तिहाड़ जाने से बच गए पी. चिदंबरम,5 सितंबर तक CBI की हिरासत में रहेंगे, जमानत के लिए निचली अदालत जाएंः कोर्ट

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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को फिलहाल तिहाड़ जेल नहीं भेजा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन के लिए सीबीआई कस्टडी बढ़ा दी है. साथ कोर्ट ने कहा है कि पी. चिदंबरम ने ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए जाएं.
इससे पहले पी. चिदंबरम की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हमारी अपील कोर्ट ने नहीं सुनी, हमने अपने नोटिस का जवाब आधी रात को ही दिया. हमने रिमांड में भी चुनौती दी है. उन्होंने कहा कि सीबीआई का नोटिस वैध नहीं था, क्योंकि हमारा मामला सुप्रीम कोर्ट में था. 74 साल के पी. चिदंबरम को घर में ही नजरबंद रख सकते थे.
कपिल सिब्बल ने कहा कि पी. चिदंबरम को अंतरिम प्रोटेक्शन दीजिए, वो कहीं जाएंगे नहीं. अगर उन्हें तिहाड़ भेजा गया, तो उनकी अपील का फायदा नहीं होगा. कपिल सिब्बल ने कहा कि पी. चिदंबरम 74 साल के हैं, पूर्व मंत्री हैं और ऐसे में उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है.
कपिल सिब्बल ने कहा कि पी. चिदंबरम को तिहाड़ ना भेजा जाए, बस घर में नजरबंद कर दिया जाए.

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कपिल सिब्बल ने कहा कि पी. चिदंबरम को तिहाड़ ना भेजा जाए, बस घर में नजरबंद कर दिया जाए. उन्होंने अपील करते हुए कहा कि कोर्ट पी. चिदंबरम को या तो नजरबंद करे या फिर अंतरिम जमानत दे. वकील ने अपील की कि उन्हें तीन दिन का समय किया जाए, या निचली अदालत से कहें कि तीन दिन की रिमांड बढ़ा दी जाए.
इस दौरान जस्टिस भानुमती ने कहा कि आप निचली अदालत में हाउस अरेस्ट की अपील क्यों नहीं करते हैं, इसपर कपिल सिब्बल ने कहा कि क्योंकि वहां से अपील खारिज हो जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने पी. चिदंबरम को अंतरिम जमानत के लिए ट्रायल कोर्ट जाने को कहा है. ट्रायल कोर्ट सीबीआई कस्टडी को भी बढ़ा सकता है. हालांकि, सीबीआई ने इसका विरोध किया और कहा कि सीबीआई सिर्फ सोमवार तक कस्टडी के लिए राजी हुई थी.
अब सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अगर अंतरिम याचिका खारिज हो तो कस्टडी तीन दिन के लिए बढ़ जाए. अब इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी. ऐसे में इसे चिदंबरम के लिए राहत माना जा रहा है, क्योंकि अगर सीबीआई कस्टडी बढ़ती है तो पी. चिदंबरम को तिहाड़ नहीं जाना होगा.

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पी. चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि रात 12 बजे के नोटिस पर कौन फैसला. वहीं कोर्ट ने कहा कि हम हाउस अरेस्ट नहीं करेंगे तो सिब्बल ने कहा कि हमें अंतरिम जमानत दे दीजिए. तब कोर्ट ने कहा कि आप ट्रायल कोर्ट में बात रखिए. सिब्बल ने फिर कहा कि कोई भी शर्त लगा दीजिए आप संरक्षण दे दीजिए यह 2007 का केस है.  आपको बता दें कि पी. चिदंबरम पर आरोप है कि उनके वित्त मंत्री रहने के दौरान आईएनएक्स मीडिया में विदेशी निवेश की सुविधा दी गई थी और बदले में उनके बेटे कार्ति चिदंबरम के कंपनी को फायदा पहुंचाया गया था

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