मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में मुख्य रूप से पुलिस व जमीन से जुड़े मामले सुन रहे हैं। उनके सामने एक से एक बढ़कर हैरान करने वाले और संगीन आरोपों वाली शिकायतें आ रही हैं। एक युवक ने कहा कि उसकी मां ने पिता की हत्या करवा दी, लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की हत्या कर दी गई, लेकिन न तो पुलिस कोई कार्रवाई कर रही है और न ही प्रशासन कोई मुआवजा ही दे रहा है। युवक ने कहा कि भू-माफिया की हरकत का विरोध करने पर वह बीच चौराहे पर पत्नी से दुष्कर्म करने की धमकी देता है।
जेपी सेनानी पेंशन के लिए उठाई आवाज
मुख्यमंत्री के सामने पहली शिकायत जमीन विवाद की पहुंची। पहला आवेदन लेकर पहुंचे बुजुर्ग फरियादी सीएम को अपनी परेशानी बताते हुए रो पड़े। उन्होंने बताया कि उनकी जमीन के विवाद में पुलिस उनके ही बेटे को लेकर चली गई। एक बुजुर्ग ने जेपी सेनानी पेंशन नहीं मिलने की शिकायत लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जेपी आंदोलन के दौरान वे भादवि की धाराओं के तहत जेल गए थे। उन्होंने बताया कि 1974 में जेल जाने के बावजूद उन्हें जेपी सेनानी पेंशन नहीं मिल रही है। इस पर सीएम ने कहा कि तय मानकों के अनुरूप पाए जाने वाले सभी लोगों को पेंशन दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारी को फोन लगाते हुए कहा कि उनके आवेदन पर नियमों के अनुसार विचार किया जाए।
जनता दरबार में एक बुजुर्ग अचानक रोने लगा। CM ने जब रोने का कारण पूछा तो बुजुर्ग ने कहा कि साहब, मेरे बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब मेरा कोई सहारा नहीं है। इस पर CM ने वृद्ध फरियादी को DGP के पास भेजा और कहा कि DGP इस मामले को देखेंगे।
वहीं, एक व्यक्ति ने CM से कहा कि गांव के दबंग भू-माफिया ने परेशान कर रखा है। जमीन हमारी है, वो पैसा मांगता है। मेरी पत्नी DIG से शिकायत करने पहुंची तो भू-माफिया ने चौराहे पर इज्जत लूटने की धमकी दी। सर कुछ करिए…। इस पर मुख्यमंत्री ने युवक को DGP के पास भेज दिया।
बेतिया से आए एक युवक ने CM के सामने कहा कि हमारे पिता पुलिस में थे। सर्विस के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मौत के बाद हमें अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा रही। पुलिस विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि आपके 2-2 भाई नौकरी में हैं, इसीलिए आपको अनुकंपा पर नौकरी नहीं दी जा सकती। इस पर मुख्यमंत्री ने DGP को फोन लगाकर कहा कि जब अनुकंपा पर नौकरी दी जाती है तो इस युवक को नौकरी क्यों नहीं मिली? अगर कोई तकनीकी बाधा है तो देखिए।
पुलिस ने इतना मारा कि दिव्यांग हो गए
एक दिव्यांग व्यक्ति ने पुलिस की शिकायत करते हुए कहा कि कोलकाता में काम करता था। गांव आया था। एक न्योता में बाइक से गया। जब गांव लौट रहा था तो पुलिस ने पकड़ लिया। लाइसेंस मांगा तो नहीं था। इस पर पुलिस ने एक हजार रुपए मांगे। उसके पास रुपए नहीं थे। फिर पुलिस वालों ने उसे खूब मारा। वो बेहोश हो गए। बाद में पुलिस वाले ही उसे अस्पताल ले गए। जब युवक पुलिस थाने में गया तो उसका केस दर्ज नहीं किया जा रहा है। युवक ह्वील चेयर के सहारे जनता दरबार में पहुंचा था।
जनता दरबार में एक लड़की ने CM से कहा कि मेरे पापा का एक साल पहले अपहरण हो गया। भू-माफिया ने जमीन हड़प ली, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। CM नीतीश कुमार ने तुरंत DGP को फोन कर मामले को गंभीरता से देखने को कहा।
बता दें, नवंबर के पहले सोमवार को CM ने गृह, पुलिस, सामान्य प्रशासन, जमीन और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों को सुना।
रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जनता दरबार में हो सकते हैं शामिल
महीने के पहले सोमवार को जनता दरबार में गृह विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार, कारा, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, निगरानी, खान एवं भूतत्व तथा सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़ी शिकायतों को सुना जाता है। जनता दरबार में मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत दर्ज कराने के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद अप्वाइंटमेंट के आधार पर जनता दरबार में शामिल होने का मौका मिलता है।
इस वेबसाइट के जरिए करेंगे जनता दरबार के लिए अप्लाई
जनता दरबार में सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने के लिए आप भी सरकार की निर्धारित वेबसाइट https://jkdmm.bih.nic.in/Jantadarbar/ पर जाकर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। इस खास पोर्टल के डैशबोर्ड पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार फिलहाल 23,134 आवेदन लंबित हैं। इनमें पहले सोमवार के लिए 8234, दूसरे सोमवार के लिए 7484, तीसरे सोमवार के लिए 7416 आवेदन मिले हैं। इनमें सबसे अधिक आवेदन गृह विभाग, शिक्षा विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े हुए हैं।







