जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद के लिए भरा नामांकन
भारत के नये उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए आगामी छह अगस्त को होने वाले चुनाव के मद्देनजर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में धनखड़ ने नामांकन दाखिल किया।
नामांकन दाखिल करने से पहले धनखड़ ने उनका समर्थन कर रहे विभिन्न दलों के सांसदों के साथ संसद भवन परिसर में एक बैठक भी की।
प्रधानमंत्री मोदी भी इस बैठक में मौजूद थे। उनके अलावा बीजू जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी के सांसद भी इस अवसर पर मौजूद थे।
विपक्षी दलों ने उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने संयुक्त उम्मीदवार के रूप में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा को मैदान में उतारा है।
उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 19 जुलाई है।
धनखड़ की उम्मीदवारी
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ को उपराष्ट्रपति पद के होने वाले चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
उपराष्ट्रपति के लिए 6 अगस्त को मतदान होगा और मतों की गिनती उसी दिन होगी। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में हुई भारतीय जनता पाटी (भाजपा) की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई संसदीय बोर्ड की बैठक के पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने यह घोषणा की। धनखड़ की उम्मीदवारी पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया कि ’जगदीप धनखड़ विधायी मामलों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। उन्हें हमारे संविधान का उत्कृष्ट ज्ञान है। मुझे विश्वास है कि राज्य सभा में एक उत्कृष्ट सभापति होंगे और राष्ट्रीय प्रगति को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सदन की कार्यवाही का मार्गदर्शन करेंगे।’ धनखड़ राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं, और उन्होंने सर्वोच्च अदालत में भी वकालत की है।
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव किठाना में 18 मई, 1951 को किसान परिवार में जन्मे धनखड़ की स्कूली पढ़ाई सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में हुई। बाद में राजस्थान विश्वविद्यालय से भौतिकी में स्नातक और वकालत की पढ़ाई की। किसान जाट परिवार से आने वाले जगदीप धनखड़ का आईआईटी, एनडीए और आईएएस के लिए भी चयन हुआ, लेकिन उन्होंने वकालत को अपने पेशा बनाया। धनखड़ 1989 में झुंझुनूं से लोक सभा का चुनाव जीते। 1989 से 1991 तक वे वीपी सिंह तथा चंद्रशेखर की सरकार में केंद्रीय मंत्री बनाए गए। 30 जुलाई, 2019 से वे प. बंगाल के राज्यपाल हैं।
राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से धनखड़ का अलग-अलग मुद्दों पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ टकराव होता रहा। मौजूदा संख्या बल के आधार पर धनखड़ का चुना जाना तय है। उपराष्ट्रपति पद पर पहुंचते हैं, तो संसद के दोनों सदनों को चलाने वाले राजस्थान के नेता होंगे। लोक सभा स्पीकर ओम बिरला कोटा से सांसद हैं। उपराष्ट्रपति राज्य सभा के पदेन सभापति होते हैं। उपराष्ट्रपति बनने पर राजस्थान से इस पद पर पहुंचने वाले दूसरे व्यक्ति होंगे। राजस्थान के भैरों सिंह शेखावत भी उपराष्ट्रपति रहे। माना जा रहा है कि भाजपा ने धनखड़ को उम्मीदवार बनाकर कई निशाने साधे हैं। राजस्थान में अगले साल असेंबली के चुनाव होने हैं। धनखड़ राजस्थान से आते हैं। राजस्थान में जाट वोटर अहम हैं, साथ ही धनखड़ जाट परिवार से आते हैं।







