मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा कि गरीब राज्य होने के बावजूद बिहार में विकास का काम तेजी से किया जा रहा है। नीतीश ने आज यहां राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के एक कार्यक्रम में ४३२५ नवनियुक्त राजस्व कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देने के बाद अपने संबोधन में कहा‚ ‘बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग वह लगातार कर रहे हैं। इस मसले पर लोग कुछ–कुछ बोलते रहते हैं और अखबार में उनकी बात छप जाती है। कुछ लोग कहते हैं कि यह संभव नहीं है। हमलोग गरीब राज्य को आगे बढ़ाना चाहते हैं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने से विकास योजनाओं में राज्य सरकार को १० प्रतिशत राशि ही खर्च करनी पड़ेगी शेष ९० प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देगी। इससे तेजी से बिहार का विकास होगा। गरीब राज्य को आगे बढ़ाने का काम करना चाहिए।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोग प्रचार–प्रसार वाले लोग नहीं हैं। हमलोग काम करते हैं। कौन–कौन‚ क्या–क्या बोलते रहते हैं‚ वही सब चीजें टीवी पर चलती रहती है। सोशल मीडिया पर भी बाते चलती रहती हैं। खबरें एकतरफा छप रही है। हमलोग हमेशा चाहते हैं कि राज्य का विकास तेजी से हो। आज कल प्रतिदिन सिर्फ भाषणबाजी हो रही है। हमलोग यही चाहते हैं कि बिहार और आगे बढ़े। समाज में कुछ लोग टकराव पैदा करना चाहते हैं। समाज में प्रेम और भाईचारे का भाव बना रहे‚ हमलोग इसके लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में फ्रेश सर्वे सेटलमेंट का काम तेजी से चल रहा है।
नीतीश ने कहा कि वर्ष २००९ में आपसी झगड़ों में कमी लाने एवं विवादों के समाधान के लिए कानून बनाया जिस पर काफी तेजी से काम किया गया। वर्ष २०१८ में मामला अदालत में चले जाने के कारण यह काम कुछ समय के लिए रुक गया था लेकिन वर्ष २०२० से पुनः इस पर काम चल रहा है। राज्य में ६० प्रतिशत हत्याएं भूमि विवाद के कारण होती हैं। वह चाहते हैं कि राज्य में विकास का काम तेजी से हो और कोई विवाद न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे राज्य में फ्रेश सर्वे सेटलमेंट का काम तेजी से चल रहा है। नौ वर्ष बीत गये। वह तो चाहते थे कि पांच साल में ही यह काम हो जाए। सर्वे सेटलमेंट का काम जल्द से जल्द पूरा हो इसके लिए यदि जरूरत पड़े तो और कर्मियों की बहाली कीजिये। इसके लिए एरियल सर्वे भी हुआ है। अगले दो साल के अंदर वर्ष २०२४ तक सर्वे सेटलमेंट का काम पूरा करने का विभाग का लक्ष्य है। इस काम में तेजी लाकर सर्वे सेटलमेंट का काम जल्द से जल्द पूरा करें। सर्वे सेटलमेंट का काम पूरा हो जाएगा तो जमीन संबंधी विवादों में काफी कमी आएगी और इसके कारण घटित होने वाली अन्य प्रकार की घटनाओं पर भी रोक लगेगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है ताकि लोगों की समस्याओं का शीघ्रतापूर्वक समाधान हो सके। नीतीश ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग केअधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि २७०० राजस्व कर्मचारियों की और बहाली होनी है‚ इसे शीघ्रता से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि बिहार में एक राजस्व कर्मचारी को आठ से दस हलकों का काम करना पड़ता था‚ लेकिन अब इतनी तादाद में बहाली होने से उनके काम का बोझ काफी कम हो जाएगा।
नई पीढी के लिए करना है काम
मुख्यमंत्री ने फूलपुर से लोकसभा चुनाव लड़ने की बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए बल्कि नई पीढी की खातिर काम करना है। नीतीश ने मीडि़या से बातचीत के दौरान फूलपुर से चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा‚ ‘ऐसी कोई बात नहीं है। ऐसी बातों पर हमें भी आश्चर्य होता है। फूलपुर से चुनाव लड़ने जैसी कोई बात नहीं है। मेरी रुचि सिर्फ एक ही चीज में है कि ज्यादा से ज्यादा विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगी तो २०२४ में बहुत बड़ी सफलता मिलेगी।
हम इसके लिए सिर्फ काम कर रहे हैं। हमें अपने लिए कुछ नहीं चाहिए। हमें नई पीढ़ी के लिए काम करना है।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका सारा ध्यान देश को आगे बढ़ाने पर है। आज जो देश की हालत है वह किसी से छुपी नहीं है। देश के विकास के लिए विपक्षी पार्टियों का एकजुट होना जरूरी है। अभी समाज में टकराव पैदा करने की कोशिश की जा रही है। हिंदू–मुस्लिम में टकराव पैदाकर विवाद खड़ा करने की कोशिश हो रही है इसीलिए वह चाहते हैं कि सारी विपक्षी पार्टियां एकजुट हों और मिलकर काम करें तो देश बहुत आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश हित सर्वोपरि है।







