प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 8 सितंबर को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को उद्घाटन करेंगे। दरअसल, दिल्ली के ऐतिहासिक राजपथ और सेंट्रल विस्टा लॉन का रीडेवलपमेंट किया गया है। अब इनका नाम बदल कर ‘कर्तव्य पथ’ कर दिया गया है। सेंट्रल विस्टा के उद्घाटन के दौरान खतरों को देखते हुए कड़ी चाक चौबंद लगा दी गई है। ऐसे में आज आम लोगों को भारी ट्रैफिक की परेशानी से जूझना पड़ सकता है। प्रोजेक्ट से जुड़े 10 मार्ग शाम 6 से 9 बजे रात तक बंद रहेंगे। कई मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्ट किया जाएगा।
3 बजे से बंद रहेगा दिल्ली हाई कोर्ट
सेंट्रल विस्टा के उद्घाटन के चलते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के साथ-साथ पटियाला हाउस कोर्ट गुरुवार को दोपहर 3 बजे से बंद रहेगी। बुधवार को हाई कोर्ट ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी है।
पीएम की सुरक्षा में SPG तैनात
प्रधानमंत्री का कार्यक्रम होने की वजह से सुरक्षा की कमान स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानी SPG ने अपने हाथ में ले ली थी। उद्घाटन से पहले किसी बाहरी व्यक्ति को इलाके में जाने की अनुमति नहीं थी। सेंट्रल फोर्स के अलावा प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड भी निगरानी कर रहे हैं। यहां की फोटो लेने पर भी मनाही है। टाइट सिक्योरिटी की वजह से टूरिस्ट बैरिकेड्स के पास खड़े होकर इंडिया गेट देखने की कोशिश करते रहे।
खाने-पीने का सामान बेच रहे एक वेंडर ने कहा कि तीन साल बहुत मुश्किल में निकले हैं। पूरे इलाके में काम चल रहा था। अब ये बहुत खूबसूरत बनकर तैयार हुआ है। उम्मीद है कि और ज्यादा लोग यहां आया करेंगे और हमारा काम अच्छा चलेगा।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना को उद्घाटन कार्यक्रम शाम 7 बजे शुरू होगा, जो 90 मिनट तक चलेगा। इसके लिए 6 बजे से 9 बजे तक आसपास के रास्ते बंद रहेंगे। जानिए पीएम मोदी का मिनट टू मिनट कार्यक्रम…
7 PM – नेताजी सुबाष चंद्र बोस की मूर्ति का अनावरण
7:10 PM – इंडिया गेट पहुंचेंगे पीएम
7:25 PM – श्रमजीवियों से संवाद
7:30 PM – कर्तव्यपथ का उद्घाटन
7:40 PM – मंच पर पहुंचेंगे पीएम
8:02 PM – पीएम मोदी का संबोधन
20 हजार करोड़ में तैयार हुआ प्रोजेक्ट
सेंट्रल विस्टा एवेन्यू विजय चौक से इंडिया गेट तक 3.2 किमी में फैला हुआ है। प्रोजेक्ट को पूरा करने में 20 हजार करोड़ रुपए लगे हैं। इसे डिजाइन करने वाले डॉ. बिमल पटेल है। यहां रेड ग्रेनाइट से बने 15.5 किमी के वॉकवे से लेकर 16 पुल और फूड स्टाल तक की व्यवस्था की गई है। इसे लगभग 20 महीने बाद आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
उद्घाटन से एक दिन पहले तक सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में काम चलता रहा। एक सुपरवाइजर ने बताया कि बुधवार रात तक काम पूरा करना है, इसलिए 24 घंटे मजदूर लगे हुए हैं। 9 सितंबर से लोग यहां घूम सकेंगे।
कितना जानते हैं आप Central Vista Project के बारे में? नए संसद भवन के निर्माण के अलावा भी बहुत कुछ है इसमें
कितने करोड़ का है ये प्रोजेक्ट
केंद्रीय विस्टा पुनर्विकास परियोजना (Central Vista Redevelopment Project) के गैर-आवासीय कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए संसद और सुप्रीम कोर्ट सहित केंद्रीय बजट 2022-23 में आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को 2,600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। यह पिछले वित्त वर्ष में दिए गए 1,833.43 करोड़ रुपये से 767.56 करोड़ रुपये अधिक है। बता दें, आवास बनाने के उद्देश्य से मंत्रालय को 873.02 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
क्या है सेंट्रल विस्टा?
सेंट्रल विस्टा नई दिल्ली में स्थित भारत का केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र है। औपनिवेशिक युग के दौरान, प्रमुख ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने सेंट्रल विस्टा कॉम्प्लेक्स को डिजाइन किया था। इसका उद्घाटन 1931 में हुआ था और इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक और रिकॉर्ड कार्यालय शामिल थे, जिसे बाद में इंडिया गेट स्मारक और राजपथ के दोनों ओर नागरिक उद्यानों के साथ राष्ट्रीय अभिलेखागार के रूप में नामित किया गया था।
सेंट्रल विस्टा के पुनर्विकास की कल्पना सितंबर 2019 में की गई थी, जिस पूरे प्रोजेक्ट को अलगे 6 सालों में कंप्लिट करना था। उसके लिए अनुमानित लागत 20,000 करोड़ रुपये थी। उस दौरान विपक्ष की आलोचना का सामना करते हुए केंद्र सरकार ने कहा था कि एक नए संसद भवन की आवश्यकता है क्योंकि वर्तमान की संसद भवन 1920 के दशक की है, जो कि काफी पुरानी हो चुकी है और इससे खतरा होने की आशंका बनी रहती है।

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में क्या-क्या है शामिल?
नियोजित पुनर्विकास कार्यों में नया त्रिकोणीय संसद भवन, संसद सदस्यों के लिए कक्ष, सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, सामान्य केंद्रीय सचिवालय के 10 भवन, केंद्रीय सम्मेलन केंद्र, राष्ट्रीय अभिलेखागार के लिए अतिरिक्त भवन, कला भवन के लिए नया इंदिरा गांधी राष्ट्रीय केंद्र शामिल है। सुरक्षा अधिकारियों के लिए सुविधाएं और उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री के लिए आधिकारिक आवास, प्रधान मंत्री कार्यालय के साथ कार्यकारी एन्क्लेव, कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक में राष्ट्रीय संग्रहालय का स्थानांतरण आदि इस प्रोजेक्ट के हिस्सा हैं।
इन सभी परियोजनाओं को 2026 तक चरणबद्ध और अनुक्रमिक तरीके से नियोजित किया गया है। नई संसद भवन की परियोजना टाटा प्रोजेक्ट्स को 862 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर प्रदान की गई है, जबकि सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के कायाकल्प की परियोजना को अनुमानित लागत पर प्रदान किया गया है। शापूरजी पल्लोनजी ग्रुप को 477 करोड़ रुपये में इसे बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
नया संसद भवन अक्टूबर 2022 तक बनकर हो जाएगा तैयार
नया संसद भवन अक्टूबर 2022 तक पूरा होने वाला है। वर्तमान में 39 मंत्रालय सेंट्रल विस्टा पर स्थित हैं जबकि लगभग 12 मंत्रालयों के कार्यालय विस्टा के बाहर हैं। पुनर्विकास के हिस्से के रूप में समन्वय में सुधार के लिए सभी 51 मंत्रालयों को एक स्थान पर स्थित करने का प्रस्ताव है। सेंट्रल विस्टा के वर्तमान भवनों को आधुनिक कार्यालय भवनों से बदला जाएगा, जिनकी क्षमता लगभग 54,000 कर्मियों की होगी। इन सभी कार्यालयों को ऑटोमेटेड अंडरग्राउंड पीपल मूवर, ओवर ग्राउंड शटल और वॉकवे के माध्यम से जोड़ने का प्रस्ताव है।
यमुना नदी पर एक नए प्रोजेक्ट बनाने की तैयारी
पिछले साल लार्सन एंड टुब्रो को कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट के 10 में से पहले तीन भवनों के निर्माण और रखरखाव का ठेका दिया गया था। छह बुनियादी ढांचा फर्म अब कार्यकारी एन्क्लेव के निर्माण के लिए अनुबंध जीतने की दौड़ में हैं, जिसमें नया पीएमओ, कैबिनेट सचिवालय, इंडिया हाउस और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय होगा। परियोजना के हिस्से के रूप में यमुना नदी के किनारे एक ‘नव भारत उद्यान’ की भी योजना है, जो इंडिया गेट से नदी तक फैलेगी।







