इंग्लैंड़ की टीम ने पाकिस्तान को हराकर टी–20 विश्व कप जीतकर अपने नाम के आगे ‘व्हाइट बॉल किंग’ को तमगा लगा लिया है‚ इसकी वजह उनका टी–२० के साथ वनडे़ विश्व कप का भी चैंपियन होना है। यह खिताब उन्होंने २०१९ में न्यूजीलैंड़ को हराकर जीता था। इंग्लैंड़ ने बादशाहत बनाने के लिए इन प्रारूपों यानी व्हाइट बॉल क्रिकेट के बारे में अपनी सोच को बदला है। २०१५ के आईसीसी विश्व कप में जब इंग्लैंड़ की टीम नाक आउट चरण में स्थन नहीं बना सकी तो उन्होंने खिलाडि़यों को उनकी छवि के बजाय प्रदर्शन के आधार पर चुनने की शुरुआत की। साथ ही उन्होंने दोनों छोटे प्रारूपों खासकर टी–२० में युवा और आक्रामक अंदाज से खेलने वाले खिलाडि़यों को वरीयता दी और इसका परिणाम उन्हें २०१९ का आईसीसी विश्व कप और अब टी–२० विश्व कप जीतने के रूप में मिल गया है। असल में छोटे प्रारूप की यह क्रिकेट कौशल के साथ सही रणनीति बनाने और मजबूत मानसिकता के साथ खेली जाने वाली क्रिकेट हो गई है। इस मामले में पिछड़़ने की वजह से ही पाकिस्तान खिताब पर कब्जा जमाने में असफल हो गई। इंग्लैंड़ को दोनों विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाने वाले बेन स्टोक्स रहे हैं। जिस तरह इंग्लैंड़ ने २०१५ के घटिया प्रदर्शन से सीख लेकर अपना पूरा हुलिया बदल दिया‚ उसी तरह भारत को भी अपनी टीम का पूरा हुलिया बदलने की जरूरत है। सही मायनों में टी–२० में युवा क्रिकेटरों पर दांव लगाने की जरूरत है। हम पिछले करीब एक दशक से देखते आ रहे हैं कि देश के दिग्गजों को खिलाकर आईसीसी ट्रॉफी जीतने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। इसलिए अब इन दिग्गजों पर वनडे़ और टेस्ट मैचों की जिम्मेदारी छोड़़कर टी–२० क्रिकेट में हार्दिक पांड़¬ा के नेतृत्व में एक नई टीम बनाने की जरूरत है। इस टीम में १५५ किमी. प्रति घंटे की रफ्तार निकालने वाले उमरान मलिक जैसे पेस गेंदबाजों‚ रवि बिश्नोई जैसे स्पिनरों को रखने की जरूरत है। यही नहीं बल्लेबाजी में भी ऐसे बल्लेबाजों को खिलाने की जरूरत है। पृथ्वी शॉ इसी सोच का प्रतिनिधित्व करते हैं पर उनकी क्यों लंबे समय से अनदेखी की जा रही है‚ समझ से परे है। सही मायनों में टीम चुनने के अंदाज को ही बदलने की जरूरत है। बीसीसीआई के चयनकर्ता यदि ऐसा कर पाए तो दो साल बाद होने वाले टी–२० विश्व कप में हम चैंपियन बनकर लौट सकते हैं।
बांग्लादेश की ऑस्ट्रेलिया पर ऐतिहासिक जीत……..
हसन महमूद और मेहदी हसन मिराज की घातक गेंदबाजी से बांग्लादेश ने पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट...







