प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार से तीन दिवसीय गुजरात दौरे हैं. पीएम मोदी ने गुजरात के आमोद में विकास परियोजना का शिलान्यास किया है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज सुबह मैं यहां आ रहा था तब एक दुखद खबर भी मिली. आज मुलायम सिंह यादव जी का निधन हो गया है. मुलायम सिंह यादव जी का जाना देश के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है. उन्होंने कहा कि जब भाजपा ने 2014 चुनाव के लिए मुझे प्रधानमंत्री पद के लिए आशीर्वाद दिया तब मैंने विपक्ष में जो लोग थे जिनसे मेरा परिचय था, जो वरिष्ठ राजनेता थे, उनसे आशीर्वाद देने का एक उपक्रम किया था. मुझे याद है, उस दिन मुलायम सिंह जी का वो आशीर्वाद, कुछ सलाह के वो शब्द, आज भी मेरी अमानत हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जी के साथ मेरा नाता विशेष प्रकार का रहा है. जब हम दोनों मुख्यमंत्री के रूप में मिला करते थे तब वे भी और मैं भी दोनों के प्रति एक अपनत्व का भाव अनुभव करते थे. पीएम ने कहा कि मैं आज मुलायम सिंह जी को गुजरात की इस धरती से, मां नर्मदा के इस तट से उनको आदरपूर्वक भावभीनी श्रद्धांजलि देता हूं और ईश्वर से प्रार्थन करता हूं कि उनके परिवार, उनके समर्थकों को ये दुख सहने की शक्ति दे.
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि जब भी हम भारत के इतिहास को पढ़ते हैं और भविष्य की बात करते हैं, तो भरूच की चर्चा हमेशा गर्व के साथ होती है. इस धरती ने ऐसी अनेकों संतानों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने काम से देश का गौरव बढ़ाया है. आज पहला बल्क ड्रग पार्क गुजरात को मिला है, और वो भी मेरे भरूच को मिला है. केमिकल सेक्टर से जुड़े अनेक प्लांट का भी आज लोकार्पण हुआ है.
उन्होंने आगे कहा कि देश-विदेश से इतना व्यापार-कारोबार होने के बाद अब जब एयरपोर्ट मिल रहा है, तो विकास को एक नई गति और एक नई उड़ान मिलने वाली है. और जब नरेन्द्र-भूपेन्द्र की डबल इंजन की सरकार है तो एयरपोर्ट का काम भी तेजी से पूरा हो जाएगा. अब भरूच बड़ौदा या सूरत के एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रह सकता, अब भरूच का अपना एयरपोर्ट होना चाहिए, इसलिए अंकलेश्वर में नया एयरपोर्ट बनाने का आज शिलान्यास हो रहा है.
जब ‘नेताजी’ ने लोकसभा में पीएम मोदी को दे दिया था ‘विजयी भव:’ का आशीर्वाद
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का राजनीतिक कद काफी बड़ा था। वे सही मायनों में किंग और किंगमेकर दोनों थे। उनके विचारों में हमेशा देश सबसे पहले था। यही कारण है कि उनके सुझाव और संसद में उनके वक्तव्यों को बड़े ध्यान से सुना और समझा जाता था। वे एक ऐसी शख्सियत थे, जो विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों नेताओं से करीबी रखते थे। राजनीतिक मतभेदों के तमाम शिकवे होने के बाद भी जब मुलायम सत्ता पक्ष के नेताओं से मिलते थे तो उनका मिजाज दिलखुश होता था। पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों के धुरविरोधी रहे मुलायम का उनके साथ करीबियों का भी खूब जिक्र होता है। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले तो मुलायम से पीएम मोदी को फिर चुने जाने का आशीर्वाद ही दे दिया था।
जब मुलायम ने पीएम मोदी को दी बधाई
2019 के फरवरी की बात है। लोकसभा में मुलायम सिंह यादव बोल रहे थे। उनके बगल में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी बैठी हुई थीं। मुलायम ने कहा था, ‘हम प्रधानमंत्री जी को बधाई देना चाहते हैं कि आपने सबसे मिलजुलकर काम किया। यह सच है कि हमने जब-जब आपसे किसी काम के लिए कहा तो आपने उसी वक्त आदेश दे दिया। इसके लिए हम आपका सम्मान करते हैं।’ मुलायम ने आगे कहा, ‘मैं कहना चाहता हूं कि मेरी कामना है कि सारे सदस्य फिर से जीतकर आएं। मैं कहना चाहता हूं कि हम लोग तो इतना बहुमत नहीं ला सकते तो आप फिर से प्रधानमंत्री बनें।’ इस पर पीएम मोदी ने हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया और सदन ने मेज थपथपाकर मुलायम सिंह यादव की बात का समर्थन किया।
मुलायम-मोदी की ऐसी रही करीबी
मुलायम और मोदी की करीबी कोई नई नहीं थी। पीएम मोदी मुलायम सिंह के पोते के तिलक समारोह में शामिल होने सैफई गए थे। मुलायम ने एक बार 2016 में नरेंद्र मोदी के लिए कहा था, ‘पीएम मोदी को देखिए, वह मेहनत और लगन से प्रधानमंत्री बने हैं। वह एक गरीब परिवार से आते हैं और वह अपनी मां को भी नहीं छोड़ सकते हैं।’
पीएम मोदी ने किया मुलायम के साथ रिश्तों को याद
पीएम मोदी ने मुलायम के निधन पर दुख जताते हुए उनके साथ अपने पुराने रिश्तों को याद किया है। पीएम ने मुलायम सिंह यादव के साथ अपनी तस्वीरों को ट्वीट करते हुए कहा कि जब हम दोनों अपने-अपने राज्य के सीएम रहे थे तो हमारी मुलायम सिंह यादव के साथ कई बार मुलाकात हुई थी। ये करीबी रिश्ता हमेशा बना रहा। मैं हमेशा उनकी बातों और विचारों को सुनने की कोशिश करता था। उनके निधन से मुझे बहुत दुख हुआ है।
मुलायम सिंह ने आज सुबह ली अंतिम सांस
गौरतलब है कि मुलायम सिंह यादव का आज सुबह (10 अक्टूबर) निधन हो गया। वे 82 साल के थे। उन्होंने दिल्ली से सटे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली। उनका बीते कई दिनों से मेदांता में इलाज चल रहा था और हालत काफी नाजुक थी। वे मेदांता के आईसीयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। उनकी तबीयत बीते कई दिनों से गंभीर बनी हुई थी। उन पर दवाओं का असर नहीं हो रहा था।तबीयत बिगड़ने पर उनके ऑक्सीजन के लेवल को भी बढ़ाया गया था और वेंटिलेटर पर वह लगातार डॉक्टरों की टीम की निगरानी में थे।




