हें अमेरिकी सपने में समान भागीदार बनाया है. यहां लाखों लोग हैं जिनकी जड़ें भारत में हैं, उनमें से कुछ इस कक्ष में गर्व से बैठे हैं और एक मेरे पीछे है.”
- पीएम मोदी ने कहा, ‘हम राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना चला रहे हैं. भारत में 50 करोड़ लोगों के फ्री स्वास्थ्य योजना है. जनधन योजना में 50 करोड़ लोगों को फायदा पहुंचा है. भारत में 200 करोड़ वैक्सीन बनाई गईं. आज के भारत में महिलाओं की स्थिति बेहतर हुई है. महिलाएं बेहतर भविष्य का नेतृत्व कर रही हैं. आदिवासी समाज से भारत में राष्ट्रपति हैं. 15 लाख महिलाओं को अलग-अलग स्तर पर नेतृत्व करते देखा जा रहा है. देश की सेनाओं में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है.’
- पीएम मोदी ने कहा, “पिछले 9 साल में एक अरब लोगों को तकनीक से जोड़ा गया है. 10 करोड़ किसानों के खातों में पैसा पहुंचाया जा रहा है. 85 करोड़ लोगों को डीबीटी से पैसा मिल रहा है. हम धरती को मां समझते हैं. भारत में सस्ता इंटरनेट भी बड़ी क्रांति है. तकनीक से समाज आपस में जुड़ रहा है. इंटरनेट का फायदा हर भारतीय को मिल रहा है. भारत में हर कोई मोबाइल से लेन-देन कर रहा है. हम वसुधैव कुटुंबकम पर भरोसा करते हैं.”
- पीएम ने कहा, “भारत में विविधता जीवन जीने का एक स्वाभाविक तरीका है. आज दुनिया, भारत के बारे में अधिक से अधिक जानना चाहती है. मैं इस सदन में भी वह जिज्ञासा देख सकता हूं पिछले दशक में भारत में अमेरिकी कांग्रेस के 100 से अधिक सदस्यों का स्वागत करके हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं. भारत के विकास, लोकतंत्र और विविधता को हर कोई समझना चाहता है. हर कोई जानना चाहता है कि भारत क्या कर रहा है और कैसे कर रहा है?”
- उन्होंने कहा, “भारत का सबसे अहम डिफेंस पार्टनर अमेरिका है. अमेरिकी कंपनी के विकास से भारत में विकास हो रहा है. भारत और अमेरिका स्पेस और समुद्र में भी साथ मिलकर काम कर रहे हैं. भारत में विमान की मांग से यूएस में रोजगार बढ़ता है. यूएस में भारतीयों का बड़ा योगदान है. अमेरिका आज भारत का सबसे बड़ा रक्षा सहयोगी है.”
- यूक्रेन जंग का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ये युद्ध का समय नहीं है. यूक्रेन में खून-खराबा रुकना चाहिए. यूक्रेन युद्ध से इलाके में बड़ी पीड़ा देखने को मिली है. यूक्रेन युद्ध से यूरोप की ओर युद्ध वापस लौटा है. ग्लोबल साउथ के देश खासकर प्रभावित हुए हैं. युद्ध से लोगों को पीड़ा पहुंचती है. बातचीत से समाधान निकाला जाना चाहिए. यूक्रेन और रूस के बीच 24 फरवरी 2022 से जंग चल रही है. भारत कई बार शांति की अपील कर चुका है.
- पीएम ने 9/11, 26/11 की घटनाएं याद कीं और कहा, आतंकवाद मानवता का दुश्मन है. आतंकवाद को बढ़ाना देने वालों के खिलाफ साझा तौर पर लड़ना होगा. मुंबई हमले के बाद भी आतंकवाद का खतरा बरकरार बना हुआ है. दुनिया के लिए आतंकवाद और कट्टरता बड़ा खतरा है. पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका के बीच दोस्ती बनी रहे की कामना के साथ अपना भाषण खत्म किया.






