वर्ष 202 के अंत होते–होते दो राज्यों में विधानसभा चुनाव और दिल्ली नगर निगम चुनाव ने हर इक राजनीतिक दलों की झोली में कुछ–न–कुछ दिया है। गुजरात चुनाव में भाजपा ने अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है‚ वहीं कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में हर पांच साल में सत्ता बदलने की परिपाटी बरकरार रखी और भाजपा को सत्ता से उतार दिया। चूंकि आम आदमी पार्टी (आप) पहली बार गुजरात के रण में उतरी थी‚ इस नाते पार्टी के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के हौसले को पंख दे दिया है। साथ ही जिम्मेदारी का अहसास भी कराया है। उम्दा प्रदर्शन के चलते महज १० साल पुरानी पार्टी का राष्ट्रीय राजनीतिक दल का दर्जा हासिल कर लेना वाकई कई राजनीतिक दलों के लिए सीखने की बात है। गुजरात में भाजपा की प्रचंड़ जीत कई मायने में महत्वपूर्ण है। २७ वर्ष से राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा का अगले ५ वर्ष के लिए फिर से सत्तासीन होना‚ कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी है। २०१७ में ७७ सीट और ४१.४ फीसद वोट हासिल करने वाली देश की सबसे पुरानी पार्टी वर्ष २०२२ में सिर्फ १७ सीट और २६.७ फीसद वोट ही हासिल कर सकी। ‘हाथ’ का इस तरह तेजी से संकुचन बताता है कि पार्टी को न केवल गुजरात बल्कि अगले साल ५ से ज्यादा राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और २०२४ में होने वाले आम चुनाव के लिए ‘जादुई’ प्रदर्शन करना होगा। हां‚ हिमाचल प्रदेश में जीवटता का प्रदर्शन करते हुए भाजपा के जबड़े़ से जीत हासिल करना कहीं–न–कहीं पार्टी की उम्मीदों को सहारा देता प्रतीत होता है। स्वाभाविक रूप से कांग्रेस नेतृत्व को हिमाचल जैसी रणनीति पर शिद्दत से फोकस करने की जरूरत है। हिमाचल में हार निःसंदेह भाजपा के लिए बड़़ा झटका है‚ और पार्टी नेतृत्व को यहां ‘पिछले दरवाजे से’ सत्ता हासिल करने की कलाकारी छोड़़कर हार पर मंथन करने की ज्यादा जरूरत है। बहरहाल‚ आप के आहिस्ता–आहिस्ता उभार ने इस नई नवेली पार्टी के भविष्य का खाका जरूरत खींच दिया है। गुजरात में १३.२ फीसद मत हासिल करना आसान नहीं है। भाजपा को आप की चढ़ाई पर नजर रखनी होगी। वैसे उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन भी कमोबेश सराहनीय ही माना जाएगा। कुल मिलाकर पूरे चुनावी घटनाक्रम से आगे की चुनावी तस्वीर पर लगी धुंध साफ होने लगी है।
राम मंदिर के नाम पर फर्जी रसीद ,गोपाल राव पर भी चढ़ावा चोरी की आंच!
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने आरोपियों से मंदिर की फर्जी चंदे की...







