आज देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में जनता के दरबार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल हुए। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 59 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों में अधिकारियों को समाधान करने के लिए निर्देश दिए। आज इस कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुई।
अररिया से आए एक व्यक्ति ने सीएम से कहा कि हमारे यहां अब तक कला भवन नहीं बना है। जिसके बाद तुरंत सीएम नीतीश कुमार ने सचिव को फोन किया, और उनसे कहा कि अररिया से आए हैं वहां अब तक कला भवन नहीं बना है? देख लीजिए, सब कुछ किया हुआ है तो अब तक क्यों नहीं बना, इस पर थोड़ा ध्यान दीजिए।
सीएम बोले – चीफ सेक्रेट्री साहब कमाल है, इधर आइए
दूसरा मामला भी अररिया से ही सामने आया। फरियादी ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविका बहाली को लेकर काफी धांधली चल रही है। बस इतना ही सुनते सीएम नीतीश कुमार ने समाज कल्याण विभाग के चीफ सेक्रेट्री को बोले कमाल है, इधर आइए, इतनी शिकायतें क्यों आ रही है? इस पर थोड़ा ध्यान दीजिए, दिव्यांग लोगों को सरकारी लाभ नहीं मिल रहा है। इस तरह की शिकायतें भी सामने आ रही है। इसको थोड़ा रिव्यू कीजिए और ध्यान दीजिए।
"जनता के दरबार में मुख्यमंत्री" 12.09.2022
कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री @NitishKumar ने फरियादी की समस्या सुनने के बाद समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया।#CMJantakeDarbar#CMkeNirdesh#BiharSocialWelfareDept pic.twitter.com/xsn3howFQ6— IPRD Bihar (@IPRD_Bihar) September 12, 2022
बक्सर जिला के डुमरांव से आए एक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में भारी अनियमितता है। अस्पताल में तैनात चिकित्सक ड्यूटी ऑवर में अपना निजी क्लिीनिक चलाते हैं जिसके कारण मेरे नवजात नाती का निधन हो गया। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को मामले की जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
कटिहार से आए फरियादी ने कहा – हॉस्पिटल है लेकिन डॉक्टर नहीं
कटिहार जिला के बरहमपुर प्रखंड से आए एक फरियादी ने कहा कि वहां जो अस्पताल है वह बंद पड़ा है। हम पिछली बार भी आपके पास आए थे। आपने उस समय चिट्ठी लिख कर दिया था, लेकिन अब तक अस्पताल चालू नहीं हुआ है। आगे उसने कहा कि अगर यह हॉस्पिटल चालू हो जाएगा तो करीब 5-6 पंचायत को इसका लाभ मिलेगा। अभी वहा पर ले लोगो को अगर कुछ होता है तो 15 किलोमीटर दूर अस्पताल ले कर जाना होता है। जिस पर नीतीश कुमार ने तुरंत एक्शन लेते ही फोन किया और कहा कि कटिहार से आए हैं, थोड़ा देख लीजिए वहां जल्द से जल्द अस्पताल को चालू करवा दीजिए।
बांका जिला से आए एक युवक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा कि मेरी मां का निधन कोरोना से हो गया, लेकिन आज तक अनुदान की राशि नहीं मिल पायी है। भागलपुर जिला से आए एक युवक ने गुहार लगाते हुए कहा कि उनके पिता की मृत्यु कोरोना से हो गई, मगर आज तक उनको अनुदान की राशि नहीं मिली है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुये स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इस जनता दरबार में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, सूचना प्रावैधिकी मंत्री इसराईल मंसूरी समेत अन्य मंत्री शामिल हुए। साथ ही पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे।






